Karwa Chauth 2026 Chand Kab Niklega: करवा चौथ पर कब निकलेगा चांद? देखें लखनऊ समेत आपके शहर का समय

Karwa Chauth 2026 Chand Mein Chand Nikalne Ka Samay: करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर को रखा जाएगा। जानें दिल्ली, लखनऊ, जयपुर, मुंबई समेत प्रमुख शहरों में चांद निकलने का समय, पूजा का शुभ मुहूर्त, सरगी खाने का समय और व्रत खोलने की सही विधि।

Suman  Mishra (Astrologer)
Published on: 22 Oct 2026 1:17 PM IST
Karwa Chauth 2026 Chand Kab Niklega
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Karwa Chauth 2026 Chand Kab Niklega

Karwa Chauth 2026 Chand Kab Niklega: करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ व्रत रखती हैं। दिनभर उपवास करने के बाद शाम को विधि-विधान से पूजा की जाती है और फिर चंद्रमा के दर्शन करके व्रत खोला जाता है। ऐसे में करवा चौथ रखने वाली महिलाओं के लिए पूजा का शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का सही समय जानना जरूरी है। इस साल करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को रखा जाएगा। म जानते हैं कि दिल्ली, मुंबई, जयपुर, कोलकाता समेत प्रमुख शहरों में चांद कब निकलेगा और पूजा की तैयारी कैसे करें।

करवा चौथ 2026 कब है?

हिंदू पंचांग के अनुसार, करवा चौथ का व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। इस दिन भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की पूजा करने की परंपरा है। शाम को करवा चौथ की कथा सुनी जाती है और चंद्रमा निकलने पर उन्हें अर्घ्य देकर व्रत पूरा किया जाता है।

इस साल करवा चौथ 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा। हालांकि, चंद्रमा के निकलने का समय हर शहर में अलग होता है। इसलिए व्रत रखने वाली महिलाओं को अपने शहर के अनुसार चंद्रोदय का समय देखना चाहिए।

करवा चौथ 2026 पूजा का शुभ मुहूर्त

करवा चौथ पर पूजा के लिए शाम का समय विशेष माना जाता है। नई दिल्ली के पंचांग के अनुसार, इस साल पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 38 मिनट से 6 बजकर 56 मिनट तक रहेगा।

करवा चौथ व्रत की तारीख: 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार

चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 29 अक्टूबर को सुबह 1 बजकर 6 मिनट

चतुर्थी तिथि समाप्त: 29 अक्टूबर को रात 10 बजकर 9 मिनट

पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 5:38 बजे से 6:56 बजे तक

नई दिल्ली में चंद्रोदय: रात 8:17 बजे

ये समय नई दिल्ली के लिए हैं। अलग-अलग शहरों में स्थानीय पंचांग के अनुसार समय में अंतर होता है।

करवा चौथ 2026: देश के प्रमुख शहरों में चांद निकलने का समय

करवा चौथ पर महिलाओं को चंद्रमा के दर्शन का बेसब्री से इंतजार रहता है। व्रत पूरा करने के लिए चांद निकलने के बाद अर्घ्य दिया जाता है। इस साल प्रमुख शहरों में चंद्रोदय का संभावित समय इस प्रकार है।

शहर चांद निकलने का संभावित समय

नई दिल्ली रात 8:17 बजे

चंडीगढ़ रात 8:12 बजे

जयपुर रात 8:28 बजे

कोलकाता म 7:47 बजे

लखनऊ रात 8:06 बजे

पटना रात 7:52 बजे

चेन्नई रात 8:44 बजे

बेंगलुरु रात 8:55 बजे

मुंबई रात 9:00 बजे

ध्यान रखें कि चंद्रोदय का समय और आसमान में चंद्रमा स्पष्ट दिखाई देने का समय अलग होता है। बादल, धुंध या ऊंची इमारतों के कारण दर्शन में देरी हो सकती है। इसलिए पूजा की तैयारी पहले से करके रखें।

करवा चौथ की सरगी कब खाएं?

