Kannauj News: 3 जून को पहुंचेगी गो-रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा, संतों ने संरक्षण का संदेश दिया
Kannauj News: कन्नौज में 3 जून को गो-रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा पहुंचेगी। संतों ने गौसंरक्षण, सनातन जागरण और समाज में धार्मिक चेतना फैलाने का संदेश दिया।
Kannauj News(Photo-Social Media)
Kannauj News: कन्नौज में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान “गो-रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा” को लेकर विस्तृत जानकारी दी गई। कानपुर मंडल प्रभारी पप्पू भैया और जिला प्रभारी कौशल जी महाराज ने बताया कि यह 81 दिवसीय विशाल यात्रा गोरखपुर से प्रारंभ हुई है, जिसका समापन नोएडा में होगा। इस यात्रा का उद्देश्य गौमाता की रक्षा, सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार और समाज में धार्मिक एवं सांस्कृतिक जागरूकता फैलाना है।
प्रेस वार्ता में बताया गया कि यह यात्रा विभिन्न जनपदों से गुजरते हुए 3 जून को कन्नौज पहुंचेगी। यात्रा के स्वागत को लेकर जिले में व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। यात्रा का रूट तिर्वा से बेला, फिर बेला से वापस तिर्वा तक रहेगा। इसके बाद तिर्वा से पाल चौराहे तक यात्रा का भव्य स्वागत और सत्कार किया जाएगा। वहीं देर शाम यात्रा छिबरामऊ पहुंचेगी, जहां एक निजी गेस्ट हाउस में संतों और पदाधिकारियों का रात्रि विश्राम होगा। अगले दिन यात्रा फर्रुखाबाद के लिए प्रस्थान करेगी।
कौशल जी महाराज ने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य गौवंश संरक्षण को लेकर समाज को जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि गौमाता केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की पहचान भी है। समाज को एकजुट होकर गौहत्या रोकने और गौसेवा को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में सनातन संस्कृति पर लगातार प्रहार हो रहे हैं, ऐसे में समाज को जागरूक करने के लिए इस प्रकार की यात्राएं आवश्यक हैं। यात्रा के दौरान संत समाज लोगों को धर्म, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों के प्रति जागरूक करेगा। साथ ही युवाओं को भारतीय परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। जगह-जगह धार्मिक सभाएं, स्वागत कार्यक्रम और जनजागरण अभियान भी चलाए जाएंगे।
कानपुर मंडल प्रभारी पप्पू भैया ने कहा कि यात्रा को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। विभिन्न जिलों में श्रद्धालु और सनातन प्रेमी बड़ी संख्या में यात्रा का स्वागत कर रहे हैं। कन्नौज में भी यात्रा का ऐतिहासिक स्वागत किए जाने की संभावना है और हजारों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। यात्रा को सफल बनाने के लिए विभिन्न पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। विधानसभा प्रभारी के रूप में आशुतोष त्रिपाठी को जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा कई स्थानीय कार्यकर्ता और सामाजिक संगठन भी तैयारियों में जुटे हुए हैं।
संतों ने लोगों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में यात्रा में शामिल होकर गौमाता और सनातन धर्म के संरक्षण का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने का एक अभियान है, जिसका उद्देश्य भारतीय संस्कृति और परंपराओं को मजबूत करना है।