Uttarakhand News: शिवभक्त कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा, मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को परोसा भोजन

Uttarakhand News: हरिद्वार में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की, स्वास्थ्य सेवा शिविर का शुभारंभ किया और पुलिसकर्मियों व पर्यावरण मित्रों को सम्मानित किया।

Update:2026-08-04 17:36 IST

शिवभक्त कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा, मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को परोसा भोजन (Photo- Newstrack)

Uttarakhand News: हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान मंगलवार को आस्था, सेवा और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में देवभूमि उत्तराखंड ने देश के विभिन्न राज्यों से आए शिवभक्त कांवड़ियों का आत्मीय स्वागत और अभिनंदन किया। राज्य सरकार की ओर से आयोजित इस विशेष कार्यक्रम के जरिए श्रद्धालुओं का सम्मान करने के साथ-साथ कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सफल संचालन के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी संदेश दिया गया।


हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर किया स्वागत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हरिद्वार पहुंचने पर हरकीपैड़ी से लेकर कांवड़ यात्रा मार्ग तक हेलीकॉप्टर से शिवभक्त कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की गई। इसके बाद अलकनंदा होटल परिसर में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री ने पाँच शिवभक्त कांवड़ियों का चरण प्रक्षालन कर उनका सम्मान किया। इस दौरान श्रद्धालुओं के प्रति सम्मान और आस्था का विशेष संदेश दिया गया।


स्वास्थ्य सेवा शिविर का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रियों की स्वास्थ्य सहायता और सुविधाओं के लिए स्थापित मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवा शिविर का उद्घाटन किया। उन्होंने शिविर में उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधाओं का अवलोकन किया और वहां श्रद्धालुओं को त्वरित उपचार, आवश्यक दवाइयां तथा अन्य स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके बाद मुख्यमंत्री देश के अलग-अलग राज्यों से आए शिवभक्त कांवड़ियों के बीच पहुंचे और अपने हाथों से उन्हें भोजन परोसा।


कांवड़ यात्रा सनातन परंपरा और सामाजिक समरसता का प्रतीक

कांवड़ यात्रियों के अभिनंदन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार का संकल्प है कि देवभूमि आने वाले प्रत्येक शिवभक्त को सुरक्षित, सुगम और सम्मानजनक वातावरण मिले। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि भारत की सनातन परंपरा, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना का विराट पर्व है। इस यात्रा के सफल आयोजन के लिए राज्य सरकार सभी संबंधित विभागों के समन्वय से लगातार कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पाँच वर्षों से उन्हें कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों के बीच आने और उनकी सेवा करने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव का नाम करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए आस्था, ऊर्जा और विश्वास का आधार है। कठिन परिस्थितियों में भी शिवभक्त सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा पूरी करते हैं और बम-बम भोले के जयघोष के साथ अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा अनुशासन, सेवा, समर्पण और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है।


शिवभक्त गंगाजल लेकर पहुंचे अपने गंतव्य की ओर

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष अब तक एक करोड़ से अधिक शिवभक्त गंगाजल लेकर सफलतापूर्वक अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक स्थलों के संरक्षण तथा विकास के लिए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक, श्रीराम जन्मभूमि, केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण और बद्रीनाथ मास्टर प्लान जैसी परियोजनाएं भारतीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिला रही हैं।


केदारनाथ पुनर्निर्माण और नई परियोजनाओं का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण कर उसे भव्य और दिव्य स्वरूप दिया गया है। वहां आस्था पथ, सरस्वती घाट, आदि शंकराचार्य की प्रतिमा, तीर्थ पुरोहित आवास सहित कई सुविधाओं का विकास किया गया है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में प्रस्तावित गंगा कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर जैसी योजनाएं राज्य के विकास और धार्मिक पर्यटन को नई दिशा प्रदान करेंगी।


सुरक्षाऔर व्यवस्थाओं को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए यात्रा मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन निगरानी, एंबुलेंस सेवाएं, स्वास्थ्य शिविर और आपातकालीन सहायता जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने शिवभक्तों से यात्रा के दौरान अनुशासन, मर्यादा और धार्मिक परंपराओं का पालन करने की अपील भी की।


पुलिसकर्मियों और पर्यावरण मित्रों को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री ने पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, पर्यावरण मित्रों, स्वच्छता कर्मियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और अन्य सेवा कार्यों में जुटे कर्मयोगियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सभी का सामूहिक सहयोग ही इस विशाल आयोजन को सफल बनाता है। कांवड़ यात्रा के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पाँच पुलिसकर्मियों और पाँच पर्यावरण मित्रों को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल कुछ व्यक्तियों का नहीं, बल्कि उन सभी कर्मयोगियों के प्रति राज्य की कृतज्ञता का प्रतीक है, जो यात्रा के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए दिन-रात कार्य कर रहे हैं।


बड़ी संख्या में मौजूद रहे संत, जनप्रतिनिधि और अधिकारी

इस अवसर पर महामण्डलेश्वर ललितानंद गिरी महाराज, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, विधायक आदेश चौहान, हरिद्वार की मेयर किरण जैसल, रुड़की की मेयर अनिता अग्रवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, राज्य मंत्री देशराज कर्णवाल, दिनेश कौशिक, डॉ. जयपाल सिंह चौहान, श्यामवीर सैनी, शोभाराम प्रजापति, नितिन गौतम, शिवालिक नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा, गंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ, भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष विक्रम भुल्लर, पूर्व मेयर मनोज गर्ग, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, मेलाधिकारी सोनिका, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, आईजी कुंभ मेला योगेन्द्र सिंह रावत, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, एसएसपी कुंभ मेला आयुष अग्रवाल, नगर आयुक्त नंदन कुमार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, पुलिस अधीक्षक यातायात निशा यादव, अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, पुलिस अधीक्षक नगर अभय प्रताप सिंह, सचिव एचआरडीए प्रत्यूष सिंह, उपजिलाधिकारी हरिद्वार योगेश मेहरा, उप मेलाधिकारी मनजीत सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़िए मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने किया।

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