UP Police Recruitment: सीएम योगी बोले- यूपी पुलिस में इसी वर्ष 1 लाख भर्ती, 936 को दिए नियुक्ति पत्र
UP Police Recruitment: सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी पुलिस में इस वर्ष 1 लाख भर्ती की घोषणा की। 936 दूरसंचार कर्मियों को नियुक्ति पत्र दिए गए और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पर जोर दिया गया।
UP Police Recruitment: लखनऊ में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती प्रक्रिया को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड लगभग एक लाख नई भर्तियां करने जा रहा है। यह घोषणा युवाओं के लिए बड़ी राहत और अवसर के रूप में देखी जा रही है, खासकर उन उम्मीदवारों के लिए जो लंबे समय से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं। इसी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार विभाग में चयनित 936 प्रधान परिचालकों और प्रधान परिचालक (यांत्रिक) को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित इस कार्यक्रम में 10 नवचयनित अभ्यर्थियों को मंच पर बुलाकर नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि नियुक्ति ईमानदारी से मिली है, तो काम भी उतनी ही ईमानदारी और निष्ठा से किया जाना चाहिए।
“ईमानदारी से भर्ती हुई है, तो साफ नीयत से काम करें” – सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में नवचयनित कर्मियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सरकार ने पूरी भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया है। उन्होंने कहा कि अब यह आपकी जिम्मेदारी है कि आप बिना किसी भेदभाव, पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ देश और समाज की सेवा करें। उन्होंने यह भी कहा कि जब हर नागरिक अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करेगा, तभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” का सपना साकार होगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार का व्यक्तिगत अहंकार, जाति, धर्म या क्षेत्रीय भावना राष्ट्रहित से ऊपर नहीं हो सकती।
9 साल पहले भर्ती में था भ्रष्टाचार, अब पूरी पारदर्शिता
सीएम योगी ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 9 साल पहले भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं थी। उस समय नियुक्तियों में भ्रष्टाचार, सिफारिश और पैसे के लेनदेन की शिकायतें आम थीं। लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने बताया कि अब केवल योग्यता, क्षमता और आरक्षण नियमों के आधार पर भर्ती होती है। किसी भी उम्मीदवार को न तो सिफारिश की जरूरत है और न ही पैसे देने की। यह बदलाव उत्तर प्रदेश में मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था का प्रमाण है।
2.20 लाख से अधिक पुलिस कर्मियों की भर्ती
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश पुलिस में 2.20 लाख से अधिक कार्मिकों की भर्ती की गई है। उन्होंने कहा कि यह देश में किसी भी राज्य की तुलना में सबसे बड़ी भर्ती प्रक्रिया है। हाल ही में 60,000 आरक्षियों की एक साथ दीक्षांत परेड भी आयोजित की गई, जो पुलिस इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि है। ये सभी जवान अब प्रदेश में कानून व्यवस्था को और मजबूत करेंगे।
यूपी पुलिस अब अर्थव्यवस्था में भी दे रही योगदान
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस अब सिर्फ कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य की आर्थिक वृद्धि (Economic Growth) में भी अप्रत्यक्ष रूप से योगदान दे रही है। कानून का राज स्थापित होने से निवेश बढ़ा है और उद्योगों का विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित वातावरण के कारण आज यूपी में देश और विदेश के निवेशक आकर्षित हो रहे हैं, जिससे रोजगार और विकास दोनों बढ़ रहे हैं।
फिटनेस और स्मार्ट पुलिसिंग पर जोर
मुख्यमंत्री ने नवचयनित कर्मियों को फिटनेस और अनुशासन का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि शारीरिक रूप से फिट रहने से मानसिक रूप से भी मजबूती मिलती है, जो पुलिस सेवा के लिए जरूरी है। उन्होंने दूरसंचार विभाग की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि आधुनिक पुलिसिंग में संचार व्यवस्था सबसे अहम हिस्सा है। यूपी पुलिस ने अब वॉकी-टॉकी से आगे बढ़कर स्मार्ट कम्युनिकेशन सिस्टम को अपनाया है।
अवसंरचना और प्रशिक्षण में बड़ा बदलाव
सीएम योगी ने बताया कि 2017 से पहले पुलिस प्रशिक्षण और इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति कमजोर थी, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। वर्तमान में एक साथ हजारों जवानों को प्रशिक्षण देने की क्षमता विकसित की गई है। राज्य में नए थाने, फायर स्टेशन, फॉरेंसिक लैब और पुलिस बैरक का तेजी से निर्माण किया गया है, जिससे पुलिस व्यवस्था और मजबूत हुई है।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह घोषणा न केवल युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा अवसर है, बल्कि यह यूपी पुलिस के आधुनिकीकरण और पारदर्शी भर्ती प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। एक लाख नई भर्तियों का ऐलान राज्य में सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत करेगा।