Jhansi News: डीएम-एसएसपी संग किया निरीक्षण, महिला बंदियों और बच्चों से संवाद; सुविधाओं की गुणवत्ता पर संतोष
Jhansi News: जिलाधिकारी मृदुल चौधरी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ती के साथ संयुक्त रूप से जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया।
डीएम-एसएसपी संग किया निरीक्षण, महिला बंदियों और बच्चों से संवाद; सुविधाओं की गुणवत्ता पर संतोष (Photo- Newstrack)
Jhansi News: झांसी, उत्तर प्रदेश: झांसी में जनपद न्यायाधीश श्रीमती कमलेश कच्छल ने जिलाधिकारी मृदुल चौधरी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ती के साथ संयुक्त रूप से जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कारागार परिसर में नवनिर्मित ओपन जिम का फीता काटकर विधिवत उद्घाटन किया। जनपद न्यायाधीश ने इस अवसर पर कहा कि "स्वच्छ शरीर में ही स्वच्छ एवं सुंदर विचारों का वास होता है।" उन्होंने महिला कैदियों को भी स्वस्थ रहने के लिए नियमित व्यायाम करने की सलाह दी, जिससे वे बीमारियों से दूर रह सकें।
निरीक्षण के दौरान, जनपद न्यायाधीश ने जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के साथ बैरक में निरुद्ध महिला कैदियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने उनसे मिल रही सुविधाओं, खासकर स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी ली। महिला बंदियों ने बताया कि बीमार होने पर डॉक्टर द्वारा उनका उचित इलाज किया जाता है। इस मानवीय पहल के तहत, जनपद न्यायाधीश ने महिला बंदियों के बच्चों को गुब्बारे, चॉकलेट और स्नैक्स वितरित किए और उनके साथ प्यार-दुलार किया।
अधिकारियों ने कारागार की रसोईघर का भी निरीक्षण किया, जहां बनी सब्जी और दाल की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त किया गया। पाकशाला में साफ-सफाई के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए। इसके उपरांत, कारागार में बने अस्पताल का निरीक्षण किया गया, जहां मरीजों से उनके इलाज के संबंध में जानकारी ली गई और किसी भी समस्या को तुरंत अवगत कराने के निर्देश दिए गए।
वृद्ध बंदियों से भी वार्ता की गई और उनसे पूछा गया कि यदि उन्हें इलाज अथवा अन्य किसी भी प्रकार की परेशानी हो, तो वे बताएं ताकि समस्या का तत्काल समाधान किया जा सके। जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने बरसात के मौसम को देखते हुए सभी बंदियों को संचारी रोगों से बचाए जाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर इंतजाम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कारागार में फॉगिंग कराए जाने के भी आदेश दिए।
निरीक्षण के समय मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुधाकर पाण्डेय, वरिष्ठ कारागार अधीक्षक विनोद कुमार, कारपाल प्रदीप कश्यप, उप कारपाल श्रीमती मोनिका सचान एवं जेल चिकित्सक डॉ. रामस्वरूप श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। इस निरीक्षण का उद्देश्य कारागार में बंदियों के स्वास्थ्य, सुविधाओं और मानवीय परिस्थितियों में सुधार सुनिश्चित करना था।