Aaj Ka Panchang 19 October 2026: आज महानवमी है, जानिए क्या कहता है आज का पंचांग?

Aaj Ka Panchang 19 October 2026: आज की तिथि, नक्षत्र, राहुकाल, शुभ मुहूर्त, चौघड़िया और पूजा-पाठ के शुभ-अशुभ समय की पूरी जानकारी यहां जानें। क्या कहता है आज का पंचांग

Suman  Mishra (Astrologer)
Published on: 19 Oct 2026 7:20 AM IST (Updated on: 19 Oct 2026 8:05 AM IST)
Aaj Ka Panchang 19 October 2026: आज महानवमी है, जानिए  क्या कहता है आज का पंचांग?
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Aaj Ka Panchang ( आज का पंचांग) 19 october 2026:

ज्योतिष शास्त्र में 19 अक्टूबर 2026, सोमवार को आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि रहेगी। शारदीय नवरात्रि का नौवाँ दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा को समर्पित है। सनातन धर्म में माता सिद्धिदात्री को सभी सिद्धियों और आध्यात्मिक शक्तियों को प्रदान करने वाली देवी है

आज 19 अक्टूबर का पंचांग

विक्रम संवत - 2083, सिद्धार्थि

शक सम्वत - 1948, पराभव

पूर्णिमांत - आश्विन

अमांत - आश्विन

आज की तिथि

तिथि: शुक्ल पक्ष नवमी – रात 9:26 PM तक

वार: सोमवार

नक्षत्र: श्रवण – रात 11:48 PM तक

योग: प्रीति – सुबह 10:54 AM तक

करण: कौलव – सुबह 10:18 AM तक

मास (अमांत): आश्विन

मास (पूर्णिमांत): आश्विन

विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)

शक संवत: 1948 (प्रभाउ)

सूर्य राशि: तुला

चंद्र राशि: मकर

ऋतु: शरद

अयन: दक्षिणायन

दिशाशूल: पूर्व

चंद्र निवास: पश्चिम

सूर्योदय - 6:29 AM

सूर्यास्त - 5:54 PM

चन्द्रोदय - Oct 19 1:39 PM

चन्द्रास्त - Oct 20 12:45 AM

त्यौहार और व्रत

दुर्गाष्टमी व्रत

महा नवमी

दुर्गाष्टमी

नवरात्रि के नौवें दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। इस दिन कन्या पूजन और हवन का विशेष महत्व माना जाता है। श्रद्धालु माता की पूजा कर जीवन में सुख, शांति और सफलता की कामना करते हैं।।

