Sonbhadra News: आजादी के अमृतकाल में भी उपेक्षित आदिवासी नायक, निर्माण को लेकर डीएम को सौंपा ज्ञापन

Sonbhadra News: सोनभद्र में आजादी के अमृतकाल में भी आदिवासी नायकों की उपेक्षा का मुद्दा उठाते हुए सामाजिक संगठनों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने स्मारक एवं अन्य निर्माण कार्यों की मांग की।

Update:2026-06-01 17:54 IST

Sonbhadra News(Photo-Social Media)

Sonbhadra News: आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को सम्मान दिलाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ती दिख रही है। सोमवार को बभनी ब्लॉक मुख्यालय पर ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट (एआईपीएफ) के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपकर ग्राम पंचायत घघरा के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय शनिचर राम खरवार तथा ग्राम पंचायत चवना के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय रामेश्वर खरवार की स्मृति में स्मारक निर्माण कराए जाने की मांग की।

बभनी ब्लॉक कार्यालय में सौंपे गए ज्ञापन में एआईपीएफ के जिला सचिव इंद्रदेव खरवार और ब्लॉक संयोजक देव कुमार खरवार ने कहा कि आदिवासी समाज के स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। कई बार प्रशासन और शासन को पत्र भेजकर अनुरोध किया गया कि आजादी के अमृतकाल में इन नायकों को उचित सम्मान दिया जाए तथा उनके गांवों में स्मारक बनवाए जाएं।

ज्ञापन में बताया गया कि इस मुद्दे को मुख्यमंत्री के संज्ञान में भी लाया गया था। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मामला आईजीआरएस में दर्ज हुआ और जांच कराई गई। जांच के दौरान ग्राम विकास अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि ग्राम पंचायत घघरा और चवना के पास स्मारक निर्माण के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध नहीं है। इसलिए जिला पंचायत अथवा विधायक निधि से धन आवंटित कराया जाना आवश्यक है। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी बभनी द्वारा भी जिलाधिकारी को पत्र भेजा जा चुका है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि स्मारक निर्माण के लिए भूमि की व्यवस्था में कोई बाधा नहीं है। घघरा और चवना ग्राम पंचायतों के प्रधानों ने ग्राम सभा की जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव पहले ही भेज दिया है। इसके बावजूद स्मारक निर्माण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है। एआईपीएफ नेताओं ने कहा कि बार-बार मांग उठने और प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की संस्तुति होने के बावजूद आदिवासी नायकों के सम्मान से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय पर ठोस कदम नहीं उठाया जाना दुखद है। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की कि जिला पंचायत सोनभद्र को तत्काल आवश्यक धनराशि आवंटित करने का निर्देश दिया जाए, ताकि स्वर्गीय शनिचर राम खरवार और स्वर्गीय रामेश्वर खरवार के स्मारक उनके पैतृक गांवों घघरा और चवना में बन सकें। ज्ञापन के अंत में कहा गया कि स्वतंत्रता आंदोलन में आदिवासी समाज के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। ऐसे सेनानियों के सम्मान में स्मारक निर्माण न केवल उनके संघर्षों को श्रद्धांजलि होगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित कराने का माध्यम भी बनेगा।

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