करवा चौथ के दिन सरगी खाने की परंपरा है। इसे आमतौर पर सूर्योदय से पहले खाया जाता है। कई परिवारों में सास अपनी बहू को सरगी देती हैं, जिसमें फल, मिठाई, सूखे मेवे और अन्य खाद्य पदार्थ शामिल होते हैं।

सरगी में ऐसा भोजन लेना बेहतर है, जिससे पेट भरा रहे और शरीर को पर्याप्त ऊर्जा मिले। फल, मेवे, दूध, दही और दलिया जैसे विकल्प शामिल किए जाते हैं। बहुत अधिक तला हुआ, नमकीन या मीठा भोजन खाने से बचना बेहतर है। व्रत के दौरान पानी भी नहीं पीना है तो सूर्योदय से पहले पर्याप्त तरल पदार्थ लेना उपयोगी हो सकता है, बशर्ते स्वास्थ्य इसकी अनुमति देता हो।

करवा चौथ पूजा की थाली में जरूर रखें ये सामग्री

करवा चौथ की पूजा के लिए सामग्री पहले से तैयार कर लेने से शाम के समय जल्दबाजी नहीं होती। पूजा की थाली में अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार ये चीजें रख सकती हैं।

मिट्टी का करवा और जल

पूजा की थाली और दीपक

रुई, घी या तेल और माचिस

रोली, अक्षत, चंदन और फूल

माता पार्वती, भगवान शिव और गणेश जी की तस्वीर या मूर्ति

मिठाई, फल और पूजा में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री

चंद्र दर्शन के लिए छलनी

अर्घ्य देने के लिए लोटा या पात्र

कई परिवारों में बायना निकालने और सास को उपहार देने की परंपरा भी होती है। पूजा सामग्री में स्थानीय रीति-रिवाजों के अनुसार बदलाव हो सकता है।

करवा चौथ पर पूजा और व्रत खोलने की विधि

करवा चौथ के दिन सुबह सरगी खाने के बाद व्रत शुरू किया जाता है। दिनभर महिलाएं अपनी मान्यताओं के अनुसार उपवास रखती हैं। शाम को स्नान करके या पूजा के लिए तैयार होकर शुभ मुहूर्त में भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की पूजा की जाती है।

इसके बाद करवा चौथ की व्रत कथा सुनी जाती है। रात में चंद्रमा निकलने पर चंद्रदेव को जल से अर्घ्य दिया जाता है और उनकी पूजा की जाती है। परंपरा के अनुसार, महिलाएं छलनी से पहले चंद्रमा और फिर अपने पति के दर्शन करती हैं। इसके बाद पति के हाथों से जल ग्रहण करके व्रत खोलती हैं।

करवा चौथ का पर्व पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास और साथ निभाने की भावना से जुड़ा है। इस दिन पूजा के शुभ मुहूर्त और अपने शहर के चंद्रोदय समय की जानकारी पहले से रखकर व्रत की तैयारी आसानी से की जा सकती है।

नोट : गर्भवती महिलाओं, मधुमेह से पीड़ित लोगों या नियमित दवा लेने वालों को निर्जला उपवास रखने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ही व्रत का निर्णय लें।

Suman  Mishra (Astrologer)
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Suman Mishra (Astrologer)

Astrologer Mail ID - suman1711@gmail.comsuman1711@gmail.com

मैं वर्तमान में न्यूजट्रैक और अपना भारत के लिए कंटेट राइटिंग कर रही हूं। इससे पहले मैने रांची, झारखंड में प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया में रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग किया है और ईटीवी में 5 वर्षों का डेस्क पर काम करने का अनुभव है। मैं पत्रकारिता और ज्योतिष विज्ञान में खास रुचि रखती हूं। मेरे नाना जी पंडित ललन त्रिपाठी एक प्रकांड विद्वान थे उनके सानिध्य में मुझे कर्मकांड और ज्योतिष हस्त रेखा का ज्ञान मिला और मैने इस क्षेत्र में विशेषज्ञता के लिए पढाई कर डिग्री भी ली है

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