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त - 11:48 AM – 12:34 PM

अमृत काल - 08:28 AM – 10:16 AM

ब्रह्म मुहूर्त - 04:53 AM – 05:41 AM

शुभ योग

सर्वार्थसिद्धि योग - Oct 19 03:38 PM - Oct 20 06:29 AM

सर्वार्थसिद्धि योग - Oct 18 12:48 PM - Oct 19 06:29 AM

अशुभ समय

राहू - 7:55 AM – 9:20 AM

यम गण्ड - 10:46 AM – 12:11 PM

कुलिक - 1:37 PM – 3:03 PM

दुर्मुहूर्त - 12:34 PM – 01:20 PM, 02:51 PM – 03:37 PM

वर्ज्यम् - 08:02 PM – 09:48 PM

गण्डमूल नक्षत्र

पूरे दिन

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

अमृत 06:29 AM 07:55 AM

काल (काल वेला) 07:55 AM 09:20 AM

शुभ 09:20 AM 10:46 AM

रोग 10:46 AM 12:11 PM

उद्बेग 12:11 PM 13:37 PM

चर 13:37 PM 15:03 PM

लाभ (वार वेला) 15:03 PM 16:28 PM

अमृत 16:28 PM 17:54 PM

रात का चौघड़िया

चर 17:54 PM 19:28 PM

रोग 19:28 PM 21:03 PM

काल 21:03 PM 22:37 PM

लाभ (काल रात्रि) 22:37 PM 00:12 AM

उद्बेग 00:12 AM 01:46 AM

शुभ 01:46 AM 03:20 AM

अमृत 03:20 AM 04:55 AM

चर 04:55 AM 06:29 AM

पूजा-व्रत विधि

सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

माता सिद्धिदात्री का ध्यान कर दीपक और धूप जलाएं।

माता को नारियल, हलवा-पूरी और पुष्प अर्पित करें।

कन्या पूजन कर उन्हें भोजन और उपहार दें।

दुर्गा सप्तशती और देवी मंत्रों का पाठ करें।

जरूरतमंदों को अन्न और वस्त्र दान देना शुभ माना जाता है।

पंचांग क्या होता है?


पंचांग ज्योतिष के पांच अंगों का मेल है। जिसमें तिथि,वार, करण,योग और नक्षत्र का जिक्र होता है। हर दिन की तिथि का निर्धारण सूर्य और चंद्मा में भेद के आधार पर होता है और पंचांग के आधार पर हर दिन के शुभ-अशुभ समय का निर्धारण करते हैं। इसके आधार पर अपने काम को आसान बनाते हैँ। आज का पंचांग में तिथि, पक्ष, माह, नक्षत्र भी देखना जरुरी होता है। क्योंकि हर एक शुभ कार्य के लिए अलग अलग नक्षत्र होता है। सूर्योदय से दूसरे दिन सूर्योंदय के कुछ पहर पहले तक ही एक तिथि मानी जाती। चंद्रमा का स्थान जिस दिन चंद्रमा जिस स्थान पर होता है। उस दिन वही नक्षत्र और राशि मानी जाती है। चंद्रमा एक राशि में ढ़ाई दिन तक रहते हैं।

तिथि वारं च नक्षत्रं योगं करणमेव च।

पंचांगस्य फलं श्रुत्वा गंगा स्नानं फलं लभेत् ।।

आदिकाल में ही इस श्लोक के माध्यम से पंचांग को परिभाषित किया है।

तिथि- पंचांग का पहला अंग तिथि है। जो 16 है। इनमें पूर्णिमा और अमावस्या दो प्रमुख तिथियां है। जो दो पक्षों का निर्धारण करते हैं। कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष। पूर्णिमा और अमावस्या दोनों तिथि माह में एक बार आती है।नक्षत्र- नक्षत्र 27 होते हैं। लेकिन एक मुहूर्त अभिजीत नक्षत्र है जो शादी विवाह के समय देखा जाता है। इसे मिला कर 28 नक्षत्र भी कहे जाते है।

योग- 27 होते है। मनुष्य के जीवन में योग का बहुत महत्व है।

करण- 11 होते हैं। 4 स्थिर व 7 परिवर्तनशील है।

वार- सप्ताह में 7 दिन होते हैं। जो रविवार से शुरू, सोमवार, बुधवार, बृहस्पतिवार, शुक्रवार, और शनिवार पर खत्म होते हैं।


नोट : ये जानकारियां धार्मिक आस्था और मान्यताओं पर आधारित हैं। Newstrack.com इसकी पुष्टि नहीं करता है।इसे सामान्य रुचि को ध्यान में रखकर लिखा गया है

Suman  Mishra (Astrologer)
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Suman Mishra (Astrologer)

Astrologer Mail ID - suman1711@gmail.comsuman1711@gmail.com

मैं वर्तमान में न्यूजट्रैक और अपना भारत के लिए कंटेट राइटिंग कर रही हूं। इससे पहले मैने रांची, झारखंड में प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया में रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग किया है और ईटीवी में 5 वर्षों का डेस्क पर काम करने का अनुभव है। मैं पत्रकारिता और ज्योतिष विज्ञान में खास रुचि रखती हूं। मेरे नाना जी पंडित ललन त्रिपाठी एक प्रकांड विद्वान थे उनके सानिध्य में मुझे कर्मकांड और ज्योतिष हस्त रेखा का ज्ञान मिला और मैने इस क्षेत्र में विशेषज्ञता के लिए पढाई कर डिग्री भी ली है

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