Hindu Tyohar 2026 में कब-कब हैं? पितृ पक्ष, नवरात्रि, दशहरा, दिवाली से छठ पूजा तक पूरी लिस्ट

Hindu Tyohar 2026 September to November 2026:साल 2026 में कब कब है पितृ पक्ष, नवरात्रि, दशहरा, दिवाली, गोवर्धन पूजा, भैया दूज और छठ पूजा की तारीखें जानें। देखें सितंबर, अक्टूबर-नवंबर 2026 का पूरा त्योहार कैलेंडर।

Suman  Mishra (Astrologer)
Published on: 17 Aug 2026 8:41 AM IST
Hindu Tyohar 2026 में कब-कब हैं?  पितृ पक्ष, नवरात्रि, दशहरा, दिवाली से छठ पूजा तक पूरी लिस्ट
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Indian Festivals September to November 2026: त्योहार केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा का विशेष दिन भी हैं। साल 2026 में सितंबर के अंत से नवंबर तक का समय धार्मिक दृष्टि से बेहद खास रहने वाला है। इस दौरान पितृ पक्ष, शारदीय नवरात्रि, दशहरा, दिवाली, गोवर्धन पूजा, भैया दूज और छठ पूजा जैसे बड़े पर्व मनाए जाएंगे।

इन त्योहारों में कहीं पितरों का दिन तो कहीं मां दुर्गा की आराधना होगी। इसके बाद दीपों से घर-आंगन रोशन होंगे और छठ पर्व पर सूर्य देव को अर्घ्य देकर परिवार की सुख-समृद्धि और आरोग्य की कामना की जाएगी। ऐसे में अगर आप अक्टूबर और नवंबर 2026 के प्रमुख त्योहारों की तारीखें पहले से जानना चाहते हैं, तो यहां देखें पूरा कैलेंडर। पंचांग गणना के अनुसार पितृ पक्ष 26 सितंबर से शुरू होकर 10 अक्टूबर तक रहेगा।

पितृ पक्ष 2026 कब से शुरू होगा?

पितृ पक्ष यानी श्राद्ध पक्ष का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है।
यह समय पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए समर्पित है।
इस दौरान लोग अपने पितरों की तिथि के अनुसार श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान और दान-पुण्य करते हैं।
साल 2026 में पितृ पक्ष की शुरुआत 26 सितंबर से होगी
सर्वपितृ अमावस्या 10 अक्टूबर को पड़ेगी।
26 सितंबर को पूर्णिमा श्राद्ध के बाद 27 सितंबर से नियमित पितृ पक्ष श्राद्ध शुरू होंगे।
इसके बाद 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ पितृ पक्ष का समापन होगा।
धार्मिक मान्यता है कि पितृ पक्ष में श्रद्धापूर्वक किए गए श्राद्ध और तर्पण से पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त है।
यही वजह है कि इस अवधि में लोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार ब्राह्मण भोजन, दान और जरूरतमंदों की सहायता भी करते हैं।

शारदीय नवरात्रि 2026 कब है?

पितृ पक्ष समाप्त होने के अगले दिन से ही धार्मिक उत्सवों का सिलसिला आगे बढ़ता है।
शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी।
नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है।
घरों में कलश स्थापना कर देवी की आराधना करते हैं।
नवरात्रि के दौरान मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होती है। वहीं, कई राज्यों में गरबा और डांडिया जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। इस बार विजयदशमी यानी दशहरा 20 अक्टूबर 2026 को मनाया जाएगा।

दशहरा 2026 कब है?

नवरात्रि के नौ दिनों के बाद दशहरे का पर्व मनाया जाता है।
20 अक्टूबर 2026 को विजयदशमी होगी।
यह पर्व भगवान श्रीराम की रावण पर विजय और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक माना जाता है।
देश के अलग-अलग हिस्सों में इस दिन रामलीला, रावण दहन और विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है।
धार्मिक दृष्टि से विजयदशमी को शुभ और महत्वपूर्ण दिन माना जाता है।

दिवाली 2026 कब है?

