Aaj Ka Panchang 10 July 2026: आज कब है राहुकाल, शुभ योग और पंचांग देंखें क्या है?

Aaj Ka Panchang 10 July 2026: जानें आषाढ़ा माह की आज की तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, चौघड़िया, षष्ठी तिथि और दिनभर के शुभ-अशुभ समय के बारे मेंं जानें

Suman  Mishra (Astrologer)
Published on: 9 July 2026 7:57 AM IST
Aaj Ka Panchang
X

Aaj Ka Panchang (Image Credit-Social Media)

Aaj Ka Panchang ( आज का पंचांग) 10 July 2026:

ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का बहुत महत्व है।पंचांग ज्योतिष के पांच अंगों का मेल है। जिसमें तिथि,वार, करण,योग और नक्षत्र का जिक्र होता है। इसकी मदद से हम दिन के हर बेला के शुभ और अशुभ समय का पता लगाते हैं। उसके आधार पर अपने खास कर्मों को इंगित करते हैं।

आज शुक्रवार का दिन आषाढ़ कृष्ण पक्ष दशमी तिथि है। आज के दिन शुक्रवार होने के कारण भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का पाठ विशेष फलदायी माना जाता है।

आज 10 जुलाई का पंचांग

हिन्दू मास एवं वर्ष

विक्रम संवत - 2083, सिद्धार्थि

शक सम्वत - 1948, पराभव

पूर्णिमांत - आषाढ़

अमांत - ज्येष्ठ

तिथि: कृष्ण पक्ष दशमी – 8:17 AM तक

वार: शुक्रवार

नक्षत्र: भरणी – 1:16 PM तक

योग: धृति – 7:15 AM तक

करण: विष्टि – 8:14 AM तक

मास (अमांत): ज्येष्ठ

मास (पूर्णिमांत): आषाढ़

विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)

शक संवत: 1948 (प्रभाउ)

सूर्य राशि: मिथुन

चंद्र राशि: मेष

ऋतु: ग्रीष्म

अयन: उत्तरायण

दिशाशूल: पश्चिम

चंद्र निवास: पूर्व

आज सूर्योदय-सूर्यास्त का समय

सूर्योदय - 5:52 AM

सूर्यास्त - 7:12 PM

आज चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय

चन्द्रोदय - Jul 10 1:17 AM

चन्द्रास्त - Jul 10 3:08 PM

चन्द्रमा राशि- 06:44 PM तक मेष राशि उपरांत वृषभ राशि पर संचार करेगा

पर्व-योगिनी एकादशी

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त - 12:05 PM – 12:58 PM

अमृत काल - 08:46 AM – 10:15 AM

ब्रह्म मुहूर्त - 04:16 AM – 05:04 AM

त्रिपुष्कर योग - Jul 11 05:52 AM - Jul 11 11:03 AM

अशुभ समय

राहू - 10:52 AM – 12:32 PM

यम गण्ड - 3:52 PM – 5:32 PM

कुलिक - 7:32 AM – 9:12 AM

दुर्मुहूर्त - 08:32 AM – 09:25 AM, 12:58 PM – 01:52 PM

वर्ज्यम् - 12:09 AM – 01:36 AM

गण्डमूल नक्षत्र

नहीं

दिन का चौघड़िया

चर 05:52 AM 07:32 AM

लाभ 07:32 AM 09:12 AM

अमृत (वार वेला) 09:12 AM 10:52 AM

काल (काल वेला) 10:52 AM 12:32 PM

शुभ 12:32 PM 14:12 PM

रोग 14:12 PM 15:52 PM

उद्बेग 15:52 PM 17:32 PM

चर 17:32 PM 19:12 PM

रात का चौघड़िया

रोग 19:12 PM 20:32 PM

काल 20:32 PM 21:52 PM

लाभ (काल रात्रि) 21:52 PM 23:12 PM

उद्बेग 23:12 PM 00:32 AM

शुभ 00:32 AM 01:52 AM

अमृत 01:52 AM 03:12 AM

चर 03:12 AM 04:32 AM

रोग 04:32 AM 05:52 AM

10 जुलाई को शुक्रवार के दिन आषाढ़ कृष्ण पक्ष दशमी तिथि लग रही है। शुक्रवारके दिन कुछ लोगों के लिए भाग्यशाली रहने वाला है।।योगिनी एकादशी, मासिक कार्तिगाई, भरणी नक्षत्र और धृति योग का संयोग इस दिन को विशेष बनाता है। श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-पाठ, ध्यान और दान-पुण्य करने से जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने की मान्यता है।

