Mainpuri News: ग्रामसभा भूमि पर फर्जी कब्जे का आरोप, डीएम ने गठित की छह सदस्यीय जांच समिति
Mainpuri News: करहल के कनकपुर में 50 एकड़ से अधिक ग्रामसभा भूमि पर फर्जी प्रविष्टियों से कब्जे के आरोपों की जांच के लिए डीएम ने छह सदस्यीय समिति गठित की।
ग्रामसभा भूमि पर फर्जी कब्जे का आरोप, डीएम ने गठित की छह सदस्यीय जांच समिति (Photo- Newstrack)
Mainpuri News: उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जनपद में जनसुनवाई के दौरान प्राप्त एक गंभीर शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने ग्रामसभा एवं सुरक्षित श्रेणी की भूमि पर कथित फर्जी प्रविष्टियों के माध्यम से कब्जा किए जाने के मामले को गंभीरता से लिया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि करहल तहसील क्षेत्र के ग्राम कनकपुर में लगभग 50 एकड़ से अधिक ग्रामसभा भूमि पर फर्जी आदेशों और अभिलेखीय हेरफेर के जरिए नाम दर्ज कराकर कब्जा किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।
छह सदस्यीय समिति का गठन
जिलाधिकारी ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए छह सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति को 15 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में शिकायत सही पाई जाती है तो फर्जी प्रविष्टियां कराने वाले व्यक्तियों के साथ-साथ इसमें संलिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत के अनुसार करहल तहसील के ग्राम कनकपुर स्थित गाटा संख्या 08, 91 और 102 की करीब 50 एकड़ से अधिक भूमि पर फर्जी आदेशों के आधार पर नाम दर्ज कराए गए। आरोप है कि नीता कुमारी, ज्ञानेश चंद्र और कमलेश सहित कुछ लोगों ने खतौनी वर्ष 1390 से 1395 फसली के आधार पर यह प्रविष्टियां कराईं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि सुरक्षित श्रेणी में दर्ज गाटा संख्या 91, जो चकरोड के रूप में दर्ज है, तथा खाद के गड्ढों के लिए आरक्षित भूमि पर भी कथित रूप से कब्जा किया गया।
उप निबंधक करहल को निर्देश
प्रशासन को यह भी जानकारी मिली है कि संबंधित भूमि पर प्लॉटिंग की जा रही है और कुछ भूमि का बैनामा कर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना से जुड़े मुआवजे के रूप में लगभग 23 लाख रुपये की धनराशि प्राप्त करने का भी आरोप है।
इसके बाद जिलाधिकारी ने उप निबंधक करहल को निर्देश दिए हैं कि संबंधित गाटा संख्या की किसी भी भूमि का बैनामा जिला प्रशासन की अनुमति के बिना न किया जाए।
जांच समिति की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) को सौंपी गई है। समिति में उप जिलाधिकारी करहल, डिप्टी कलेक्टर ध्रुव शुक्ला, एएसओ चकबंदी, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता तथा उप निबंधक करहल को शामिल किया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि सार्वजनिक और ग्राम समाज की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या अभिलेखों में हेरफेर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।