Pilibhit News: कार गैराज में भीषण आग, छह गाड़ियां जलकर राख; शॉर्ट सर्किट की आशंका
Pilibhit News: पीलीभीत के जहानाबाद में कार रिपेयरिंग गैराज में भीषण आग से छह कारें जलकर राख। चार घंटे की मशक्कत के बाद दमकल ने आग पर काबू पाया।
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Pilibhit News: यूपी के पीलीभीत जनपद के थाना जहानाबाद क्षेत्र के अंतर्गत जेएमबी तिराहे के पास स्थित एक कार रिपेयरिंग गैराज में बीती रात अचानक भीषण आग लग गईहादसे में गैराज के अंदर मरम्मत के लिए खड़ी छह कारें पूरी तरह जलकर खाक हो गईंघटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। जानकारी के अनुसार घटना 2 और 3 अगस्त की मध्य रात्रि की है,
जब जेएमबी तिराहे के पास स्थित कार रिपेयरिंग गैराज में अचानक चिंगारी उठी और देखते ही देखते उसने विकराल रूप धारण कर लिया। रात का समय होने के कारण जब तक लोग कुछ समझ पाते, तब तक आग पूरे गैराज में फैल चुकी थी। गैराज से उठती आग की ऊंची लपटों और धुएं के गुबार को देखकर आस-पास के निवासियों में हड़कंप मच गया।
स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना जहानाबाद थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी।सूचना पाकर कोतवाल जहानाबाद जयशंकर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू कराया।कुछ ही देर में फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी मौके पर पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने चारों तरफ से पानी की बौछार कर आग को घेरना शुरू किया।बताया जा रहा है कि गैराज में ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण आग बार-बार सुलग रही थी, जिससे काबू पाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह लगभग 4 बजे आग पर पूरी तरह से काबू पाया जा सका। राहत की बात यह रही कि इस बेहद गंभीर हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन गैराज में खड़ीं 6 कारें कबाड़ में तब्दील हो गईं, जिससे लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है।कोतवाल जयशंकर सिंह ने बताया कि यह गैराज छोटा खुदागंज निवासी यावर खान पुत्र सिराज हसन खान का है।शुरुआती जांच और परिस्थितियों को देखते हुए आग लगने की मुख्य वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है।
पुलिस प्रशासन ने राजस्व विभाग के साथ मिलकर नुकसान का सटीक आकलन करना शुरू कर दिया है। इस घटना के बाद प्रशासन ने गैराज में अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था, विद्युत सुरक्षा मानकों के पालन और आवश्यक विभागीय अनुमतियों की जांच के आदेश दे दिए हैं।हालांकि इस हादसे को लेकर स्थानीय जनता में गहरा रोष देखने को मिल रहा है।
लोगों का कहना है कि प्रशासनिक अमला हमेशा किसी बड़ी दुर्घटना के होने का इंतजार करता है और हादसा होने के बाद ही आनन-फानन में जांच अभियान चलाए जाते हैं।यदि बिजली विभाग और संबंधित विभागों द्वारा समय-समय पर इन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का प्रभावी निरीक्षण किया जाता, तो शायद इस बड़े नुकसान को पहले ही टाला जा सकता था।फिलहाल पुलिस और प्रशासनिक टीमें नियमों की अनदेखी और लापरवाही के बिंदुओं पर गहराई से पड़ताल कर रही हैं, जिसके बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी।