Lakhimpur Kheri News: बाला जी धाम गुलौला: आस्था का नया केंद्र, जहां हर मुराद होती है पूरी
Lakhimpur Kheri News: नीमगांव-गोला रोड पर स्थित बाला जी धाम गुलौला में दूर-दराज से भक्त पहुंचते हैं, मंगलवार और शनिवार को विशेष पूजा, सुंदरकांड और भंडारे का आयोजन होता है।
बाला जी धाम गुलौला: आस्था का नया केंद्र, जहां हर मुराद होती है पूरी (Photo- Newstrack)
Lakhimpur Kheri News: लखीमपुर खीरी जिले में आस्था का एक नया केंद्र तेजी से लोगों के बीच अपनी पहचान बना रहा है। नीमगांव-गोला रोड पर गुलौला गांव के पास मुख्य सड़क पर स्थित बाला जी धाम गुलौला में दूर-दराज से भक्त दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। इस रास्ते से गुजरने वाले लोग भी बजरंग बली के दरबार में शीश झुकाना नहीं भूलते हैं।
पहले यह स्थान एक छोटा सा मंदिर हुआ करता था, लेकिन अब यह हजारों भक्तों की आस्था का बड़ा केंद्र बन चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मुराद पूरी होती है। नौकरी, शादी-विवाह और संतान प्राप्ति की मनोकामना लेकर बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और बाला जी के दरबार में अपनी मनोकामना रखते हैं।
15 साल पहले हुई थी मंदिर की स्थापना
मंदिर के पुजारी बताते हैं कि बाला जी धाम गुलौला की स्थापना करीब 15 साल पहले हुई थी। शुरुआती दौर में मंदिर में गिने-चुने लोग ही दर्शन के लिए पहुंचते थे। समय के साथ मंदिर के प्रति लोगों की आस्था बढ़ती गई। खासकर पिछले दो से तीन वर्षों में बाला जी धाम की महिमा आसपास के क्षेत्रों में तेजी से फैली है।
अब लखीमपुर खीरी के साथ ही दूर-दराज के जिलों से भी श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचने लगे हैं। मंगलवार और शनिवार को मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ बढ़ जाती है और यहां मेले जैसा माहौल दिखाई देता है।
मंगलवार को सुंदरकांड पाठ और भंडारे का आयोजन
बाला जी धाम गुलौला में हर मंगलवार को विशेष आयोजन किया जाता है। इस दौरान भव्य सुंदरकांड पाठ के साथ विशाल भंडारे का आयोजन होता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन आयोजनों में शामिल होते हैं और बजरंग बली का आशीर्वाद लेते हैं।
शाम के समय हनुमान जी का विशेष श्रृंगार किया जाता है। सिंदूर और गेंदा के फूलों से किए गए श्रृंगार के बाद हनुमान जी की प्रतिमा की छटा देखते ही बनती है। मंदिर में पहुंचने वाले श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर अपनी मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करते हैं।
मुख्य सड़क पर ही स्थित है धाम
बाला जी धाम गुलौला पहुंचना भी काफी आसान है। यह मंदिर नीमगांव से गोला जाने वाली सड़क पर गुलौला गांव के पास मुख्य रोड पर ही स्थित है। नीमगांव से मंदिर की दूरी करीब तीन किलोमीटर है। गोला गोकर्णनाथ से यह धाम करीब 18 किलोमीटर और लखीमपुर से करीब 35 किलोमीटर दूर है।
आस्था के इस केंद्र में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या के बीच बाला जी धाम गुलौला आसपास के लोगों के लिए धार्मिक आस्था का प्रमुख स्थान बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों के बीच मान्यता है कि जो भक्त सच्चे मन से बाला जी के दरबार में पहुंचता है, वह यहां से आशीर्वाद लेकर लौटता है।