कार्तिक कृष्ण चतुर्थी पर बन रहा ’त्रिवेणी योग’! करवा चौथ संग वक्रतुण्ड संकष्टी-कार्तिगाई का संगम

Kartik Krishna Chaturthi 2025: 11 अक्टूबर को न केवल करवा चौथ का पर्व मनाया जाएगा, बल्कि इसी दिन वक्रतुण्ड संकष्टी चतुर्थी और मासिक कार्तिगाई दीपम का भी शुभ संयोग बन रहा है।

Shishumanjali kharwar
Published on: 9 Oct 2025 10:25 AM IST
Karwa Chauth
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Kartik Krishna Chaturthi 2025: इस बार कार्तिक मास की कृष्ण चतुर्थी तिथि अद्भुत संयोग लेकर आई है। शुक्रवार (10 अक्टूबर 2025) को न केवल करवा चौथ का पर्व मनाया जाएगा, बल्कि इसी दिन वक्रतुण्ड संकष्टी चतुर्थी और मासिक कार्तिगाई दीपम का भी शुभ संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, ऐसा त्रिवेणी योग कई वर्षों बाद देखने को मिलेगा।

ग्रह-नक्षत्रों का विशेष योग

हिंदू पंचांग के मुताबिक, शुक्रवार को सूर्य कन्या राशि में और चंद्रमा वृषभ राशि में रहेंगे। दिन का अभिजीत मुहूर्त सुबह 11ः45 से दोपहर 12ः31 बजे तक रहेगा। वहीं राहुकाल का समय सुबह 10ः41 से दोपहर 12ः08 बजे तक रहेगा। इस दिन पूजा-पाठ और व्रत के लिए यह अत्यंत शुभ समय माना जा रहा है।

करवा चौथ का महत्व

करवा चौथ का व्रत हर साल कार्तिक कृष्ण चतुर्थी को मनाया जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए निर्जला उपवास रखती हैं। शाम को चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत खोला जाता है। परंपरा के अनुसार, महिलाएं भगवान शिव, माता पार्वती, गणेश और कार्तिकेय की पूजा करती हैं। व्रत का समापन चंद्रमा को अर्घ्य देने और मिट्टी के करवा से जल अर्पण करने के बाद होता है। पूजा के बाद यह करवा ब्राह्मण या किसी सुहागन को दान दिया जाता है।

वक्रतुण्ड संकष्टी चतुर्थी का शुभ अवसर

इसी दिन वक्रतुण्ड संकष्टी चतुर्थी भी मनाई जाएगी। इस दिन भक्त भगवान गणेश के वक्रतुण्ड स्वरूप की पूजा करते हैं। मुद्गल पुराण के अनुसार, भगवान गणेश ने मत्सरासुर राक्षस का वध करने के लिए यह रूप धारण किया था। उनके इस स्वरूप की आराधना से जीवन के सभी विघ्न और बाधाएं दूर होती हैं।

कार्तिगाई दीपम का पावन पर्व

इसी दिन मासिक कार्तिगाई दीपम भी मनाया जाएगा, जिसे भगवान शिव और कार्तिकेय को समर्पित माना जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार, इस दिन भगवान शिव ने ब्रह्मा और विष्णु को अपनी अनंत ज्योति रूप का दर्शन कराया था। तमिलनाडु के तिरुवन्नामलई मंदिर में इस अवसर पर विशाल महादीपम जलाया जाता है, जो दूर-दूर तक प्रकाश फैलाता है। हजारों भक्त यहां एकत्र होकर दीप जलाते हैं और अंधकार पर प्रकाश की विजय का उत्सव मनाते हैं। इस वर्ष का यह त्रिवेणी योग भक्तों के लिए सौभाग्य, समृद्धि और वैवाहिक सुख बढ़ाने वाला माना जा रहा है।

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Shishumanjali kharwar

मीडिया क्षेत्र में 12 साल से ज्यादा कार्य करने का अनुभव। इस दौरान विभिन्न अखबारों में उप संपादक और एक न्यूज पोर्टल में कंटेंट राइटर के पद पर कार्य किया। वर्तमान में प्रतिष्ठित न्यूज पोर्टल ‘न्यूजट्रैक’ में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं।

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