आज का उपाय-

सुबह स्नान कर स्वच्छ औरहल्के रंग के वस्त्र धारण करें।

भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का ध्यान कर पूजा करें।

योगिनी एकादशी का व्रत संकल्प लें और दिनभर उपवास रखें।

भगवान शिव को जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करें।

माता लक्ष्मी को कमल पुष्प और खीर का भोग लगाएं।

“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।

जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और जल का दान करें।

शाम के समय दीपक जलाकर आरती करें।

पंचांग क्या है?

पंचांग ज्योतिष के पांच अंगों का मेल है। जिसमें तिथि,वार, करण,योग और नक्षत्र का जिक्र होता है। हर दिन की तिथि का निर्धारण सूर्य और चंद्मा में भेद के आधार पर होता है और पंचांग के आधार पर हर दिन के शुभ-अशुभ समय का निर्धारण करते हैं। इसके आधार पर अपने काम को आसान बनाते हैँ। आज का पंचांग में तिथि, पक्ष, माह, नक्षत्र भी देखना जरुरी होता है। क्योंकि हर एक शुभ कार्य के लिए अलग अलग नक्षत्र होता है। सूर्योदय से दूसरे दिन सूर्योंदय के कुछ पहर पहले तक ही एक तिथि मानी जाती। चंद्रमा का स्थान जिस दिन चंद्रमा जिस स्थान पर होता है। उस दिन वही नक्षत्र और राशि मानी जाती है। चंद्रमा एक राशि में ढ़ाई दिन तक रहते हैं।

तिथि वारं च नक्षत्रं योगं करणमेव च।

पंचांगस्य फलं श्रुत्वा गंगा स्नानं फलं लभेत् ।।

आदिकाल में ही इस श्लोक के माध्यम से पंचांग को परिभाषित किया है।

  • तिथि- पंचांग का पहला अंग तिथि है। जो 16 है। इनमें पूर्णिमा और अमावस्या दो प्रमुख तिथियां है। जो दो पक्षों का निर्धारण करते हैं। कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष। पूर्णिमा और अमावस्या दोनों तिथि माह में एक बार आती है।
  • नक्षत्र- नक्षत्र 27 होते हैं। लेकिन एक मुहूर्त अभिजीत नक्षत्र है जो शादी विवाह के समय देखा जाता है। इसे मिला कर 28 नक्षत्र भी कहे जाते है।
  • योग- 27 होते है। मनुष्य के जीवन में योग का बहुत महत्व है।
  • करण- 11 होते हैं। 4 स्थिर व 7 परिवर्तनशील है।
  • वार- सप्ताह में 7 दिन होते हैं। जो रविवार से शुरू, सोमवार, बुधवार, बृहस्पतिवार, शुक्रवार, और शनिवार पर खत्म होते हैं।


Suman  Mishra (Astrologer)
ABOUT THE AUTHOR

Suman Mishra (Astrologer)

Astrologer Mail ID - suman1711@gmail.comsuman1711@gmail.com

मैं वर्तमान में न्यूजट्रैक और अपना भारत के लिए कंटेट राइटिंग कर रही हूं। इससे पहले मैने रांची, झारखंड में प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया में रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग किया है और ईटीवी में 5 वर्षों का डेस्क पर काम करने का अनुभव है। मैं पत्रकारिता और ज्योतिष विज्ञान में खास रुचि रखती हूं। मेरे नाना जी पंडित ललन त्रिपाठी एक प्रकांड विद्वान थे उनके सानिध्य में मुझे कर्मकांड और ज्योतिष हस्त रेखा का ज्ञान मिला और मैने इस क्षेत्र में विशेषज्ञता के लिए पढाई कर डिग्री भी ली है

Next Story