Pilibhit News: शराब की दुकान को लेकर पीलीभीत में बवाल, 43 नामजद समेत 15 अज्ञात पर मुकदमा
Pilibhit News: पीलीभीत में शराब की दुकान को लेकर ग्रामीण और पुलिस आमने-सामने आ गए। महिलाओं ने एसपी ऑफिस घेरा और पुलिस पर बर्बरता के आरोप लगाए।
पीलीभीत में शराब की दुकान को लेकर महिलाओं ने एसपी ऑफिस घेरा और पुलिस पर बर्बरता के आरोप लगाए (Photo- Newstrack)
Pilibhit News: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जनपद में शराब की दुकान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब बड़ा संग्राम बन चुका है। गांव में शराब की दुकान खोले जाने के विरोध में ग्रामीणों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद मामला लगातार गरमाता जा रहा है। पुलिस ने इस मामले में 43 नामजद और 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इसके बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
महिलाओं ने खोला मोर्चा, एसपी कार्यालय का घेराव
एक तरफ पुलिस कार्रवाई में जुटी है तो दूसरी तरफ ग्रामीण महिलाएं खुलकर मैदान में उतर आई हैं। बड़ी संख्या में पीड़ित महिलाएं कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरप्रीत सिंह चब्बा के नेतृत्व में एसपी कार्यालय पहुंचीं और पुलिस व प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि पुलिस और तहसील प्रशासन ने मिलकर उनके साथ बर्बरता की है। उनका कहना है कि प्रशासन ने उनकी बात सुनने के बजाय उन पर लाठियां बरसाईं और अब उन्हें ही आरोपी बनाया जा रहा है।
8 मई से शुरू हुआ पूरा विवाद
ग्रामीणों के मुताबिक पूरा मामला 8 मई को शुरू हुआ, जब गांव में जबरन शराब की दुकान खोलने की कोशिश की गई। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहले ही डीएम से गांव के बाहर शराब की दुकान खोले जाने की मांग की थी। उनका दावा है कि उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध किया था, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया। इसके बाद हालात बिगड़ गए और ग्रामीणों तथा पुलिसकर्मियों के बीच हाथापाई शुरू हो गई।
घटना के बाद आबकारी टीम की शिकायत पर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 43 नामजद और 15 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज कर लिया। अब पुलिस लगातार गांव में दबिश दे रही है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई है।
महिलाओं और युवतियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया
पीड़ित महिला सुधा देवी ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि 20 अप्रैल को ही डीएम को ज्ञापन देकर शराब की दुकान गांव से बाहर खोलने की मांग की गई थी, लेकिन तहसील प्रशासन ने जबरदस्ती गांव में ही दुकान खुलवाने की कोशिश की।
सुधा देवी ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर पुलिस ने महिलाओं और युवतियों तक को नहीं छोड़ा। उनका कहना है कि पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिलाओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। उन्होंने कहा कि सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा देती है, लेकिन यहां महिलाओं को घर के अंदर और बाहर दोनों जगह डंडे खाने पड़ रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से न्याय की मांग की है।
20 दिन से धरने पर बैठे थे, सुनवाई नहीं हुई
ग्रामीण महिला फूलमती ने भी प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि डीएम को जानकारी देने के बावजूद गांव में ही शराब की दुकान खोल दी गई। विरोध करने पर तहसीलदार ने खुद डंडा चलाया और पुलिसकर्मियों ने महिलाओं के साथ मारपीट की।
फूलमती का कहना है कि ग्रामीण पिछले 20 दिनों से धरने पर बैठे थे, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। उल्टा अब उन्हें जेल भेजने की धमकी दी जा रही है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने अफसरों पर लगाए आरोप
कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरप्रीत सिंह चब्बा ने कहा कि पट्टे की जमीन पर अवैध तरीके से शराब की दुकान खुलवाई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीणों की बात सुनने के बजाय प्रशासन ने उन पर लाठियां भांजीं। उन्होंने कहा कि पीड़ित महिलाओं का मेडिकल भी कराया गया है।
हरप्रीत सिंह चब्बा ने साफ कहा कि अगर दोषी अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया तो कांग्रेस न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी और महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।
अब प्रशासन की जांच पर टिकी नजर
गांव में शराब की दुकान को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सीधी टक्कर में बदलता दिखाई दे रहा है। एक तरफ पुलिस कार्रवाई कर रही है तो दूसरी तरफ ग्रामीण और महिलाएं प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई और बर्बरता के आरोप लगा रहे हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इन आरोपों के बाद जांच का रुख बदलता है या फिर यह संघर्ष आने वाले दिनों में और ज्यादा बढ़ता है।