Siddharthnagar News: बासी खाद्य पदार्थ परोसने की शिकायत पर वाव पिज्जा कैफे में छापेमारी

Siddharthnagar News: सिद्धार्थनगर के वाव पिज्जा कैफे में बासी खाद्य पदार्थ परोसने की शिकायत के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने छापेमारी की। बर्गर और पिज्जा सहित विभिन्न खाद्य सामग्री के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

Update:2026-06-08 20:47 IST

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Siddharthnagar News: जिला मुख्यालय स्थित चर्चित वाव पिज्जा कैफे पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने शिकायत के आधार पर छापेमारी कर जांच की। एक ग्राहक द्वारा ऑनलाइन शिकायत पोर्टल पर दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कैफे में परोसे गए बर्गर और पिज्जा से दुर्गंध आ रही थी तथा खाद्य सामग्री बासी प्रतीत हो रही थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विभागीय अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी।

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कैफे पहुंचकर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। जांच के दौरान बर्गर, पिज्जा सहित विभिन्न खाद्य सामग्री के नमूने एकत्र किए गए, जिन्हें परीक्षण के लिए अधिकृत प्रयोगशाला भेज दिया गया है। इसके अलावा रसोईघर, खाद्य सामग्री के भंडारण की व्यवस्था, खाद्य पदार्थों की एक्सपायरी और रख-रखाव की स्थिति का भी बारीकी से निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने साफ-सफाई, खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन तथा कर्मचारियों द्वारा अपनाई जा रही प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की। विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और प्राप्त शिकायतों की निष्पक्ष एवं गंभीर जांच की जाएगी।सहायक आयुक्त (खाद्य) आर.एल. यादव ने बताया कि उपभोक्ता की शिकायत मिलने के बाद नियमानुसार सैंपलिंग की कार्रवाई की गई है। सभी नमूनों को परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भेजा गया है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही खाद्य पदार्थों की वास्तविक गुणवत्ता और मानकों के अनुरूप होने की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रयोगशाला रिपोर्ट में खाद्य पदार्थ निर्धारित गुणवत्ता मानकों के विपरीत पाए जाते हैं तो संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। वहीं यदि नमूने मानकों के अनुरूप पाए जाते हैं तो रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।फिलहाल विभागीय जांच जारी है और सभी की निगाहें प्रयोगशाला रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोप कितने सही हैं और संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

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