दिवाली हिंदू धर्म के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक है।
इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है।
लोग घरों की साफ-सफाई कर दीपक जलाते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
साल 2026 में दिवाली 8 नवंबर को मनाई जाएगी। लखनऊ के पंचांग के अनुसार भी 8 नवंबर को लक्ष्मी पूजा का पर्व रहेगा और इस दिन प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजन का विशेष महत्व होगा।

दिवाली 2026 कैलेंडर

तारीख तिथि पर्व

6 नवंबर 2026 द्वादशी/त्रयोदशी क्रम धनतेरस

7 नवंबर 2026 चतुर्दशी काली चौदस

8 नवंबर 2026 अमावस्या नरक चतुर्दशी, दीपावली

10 नवंबर 2026 प्रतिपदा गोवर्धन पूजा, अन्नकूट

11 नवंबर 2026 द्वितीया भैया दूज

पंचांग के अनुसार 6 नवंबर को धनतेरस, 7 नवंबर को काली चौदस और 8 नवंबर को दीपावली मनाई जाएगी। इसके बाद 10 नवंबर को गोवर्धन पूजा तथा 11 नवंबर को भैया दूज होगी।

छठ पूजा 2026 कब है?

दिवाली के कुछ दिनों बाद बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड समेत देश के कई हिस्सों में छठ पूजा की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। यह पर्व सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित है। चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व में व्रती कठिन नियमों का पालन करते हुए सूर्य देव को अर्घ्य देते हैं। छठ पूजा 2026 का मुख्य पर्व 15 नवंबर को होगा और चार दिवसीय अनुष्ठान 13 नवंबर से 16 नवंबर तक चलेगा।

छठ पूजा 2026

तारीख तिथि पर्व

13 नवंबर 2026 चतुर्थी नहाय-खाय

14 नवंबर 2026 पंचमी लोहंडा और खरना

15 नवंबर 2026 षष्ठी छठ पूजा, संध्या अर्घ्य

16 नवंबर 2026 सप्तमी उषा अर्घ्य, पारण। छठ के पहले दिन नहाय-खाय से पर्व की शुरुआत होती है। दूसरे दिन खरना के बाद व्रती निर्जला उपवास रखते हैं। तीसरे दिन शाम को अस्त होते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। इसके बाद चौथे और अंतिम दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाता है।

अक्टूबर-नवंबर 2026 धार्मिक पर्वों से रहेंगे खास

इस तरह सितंबर के अंत से नवंबर तक का समय धार्मिक गतिविधियों से भरा रहेगा। पितरों के निमित्त श्राद्ध और तर्पण से शुरू होने वाला यह दौर मां दुर्गा की उपासना, दशहरे के उत्सव, दीपावली की रोशनी और फिर सूर्य आराधना के महापर्व छठ तक चलेगा। अगर आप इन पर्वों पर व्रत, पूजा या धार्मिक अनुष्ठान करने की तैयारी कर रहे हैं, तो अपने स्थानीय शहर के पंचांग के अनुसार तिथि और पूजा मुहूर्त जरूर देख लें, क्योंकि कुछ पूजा मुहूर्त स्थान के अनुसार अलग हो सकते हैं।

Suman  Mishra (Astrologer)
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Suman Mishra (Astrologer)

Astrologer Mail ID - suman1711@gmail.comsuman1711@gmail.com

मैं वर्तमान में न्यूजट्रैक और अपना भारत के लिए कंटेट राइटिंग कर रही हूं। इससे पहले मैने रांची, झारखंड में प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया में रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग किया है और ईटीवी में 5 वर्षों का डेस्क पर काम करने का अनुभव है। मैं पत्रकारिता और ज्योतिष विज्ञान में खास रुचि रखती हूं। मेरे नाना जी पंडित ललन त्रिपाठी एक प्रकांड विद्वान थे उनके सानिध्य में मुझे कर्मकांड और ज्योतिष हस्त रेखा का ज्ञान मिला और मैने इस क्षेत्र में विशेषज्ञता के लिए पढाई कर डिग्री भी ली है

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