Sant Kabir Nagar: खलीलाबाद बोर्ड बैठक में विकास कार्यों को लेकर बीजेपी विधायक और चेयरमैन आमने-सामने

Sant Kabir Nagar News: संतकबीरनगर के खलीलाबाद नगर पालिका बोर्ड की बैठक में विकास कार्यों और बजट आवंटन को लेकर बीजेपी विधायक अंकुर राज तिवारी और चेयरमैन के बीच तीखी नोकझोंक हो गई।

Update:2026-06-11 19:09 IST

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Sant Kabir Nagar News: नगर पालिका परिषद खलीलाबाद की बोर्ड बैठक के दौरान उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब विकास कार्यों के मुद्दे को लेकर स्थानीय बीजेपी विधायक अंकुर राज तिवारी और चेयरमैन आपस में ही भिड़ गए। दोनों जनप्रतिनिधियों के बीच विकास और बजट को लेकर जमकर तीखी नोकझोंक और कहासुनी हुई। इस हंगामेदार बैठक में समाजवादी पार्टी के सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद भी सम्मिलित रहे, जिनकी मौजूदगी में यह पूरा सियासी ड्रामा चलता रहा। दरअसल, इस बड़े विवाद की शुरुआत पिछले तीन साल से रुके हुए विकास कार्यों को लेकर हुई।

बैठक में चेयरमैन ने नगर क्षेत्र के रुके पड़े विकास का पूरा जिम्मा विधायक के सिर पर मढ़ते हुए सीधा और तीखा हमला बोला। चेयरमैन ने आरोप लगाया कि उनके द्वारा भेजे गए प्रस्तावों पर शासन धन आवंटित नहीं करता है, जबकि इसके विपरीत विधायक जी के पैड पर करोड़ों रुपये का बजट शासन द्वारा तुरंत जारी कर दिया जाता है।उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि बिना किसी जानकारी के गुपचुप तरीके से डीपीआर तैयार कर बजट अलॉट करा लिया जाता है और नगर पालिका प्रशासन को इसकी कानों-कान खबर तक नहीं होती। चेयरमैन यहीं नहीं रुके, उन्होंने विधायक पर निशाना साधते हुए कहा कि तीन साल तक क्षेत्र से गायब रहने के बाद जब अब मात्र छह महीने में चुनाव सिर पर आ गए हैं, तब जाकर विधायक जी को जनता और शहर के विकास के दर्द की याद आई है।

इसके साथ ही चेयरमैन ने नगर पालिका के भीतर 'फर्जी डिजिटल सिग्नेचर' के जरिए अंदरखाने बड़े घपले और बंदरबांट किए जाने का गंभीर आरोप भी मढ़ा।वहीं दूसरी तरफ, अपने ऊपर लगे इन तीखे आरोपों के बचाव में उतरे विधायक अंकुर राज तिवारी ने चेयरमैन के दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। विधायक ने कहा कि क्षेत्र का विकास न होने का जो आरोप चेयरमैन ने लगाया है, वह पूरी तरह से निराधार और बेबुनियाद है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हमारी सरकार 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है, जहां सब कुछ पूरी तरह से पारदर्शी है और अगर इसके बावजूद किसी को कोई शंका है, तो वह इसकी जांच करा सकता है। फिलहाल, सत्तापक्ष के विधायक और चेयरमैन के बीच हुई इस सार्वजनिक खींचतान ने जिले की सियासत को पूरी तरह गरमा दिया है।

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