Unnao News: परियार गांव में पानी को तरस रहे ग्रामीण, कई किलोमीटर से डिब्बो में भरकर साधन से लाना पड़ रहा पानी

Unnao News: जल जीवन मिशन के तहत टंकी और पाइपलाइन तो बन चुकी है, मगर पानी की सप्लाई अब तक शुरू नहीं हुई।

Update:2025-06-25 20:23 IST

सफीपुर क्षेत्र के परियार गांव में पानी को तरस रहे ग्रामीण  (photo: social media )

Unnao News: परियर गांव की 12 हजार की आबादी इन दिनों पानी के लिए जूझ रही है। कस्बे से दो किलोमीटर दूर मीठा पानी लेने के लिए लोग दिन-रात लाइन में लगते हैं। आज भी बुधवार को दोपहर 3 बजे देखा गया कि कोई साइकिल से, कोई ऑटो से, तो कोई ठेले से डिब्बे और बाल्टियाँ भरता है। जल जीवन मिशन के तहत टंकी और पाइपलाइन तो बन चुकी है, मगर पानी की सप्लाई अब तक शुरू नहीं हुई। प्रशासन और नेताओं से गुहार के बावजूद समाधान नहीं मिला। लोगों की उम्मीदें अब टूटने लगी हैं, और हर दिन यह प्यास और ज्यादा गहरी हो रही है।

उन्नाव के त्रेतायुग के परियर में जल जीवन मिशन योजना के तहत कार्य शुरू किया गया है, लेकिन इस योजना को बदनाम करने के लिए जल निगम के कर्मचारियों ने पहले ही पुरानी पाइप लाइनों को ध्वस्त कर दिया, जो कि शासन के निर्देशों के विपरीत है। परियर में रहने वाले 12 हजार लोग, जो खुद को सीता जी के सेवक बताते हैं, वर्षों से खारे और फ्लोराइड युक्त पानी की समस्या से जूझ रहे थे। इस समस्या को दूर करने के लिए 1990 के दशक में एक पानी की टंकी बनवाई गई थी, जिससे मीठे जल की सप्लाई होने लगी थी। लेकिन जल निगम की इस लापरवाही के कारण अब यहां के लोगों को फिर से पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। शासन के निर्देशों के अनुसार, पहले ओवरहेड टैंक का निर्माण किया जाना चाहिए, फिर पानी की टंकी और उसके बाद पाइप लाइन की खुदाई की जानी चाहिए, लेकिन जल निगम ने इन निर्देशों का पालन नहीं किया और पहले ही पाइप लाइनों को ध्वस्त कर दिया। इससे लोगों में आक्रोश है और वे जल निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।

जल संकट के काले बादल

2023 में जल निगम की लापरवाही के कारण परियर की 12 हजार की आबादी पर फिर से जल संकट के काले बादल छा गए। सरकार को बदनाम करने के लिए किए गए इस कृत्य के कारण परियर में पानी ढोने का काम शुरू हो गया। हजारों लोग पीने वाले मीठे पानी के लिए घरों से डिब्बे और बाल्टी लेकर कई-कई किलोमीटर दूर से पानी लाने लगे। लोग अपनी साइकिल, ऑटो, और फेरी वाले ठेलिया से पानी ढोने को मजबूर हो गए। परियर के बाहर लगे 2 नालों से दिन-रात की भीड़ इकट्ठा होने लगी। मौसमी गर्मी की आग और ऊपर से जल संकट ने लोगों की स्थिति को और भी बदतर बना दिया। लोगों ने जिले के प्रशासन से लेकर प्रदेश और देश के सभी अधिकारियों और नेताओं से गुहार लगाई, लेकिन जल निगम के अधिशासी अभियंता अजीत सिंह ने सरकार के बजट न देने का बहाना बनाकर हाथ झाड़ लिए। लगभग 2 साल से जल निगम की इस लापरवाही के कारण सरकार की किरकिरी हो रही है, और लोग पानी की समस्या से जूझने को मजबूर हैं।

Tags:    

Similar News