Meerut News: मेरठ में फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट रैकेट का भंडाफोड़, नकली मोहरों के साथ आरोपी गिरफ्तार

Meerut News: मेरठ में फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट मामले की जांच के दौरान पुलिस ने जुबैर अहमद को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से डॉक्टर और अस्पताल के नाम की फर्जी मोहरें, मोबाइल फोन और सादे लेटर पैड बरामद हुए हैं।

Update:2026-06-20 22:32 IST

Meerut News: सुशील कुमार Meerut News: उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद में महिला कांस्टेबल द्वारा कथित रूप से फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट के इस्तेमाल के मामले की जांच करते हुए मेरठ पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो डॉक्टर और अस्पताल के नाम की मोहरों का इस्तेमाल कर कूटरचित दस्तावेज तैयार करता था। सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चिकित्सक और अस्पताल की फर्जी मोहरें, मोबाइल फोन तथा अस्पताल के सादे लेटर पैड बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, 17 जून को उपनिरीक्षक अनिल कुमार की तहरीर पर थाना सिविल लाइन में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि महिला कांस्टेबल आरिफा ने फर्जी चिकित्सा प्रमाण-पत्र और अन्य दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। मामले की विवेचना के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले, जिनके आधार पर ग्राम राधना, थाना किठौर निवासी जुबैर अहमद का नाम सामने आया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित टीम ने शनिवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का दावा है कि आरोपी के पास से डॉ. अभिमन्यु वशिष्ठ और लोटस हॉस्पिटल के नाम की दो मोहरें, दो मोबाइल फोन तथा लोटस हॉस्पिटल के चार सादे लेटर पैड बरामद हुए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी इन मोहरों और लेटर पैड का इस्तेमाल कर फर्जी मेडिकल दस्तावेज तैयार करता था। दस्तावेजों पर कथित रूप से फर्जी हस्ताक्षर भी किए जाते थे, जिनका उपयोग विभिन्न उद्देश्यों से किया जाता था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इस तरह के कितने दस्तावेज तैयार किए गए और किन-किन लोगों ने उनका लाभ उठाया।

पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी, कूटरचना और जालसाजी से संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी करते हुए जांच आगे बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि बरामद मोबाइल फोन की भी जांच की जा रही है, जिससे इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी मिल सकती है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले की विवेचना जारी है और जांच के आधार पर आगे और कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।सुशील कुमार Meerut News: उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद में महिला कांस्टेबल द्वारा कथित रूप से फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट के इस्तेमाल के मामले की जांच करते हुए मेरठ पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो डॉक्टर और अस्पताल के नाम की मोहरों का इस्तेमाल कर कूटरचित दस्तावेज तैयार करता था। सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चिकित्सक और अस्पताल की फर्जी मोहरें, मोबाइल फोन तथा अस्पताल के सादे लेटर पैड बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, 17 जून को उपनिरीक्षक अनिल कुमार की तहरीर पर थाना सिविल लाइन में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि महिला कांस्टेबल आरिफा ने फर्जी चिकित्सा प्रमाण-पत्र और अन्य दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। मामले की विवेचना के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले, जिनके आधार पर ग्राम राधना, थाना किठौर निवासी जुबैर अहमद का नाम सामने आया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित टीम ने शनिवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का दावा है कि आरोपी के पास से डॉ. अभिमन्यु वशिष्ठ और लोटस हॉस्पिटल के नाम की दो मोहरें, दो मोबाइल फोन तथा लोटस हॉस्पिटल के चार सादे लेटर पैड बरामद हुए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी इन मोहरों और लेटर पैड का इस्तेमाल कर फर्जी मेडिकल दस्तावेज तैयार करता था। दस्तावेजों पर कथित रूप से फर्जी हस्ताक्षर भी किए जाते थे, जिनका उपयोग विभिन्न उद्देश्यों से किया जाता था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इस तरह के कितने दस्तावेज तैयार किए गए और किन-किन लोगों ने उनका लाभ उठाया।

पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी, कूटरचना और जालसाजी से संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी करते हुए जांच आगे बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि बरामद मोबाइल फोन की भी जांच की जा रही है, जिससे इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी मिल सकती है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले की विवेचना जारी है और जांच के आधार पर आगे और कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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