Aaj Ka Choghadiya 2 September 2026: आज का दिन और रात का चौघड़िया, देखे क्या है

Aaj Ka Choghadiya 2 September 2026: आज का दिन और रात का चौघड़िया,2 सितंबर 2026 जानिए लाभ, अमृत और शुभ समय के साथ आज के दिन-रात का पूरा चौघड़िया। देखें दिन और रात का चौघड़िया, शुभ-अशुभ समय और महत्वपूर्ण ज्योतिषीय समय आज का चौघड़िया..

Suman  Mishra (Astrologer)
Published on: 1 Sept 2026 6:58 AM IST
Aaj Ka Choghadiya 2 September 2026: आज का दिन और रात का चौघड़िया, देखे क्या है
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Aaj Ka Choghadiya 2 September 2026: 2 सितंबर 2026 बुधवार के दिन चौघड़िया के अनुसार दिन में लाभ, अमृत और शुभ समय को महत्वपूर्ण कार्यों के लिए अच्छा माना जाता है। वहीं रोग, उद्वेग और काल चौघड़िया में शुभ कार्य शुरू करने से बचे।

आज के शुभ चौघड़िया

2 सितंबर को शुभ (वार वेला), चर, लाभ और अमृत (वार वेला) में ही काम करें ये ही शुभ चौघड़िया है।

2 सितंबर का दिन का चौघड़िया

चौघड़िया समय

लाभ 06:13 AM 07:46 AM

अमृत 07:46 AM 09:19 AM

काल (काल वेला) 09:19 AM 10:53 AM

शुभ 10:53 AM 12:26 PM

रोग (वार वेला) 12:26 PM 13:59 PM

उद्बेग 13:59 PM 15:33 PM

चर 15:33 PM 17:06 PM

लाभ 17:06 PM 18:39 PM

आज किस समय काम करना रहेगा बेहतर?

रात में लाभ चौघड़िया, शुभ चौघड़िया और अमृत चौघड़िया तक रहेगा।

यात्रा के लिए कौन सा समय चुनें?

यात्रा या वाहन से जुड़े काम के लिए चर चौघड़िया को उपयोगी माना जाता है।

2 सितंबर का रात का चौघड़िया

रात के समय चौघड़िया

समय चौघड़िया

उद्बेग 18:40 PM 20:06 PM

शुभ 20:06 PM 21:33 PM

अमृत 21:33 PM 23:00 PM

चर 23:00 PM 00:26 AM

रोग 00:26 AM 01:53 AM

काल 01:53 AM 03:20 AM

लाभ (काल रात्रि) 03:20 AM 04:46 AM

उद्बेग 04:46 AM 06:13 AM

रात के समय चौघड़िया के साथ स्थानीय पंचांग में दिए गए अन्य शुभ-अशुभ योगों को भी ध्यान में रखना चाहिए।

चौघड़िया में अमृत, शुभ, लाभ और चर का क्या मतलब है?

अमृत चौघड़िया: इसे सबसे अच्छे समय में गिना जाता है। शुभ और महत्वपूर्ण कार्यों के लिए इसे प्राथमिकता दी जाती है।

शुभ चौघड़िया: पूजा, धार्मिक कार्य, मांगलिक आयोजन और कई प्रकार के शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।

लाभ चौघड़िया: व्यापार, धन और शिक्षा से जुड़े कामों के लिए इसे अच्छा माना जाता है।

चर चौघड़िया: चलायमान प्रकृति के कारण यात्रा, वाहन से जुड़े काम और आवागमन के लिए उपयोगी माना जाता है।

2 सितंबर को किस चौघड़िया में काम शुरू न करें?

काल, रोग और उद्वेग को सामान्य तौर पर शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता। इसके अलावा यदि कोई शुभ चौघड़िया राहुकाल या अन्य अशुभ काल से टकरा रहा हो तो मुहूर्त तय करते समय सावधानी रखनी चाहिए।

चौघड़िया मुहूर्त

उदवेग

चौघड़िया में उदवेग प्रथम मुहूर्त है, जिसका स्वामी ग्रह सूर्य है। इस घड़ी में प्रशासनिक कार्य करने पर उचित परिणाम मिलने के कम आसार होते हैं।

लाभ

इस मुहूर्त का स्थान चौघड़िया में द्वितीय है। बुध ग्रह इसका स्वामी ग्रह है। इस समय पर व्यावसायिक और शिक्षा से जुड़े कार्य करने पर उचित परिणाम मिलते हैं।

चर

इस मुहूर्त का स्वामी ग्रह शुक्र है। इसका स्थान चौघड़िया में तृतीय है। इस मुहूर्त में यात्रा और पर्यटन करना उत्तम माना जाता है।

रोग

इस मुहूर्त का चौघड़िया में चौथा स्थान है। इसका स्वामी ग्रह मंगल है। इस घड़ी में चिकित्सीय सलाह लेने से बचना चाहिए।

शुभ

इस मुहूर्त का स्वामी ग्रह बृहस्पति ग्रह है। यह समय शुभ कार्यों को करने के लिए उत्तम है। इस घड़ी में विवाह, पूजा, यज्ञ करवाने पर शुभफल प्राप्त होता है।

काल

काल मुहूर्त में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है। ज्योतिष भी इस मुहूर्त में किसी भी तहर का कार्य करने से मना करते हैं। इस घड़ी पर शनि का स्वामित्व है और काल का सीधा संबंध अंत से हैं।

अमृत

यह चौघड़िया का अंतिम मुहूर्त है। इस पर चंद्रमा का स्वामित्व है। अमृत मुहूर्त में कोई भी कार्य करने पर अच्छा परिणाम मिलता है।


नोट: चौघड़िया के समय स्थान के सूर्योदय और सूर्यास्त के अनुसार बदलते हैं। ऊपर दिए समय लखनऊ के लिए हैं। अन्य शहरों में समय अलग हो सकता है। ये जानकारियां धार्मिक आस्था और मान्यताओं पर आधारित हैं। Newstrack.com इसकी पुष्टि नहीं करता है।इसे सामान्य रुचि को ध्यान में रखकर लिखा गया है

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Suman Mishra (Astrologer)

Astrologer Mail ID - suman1711@gmail.comsuman1711@gmail.com

मैं वर्तमान में न्यूजट्रैक और अपना भारत के लिए कंटेट राइटिंग कर रही हूं। इससे पहले मैने रांची, झारखंड में प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया में रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग किया है और ईटीवी में 5 वर्षों का डेस्क पर काम करने का अनुभव है। मैं पत्रकारिता और ज्योतिष विज्ञान में खास रुचि रखती हूं। मेरे नाना जी पंडित ललन त्रिपाठी एक प्रकांड विद्वान थे उनके सानिध्य में मुझे कर्मकांड और ज्योतिष हस्त रेखा का ज्ञान मिला और मैने इस क्षेत्र में विशेषज्ञता के लिए पढाई कर डिग्री भी ली है

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