Shamli News: आईपीएस बनने का सपना, भोलेनाथ के दर पर नन्ही लावण्या की आस्था
Shamli News: शामली में 10 वर्षीय लावण्या अपने भाई के साथ हरिद्वार से कांवड़ लेकर रोहतक जा रही है। आईपीएस अधिकारी बनने के सपने के साथ भोलेनाथ से आशीर्वाद मांग रही नन्ही शिवभक्त की आस्था लोगों को प्रेरित कर रही है।
Shamli News
Shamli News: हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर लाखों कांवड़िये इन दिनों शामली से होकर अपने-अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। कांवड़ यात्रा में हर दिन आस्था के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। कोई परिवार की खुशहाली के लिए कांवड़ ला रहा है, तो कोई अपनी मन्नत पूरी होने पर कांवड़ यात्रा कर रहा है। इसी बीच शामली में दो नन्हे शिवभक्तों की अनोखी कांवड़ लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
महज 10 वर्षीय लावण्या और उसका 12 वर्षीय भाई चिराग हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर रोहतक की ओर जा रहे हैं। खास बात यह है कि लावण्या का सपना बड़ा होकर आईपीएस अधिकारी बनने का है और उसी सपने को साकार करने की कामना लेकर वह भगवान भोलेनाथ के चरणों में अपनी आस्था अर्पित कर रही है।रोहतक निवासी 10 वर्षीय लावण्या छठी कक्षा की छात्रा है। छोटी सी उम्र में उसके सपने बड़े हैं। लावण्या का कहना है कि वह मन लगाकर पढ़ाई करना चाहती है और भविष्य में आईपीएस अधिकारी बनकर देश और समाज की सेवा करना चाहती है। इसी उद्देश्य के साथ वह पहली बार अपने भाई चिराग के साथ हरिद्वार से कांवड़ लेकर निकली है।दोनों भाई-बहन 51 डिब्बों में पवित्र गंगाजल लेकर यात्रा कर रहे हैं। उनकी कांवड़ भी बेहद आकर्षक है। ट्रॉली पर नंदी महाराज विराजमान हैं और उनके ऊपर भगवान शिव तथा माता पार्वती की सुंदर प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं।
इस पूरी ट्रॉली को दोनों नन्हे बच्चे स्वयं खींचते हुए आगे बढ़ रहे हैं। उनके माता-पिता भी यात्रा में साथ हैं, लेकिन ट्रॉली खींचने का जिम्मा दोनों भाई-बहनों ने अपने कंधों पर लिया है।लावण्या का विश्वास है कि भगवान भोलेनाथ सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना अवश्य पूरी करते हैं। यही विश्वास और आस्था उसे इस कठिन यात्रा के लिए प्रेरित कर रही है। राहगीर भी इन दोनों बच्चों की श्रद्धा, मेहनत और संकल्प को देखकर उनका हौसला बढ़ा रहे हैं।आस्था, विश्वास और बड़े सपनों का यह संगम कांवड़ यात्रा को और भी खास बना रहा है। नन्ही लावण्या की यही प्रार्थना है कि भोलेनाथ का आशीर्वाद उसके साथ बना रहे और एक दिन वह अपने आईपीएस बनने के सपने को साकार कर देश की सेवा कर सके।