Mahoba News: हमारा वोट लेकर सत्ता में आने वाले ही बेच रहे गौ माता, साधा सरकार पर निशाना
Mahoba News: महोबा में गौ संरक्षण को लेकर बयानबाजी तेज हो गई। वक्ताओं ने सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सत्ता में आने वाले ही गौ माता को बेच रहे हैं।
Mahoba News(Photo-Social Media)
Mahoba News: उत्तर प्रदेश के महोबा जनपद में गो रक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा के दौरान पहुंचे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि हमारा वोट लेकर सत्ता में आने वाले लोग ही गौ माता को बेच रहे हैं। चरखारी के ऐतिहासिक बटुक भैरवनाथ मंदिर में दर्शन के बाद शंकराचार्य ने कहा कि आज भारत विश्व गुरु से विश्व कसाई बनने की राह पर है। यही नहीं उन्होंने कहा कि जब राजा की दिशा बदल जाए, तो कान पकड़कर उसे सही रास्ते पर लाना शंकराचार्य का कर्तव्य है।
धर्म, संस्कृति और गौ रक्षा का संकल्प लेकर निकले शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती वीर आल्हा-ऊदल की ऐतिहासिक धरती महोबा पहुंचे। सुबह से ही शंकराचार्य ने महोबा के प्रसिद्ध मां बड़ी चंद्रिका देवी मंदिर और कट्ठेश्वर महादेव मंदिर में विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया। इसके बाद उनका काफिला चरखारी विधानसभा क्षेत्र के प्राचीन बटुकनाथ भैरव मंदिर पहुंचा, जहां सनातन प्रेमियों और गौ भक्तों ने पुष्पवर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया। मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोच्चार और भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया, जहां जगद्गुरु ने उपस्थित जनसमूह को गौ रक्षा और सनातन मूल्यों की रक्षा की शपथ दिलाई।
3 मई को गोरखपुर से शुरू हुई इस यात्रा के दौरान अब तक 125 विधानसभा क्षेत्रों का भ्रमण कर चुके शंकराचार्य ने पत्रकारों से बात करते हुए केंद्र और राज्य सरकार पर तीखे राजनीतिक बाण चलाए। उन्होंने सत्ताधारी दल पर नकली हिंदू होने का आरोप लगाते हुए कहा कि जो लोग हमारा वोट लेकर सत्ता में आए, वही आज गौ माता को बेच रहे हैं। सरकार के गौ रक्षा के दावे सिर्फ कागजों पर हैं, जबकि हकीकत में गायों की दुर्दशा जारी है। शंकराचार्य ने तल्ख लहजे में कहा कि जो भारत कभी विश्व गुरु था, वो आज दुनिया का सबसे बड़ा मांस विक्रेता यानी विश्व कसाई बन गया है। इनकी कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है। शंकराचार्य ने असम और बंगाल के मुख्यमंत्रियों के बयानों का हवाला देते हुए उनके हिंदुत्व को महज चुनावी भाषण बाजी करार दिया। उन्होंने साफ किया कि उनका राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन जब राजा की दिशा बदल जाए, तो कान पकड़कर उसे सही रास्ते पर लाना शंकराचार्य का कर्तव्य है।
वहीं इस बीच दिलचस्प बात यह रही कि चरखारी पहुंचे शंकराचार्य का स्वागत करने के लिए समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष दिनेश राजपूत और विधानसभा अध्यक्ष बसंत राजपूत समेत बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता भी सड़कों पर पुष्पवर्षा करते नजर आए।