Aaj Ka Panchang 15 July 2026: शुभ-लाभ, व्रत-त्योहार क्या कुछ है खास, देखे आज का पंचांग

Aaj Ka Panchang 15 July 2026: आज बुधवार का दिन है। जानें आषाढ़ा माह की आज की तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, चौघड़िया, षष्ठी तिथि और दिनभर के शुभ-अशुभ समय के बारे मेंं जानें

Suman  Mishra (Astrologer)
Published on: 14 July 2026 7:25 AM IST
Aaj Ka Panchang 3 May 2026
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Aaj Ka Panchang 3 May 2026 (Image Credit-Social Media)

Aaj Ka Panchang ( आज का पंचांग) 15 July 2026:

पंचांग ज्योतिष के पांच अंगों का मेल है। जिसमें तिथि,वार, करण,योग और नक्षत्र का जिक्र होता है। ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का बहुत महत्व है। इसकी मदद से हम दिन के हर बेला के शुभ और अशुभ समय का पता लगाते हैं। उसके आधार पर अपने खास कर्मों को इंगित करते हैं।

आज बुधवार का दिन आषाढ़ शुक्ल पक्ष प्रतिपदा है। आज के दिन बुधवार भगवान गणेश की पूजा और बुद्धि-वृद्धि के लिए फलदायी है।

आज 15 जुलाई का पंचांग

हिन्दू मास एवं वर्ष

विक्रम संवत - 2083, सिद्धार्थि

शक सम्वत - 1948, पराभव

पूर्णिमांत - आषाढ़

अमांत - ज्येष्ठ

तिथि: शुक्ल पक्ष प्रतिपदा – 11:52 AM तक

वार: बुधवार

नक्षत्र: पुष्य – 9:48 PM तक

योग: हर्षण – 8:04 AM तक

करण: बव – 11:54 AM तक

मास (अमांत): ज्येष्ठ

मास (पूर्णिमांत): आषाढ़

विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)

शक संवत: 1948 (प्रभाउ)

सूर्य राशि: मिथुन

चंद्र राशि: कर्क

ऋतु: ग्रीष्म

अयन: उत्तरायण

दिशाशूल: उत्तर

चंद्र निवास: उत्तर

आज सूर्योदय-सूर्यास्त का समय

सूर्योदय: 5:18 AM

सूर्यास्त: 6:52 PM

आज चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय

चंद्रोदय: 5:59 AM

चंद्रास्त: 7:54 PM

चन्द्रमा राशि- कर्क राशि पर संचार करेगा

पर्व-शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा, गुप्त नवरात्र प्रारंभ

शुभ समय

अमृत काल - 03:59 PM – 05:26 PM

ब्रह्म मुहूर्त - 04:18 AM – 05:06 AM

अशुभ समय

राहू - 12:32 PM – 2:12 PM

यम गण्ड - 7:33 AM – 9:13 AM

कुलिक - 10:53 AM – 12:32 PM

दुर्मुहूर्त - 12:06 PM – 12:59 PM

वर्ज्यम् - 07:21 AM – 08:47 AM

गण्डमूल नक्षत्र

नहीं

दिन का चौघड़िया

लाभ 05:54 AM 07:33 AM

अमृत 07:33 AM 09:13 AM

काल (काल वेला) 09:13 AM 10:53 AM

शुभ 10:53 AM 12:32 PM

रोग (वार वेला) 12:32 PM 14:12 PM

उद्बेग 14:12 PM 15:52 PM

चर 15:52 PM 17:31 PM

लाभ 17:31 PM 19

रात का चौघड़िया

उद्बेग 19:11 PM 20:31 PM

शुभ 20:31 PM 21:52 PM

अमृत 21:52 PM 23:12 PM

चर 23:12 PM 00:33 AM

रोग 00:33 AM 01:53 AM

काल 01:53 AM 03:13 AM

लाभ (काल रात्रि) 03:13 AM 04:34 AM

उद्बेग 04:34 AM 05:54 AM

15 जुलाई को बुधवार के दिन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को नए आरंभ और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। पुष्य नक्षत्र को सभी नक्षत्रों में सबसे शुभ माना जाता है, जो समृद्धि, स्थिरता और सौभाग्य प्रदान करता है। हर्षण योग इस दिन के प्रभाव को और भी सकारात्मक बनाता है। बुधवार होने के कारण भगवान गणेश की पूजा और बुद्धि-वृद्धि के उपाय करना विशेष फलदायी है।

