Shamli News : कैराना नगर पालिका में करोड़ों का घोटाला, वार्ड मेंबरों ने खोला मोर्चा

Shamli News : कैराना नगर पालिका में करोड़ों के घोटाले के आरोप, वार्ड मेंबरों ने चेयरमैन व अधिकारियों पर कमीशनखोरी और अनियमितताओं का आरोप लगाया।

Update:2026-04-13 16:17 IST

Kairana Municipal Scam

Shamli News : शामली के कैराना से भ्रष्टाचार की एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां नगर पालिका में करोड़ों रुपए के घोटाले के आरोप लगे हैं। एक दर्जन से ज्यादा वार्ड मेंबरों ने नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और चेयरमैन समेत कई अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ठेकेदारों से मिलीभगत कर भारी कमीशनखोरी का खेल चलने की बात कही जा रही है।

दरअसल मामला जनपद शामली के कैराना नगर पालिका का है, जहां विकास कार्यों में भारी अनियमितताओं का आरोप लगाया जा रहा है। वार्ड मेंबरों का कहना है कि नगर पालिका में दिए जा रहे टेंडरों में खुला भ्रष्टाचार हो रहा है और करीब 70 प्रतिशत तक कमीशन लिया जा रहा है। आरोप है कि चेयरमैन शमशाद अंसारी के करीबी और ड्राइवर आकिल ठेकेदार को पहले ही टेंडर में करीब 40 लाख रुपए का काम दे दिया गया, जिसमें नियमों की अनदेखी की गई।

इतना ही नहीं, नगर पालिका के ईओ समीर कुमार कश्यप और जेई राहुल कुमार पर भी ठेकेदारों के साथ मिलीभगत कर घोटाला करने के आरोप लगाए गए हैं। वार्ड मेंबरों ने एक निर्माणाधीन दीवार का उदाहरण देते हुए बताया कि उसमें घटिया गुणवत्ता की पीली ईंटों का इस्तेमाल किया जा रहा है। मौके पर ईंटों को तोड़कर उनकी गुणवत्ता भी जांची गई, जिसमें साफ तौर पर भ्रष्टाचार की बू सामने आई।

वहीं स्वच्छ भारत मिशन के तहत खरीदे गए उपकरणों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। कैराना के डंप यार्ड में रखे मोबाइल डस्टबिन, जिनकी कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपए बताई जा रही है, पिछले 60 दिनों से बिना इस्तेमाल के खड़े हैं। कई डस्टबिन खराब भी हो चुके हैं। एमआरएफ सेंटर में भी हालात बदहाल हैं। यहां लाखों रुपए की मशीनें, जैसे 80 लाख की फॉगिंग मशीन, ट्रैक्टर पंपिंग सेट, ई-रिक्शा और अन्य वाहन पिछले दो साल से बिना इस्तेमाल के खड़े-खड़े जर्जर हो रहे हैं। इसके बावजूद नए ई-रिक्शा खरीदे जाने पर भी सवाल उठ रहे हैं।नगर पालिका में खुला भ्रष्टाचार हो रहा है, शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही।"

वार्ड मेंबरों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में सवाल उठता है कि प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के बावजूद आखिर कैराना नगर पालिका में भ्रष्टाचार पर लगाम क्यों नहीं लग पा रही है। अब देखना होगा कि इस पूरे मामले में प्रशासन क्या कार्रवाई करता है या फिर ये आरोप भी कागजों में ही दबकर रह जाएंगे।

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