Sonbhadra News: आधी रात सब्जी मंडी में भीषण आग, 20 से अधिक दुकानदारों को 30 लाख का नुकसान
Sonbhadra News: सोनभद्र की सब्जी मंडी में आधी रात भीषण आग लगने से 20 से अधिक दुकानदारों को भारी नुकसान हुआ। आग में दुकानों का सामान जलकर राख हो गया और करीब 30 लाख रुपये की क्षति का अनुमान है।
Sonbhadra News(Photo-Social Media)
Sonbhadra News: जनपद के रॉबर्ट्सगंज की नवीन सब्जी मंडी में सोमवार की रात लगी आग ने 20 से अधिक दुकानदारों की मेहनत और उम्मीदों को एक झटके में राख के ढेर में बदल दिया। टीनशेड नंबर दो में उठीं आग की लपटों ने सब्जियों और फलों के साथ दुकान का पूरा सामान, नकदी और जरूरी दस्तावेज तक निगल लिए। एक कार और दो बाइक भी आग की चपेट में आ गईं। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, इस अग्निकांड में 25 से 30 लाख रुपये की क्षति हुई है। दमकल की तीन गाड़ियों और कर्मियों की करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद रात दो बजे आग पर काबू पाया जा सका। आग कैसे लगी, यह अब भी स्पष्ट नहीं है, लेकिन घटना ने मंडी की अग्निशमन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोमवार रात करीब 11 बजे मंडी के टीनशेड नंबर दो से अचानक आग की लपटें उठने लगीं। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। देखते-देखते पूरे परिसर में अफरातफरी मच गई। दुकानदार अपने सामान को बचाने के लिए भागदौड़ करने लगे, लेकिन लपटों की तेजी के आगे उनकी कोशिशें बेअसर साबित हुईं। मंडी समिति के अध्यक्ष राकेश सोनकर सहित विजय, राकेश, रामबचन, मुन्नी, रामफल, राजू, करन और राणा सोनकर समेत 20 से अधिक दुकानदारों का सामान जल गया।
सब्जियों से लेकर नकदी और कागजात तक स्वाहा
आग ने दुकानों में रखे आलू, प्याज, लहसुन, टमाटर, अदरक, आंवला, केला और पत्तागोभी समेत बड़ी मात्रा में फल-सब्जियों को अपनी चपेट में ले लिया। दुकानों में लगे पंखे, कूलर, कांटा तौल मशीन, ठेले और अन्य सामान भी नहीं बच सके। दुकानदारों का कहना है कि काउंटर पर रखी नकदी भी आग में जल गई। बही-खाते, दुकान के लाइसेंस और दूसरे जरूरी कागजात नष्ट होने से नुकसान और बढ़ गया है। जगदीश सोनकर उस समय सो रहे थे। आग की जानकारी मिलते ही वह बाहर निकल आए।
दमकल व्यवस्था पर उठे सवाल, देरी के आरोप
अग्निकांड के बाद दुकानदारों ने मंडी प्रशासन और दमकल व्यवस्था पर नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि आग की सूचना देने के लिए दमकल विभाग को फोन किया गया, लेकिन कॉल नहीं उठाई गई। कोतवाली में सूचना देने के बाद दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची। दुकानदारों ने यह भी आरोप लगाया कि दमकल वाहन करीब एक घंटे की देरी से आया और उसमें पानी भी पर्याप्त मात्रा में नहीं था। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आग लगने की सूचना पर सीओ सिटी रणधीर मिश्रा और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस और दमकल कर्मियों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। करीब तीन घंटे बाद आग बुझाई जा सकी। दुकानदारों ने शॉर्ट सर्किट अथवा किसी के जलती सिगरेट फेंकने से आग लगने की आशंका जताई है। फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारण का पता नहीं चल सका है।
18 अक्टूबर को दुकान खोली, कुछ ही समय में सब खत्म
अग्निकांड की सबसे दर्दनाक तस्वीर करन सोनकर की दुकान की है। उन्होंने बताया कि 18 अक्टूबर को ही दुकान शुरू की थी। आलू, प्याज, लहसुन और दूसरे सामान के साथ कारोबार की शुरुआत की थी, लेकिन कुछ ही समय में आग ने सब कुछ नष्ट कर दिया। नई दुकान जमाने का सपना देखते ही देखते राख में बदल गया। अब उनके सामने दोबारा कारोबार खड़ा करने और परिवार की रोजी-रोटी चलाने की चुनौती है। दुकानदारों के मुताबिक, अतिक्रमण हटाए जाने के बाद कई लोगों ने अपना सामान टीनशेड नंबर दो में रख दिया था। आग ने उनकी जमा पूंजी के साथ व्यापार से जुड़े जरूरी अभिलेख भी छीन लिए। बही-खाते और लाइसेंस जलने से अब दस्तावेज दोबारा तैयार कराने की परेशानी भी उठानी पड़ेगी।
खाली सिलेंडरों ने टाल दी बड़ी अनहोनी
जिस टीनशेड में आग लगी, वहां कई सिलेंडर भी रखे थे। राहत की बात रही कि सभी सिलेंडर खाली थे। दुकानदारों का कहना है कि यदि उनमें गैस भरी होती तो आग के बीच बड़ा हादसा हो सकता था। इस घटना ने मंडी परिसर में अग्नि सुरक्षा के इंतजामों की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है। आग से प्रभावित दुकानदारों ने नुकसान का निष्पक्ष आकलन कराकर मुआवजा देने और मंडी में पर्याप्त अग्निशमन व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उनके सामने अब सबसे बड़ी चुनौती राख हो चुके कारोबार को दोबारा खड़ा करने की है।