आज का उपाय-

सुबह स्नान कर स्वच्छ और हल्के रंग के वस्त्र धारण करें।

भगवान गणेश और चंद्र देव का ध्यान कर पूजा करें।

गणेश जी को दूर्वा, मोदक और लाल पुष्प अर्पित करें।

“ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का जाप करें।

जरूरतमंदों को अन्न, जल और वस्त्र का दान करें।

नए कार्यों की शुरुआत का संकल्प लें।

शाम के समय दीपक जलाकर आरती करें।

पंचांग क्या है?

पंचांग ज्योतिष के पांच अंगों का मेल है। जिसमें तिथि,वार, करण,योग और नक्षत्र का जिक्र होता है। हर दिन की तिथि का निर्धारण सूर्य और चंद्मा में भेद के आधार पर होता है और पंचांग के आधार पर हर दिन के शुभ-अशुभ समय का निर्धारण करते हैं। इसके आधार पर अपने काम को आसान बनाते हैँ। आज का पंचांग में तिथि, पक्ष, माह, नक्षत्र भी देखना जरुरी होता है। क्योंकि हर एक शुभ कार्य के लिए अलग अलग नक्षत्र होता है। सूर्योदय से दूसरे दिन सूर्योंदय के कुछ पहर पहले तक ही एक तिथि मानी जाती। चंद्रमा का स्थान जिस दिन चंद्रमा जिस स्थान पर होता है। उस दिन वही नक्षत्र और राशि मानी जाती है। चंद्रमा एक राशि में ढ़ाई दिन तक रहते हैं।

तिथि वारं च नक्षत्रं योगं करणमेव च।

पंचांगस्य फलं श्रुत्वा गंगा स्नानं फलं लभेत् ।।

आदिकाल में ही इस श्लोक के माध्यम से पंचांग को परिभाषित किया है।

  • तिथि- पंचांग का पहला अंग तिथि है। जो 16 है। इनमें पूर्णिमा और अमावस्या दो प्रमुख तिथियां है। जो दो पक्षों का निर्धारण करते हैं। कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष। पूर्णिमा और अमावस्या दोनों तिथि माह में एक बार आती है।
  • नक्षत्र- नक्षत्र 27 होते हैं। लेकिन एक मुहूर्त अभिजीत नक्षत्र है जो शादी विवाह के समय देखा जाता है। इसे मिला कर 28 नक्षत्र भी कहे जाते है।
  • योग- 27 होते है। मनुष्य के जीवन में योग का बहुत महत्व है।
  • करण- 11 होते हैं। 4 स्थिर व 7 परिवर्तनशील है।
  • वार- सप्ताह में 7 दिन होते हैं। जो रविवार से शुरू, सोमवार, बुधवार, बृहस्पतिवार, शुक्रवार, और शनिवार पर खत्म होते हैं।


Suman  Mishra (Astrologer)
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Suman Mishra (Astrologer)

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मैं वर्तमान में न्यूजट्रैक और अपना भारत के लिए कंटेट राइटिंग कर रही हूं। इससे पहले मैने रांची, झारखंड में प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया में रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग किया है और ईटीवी में 5 वर्षों का डेस्क पर काम करने का अनुभव है। मैं पत्रकारिता और ज्योतिष विज्ञान में खास रुचि रखती हूं। मेरे नाना जी पंडित ललन त्रिपाठी एक प्रकांड विद्वान थे उनके सानिध्य में मुझे कर्मकांड और ज्योतिष हस्त रेखा का ज्ञान मिला और मैने इस क्षेत्र में विशेषज्ञता के लिए पढाई कर डिग्री भी ली है

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