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Karwa Chauth Ka Chand Mantra चंद्र को अर्घ्य देते समय पढ़ें ये मंत्र, जानें देश में कब निकलेगा चांद?
Karwa Chauth Ka Chand Mantra: करवा चौथ पर चंद्रमा को अर्घ्य देते समय कौन-से मंत्र पढ़ें? जानें माता पार्वती का मंत्र, चंद्रोदय का समय, चंद्र पूजा की विधि और व्रत खोलने से जुड़ी जरूरी बातें।
Karwa Chauth Ka Chand Mantra करवा चौथ का पर्व इस साल 29 अक्टूबर, गुरुवार को मनाया जाएगा। सुहागिन महिलाएं इस दिन पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ व्रत रखती हैं। सुबह सरगी खाने के बाद व्रत शुरू होता है और महिलाएं दिनभर निर्जला उपवास रखती हैं। शाम को भगवान शिव, माता पार्वती, गणेश जी और करवा माता की पूजा की जाती है। रात में चंद्रमा के दर्शन करने और अर्घ्य देने के बाद व्रत खोला जाता है।
करवा चौथ की पूजा में चंद्रमा को अर्घ्य देने का खास महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन माता पार्वती और चंद्रदेव की पूजा करने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति की कामना की जाती है। ऐसे में अगर आप भी करवा चौथ का व्रत रख रही हैं, तो जानिए माता पार्वती का कौन-सा मंत्र पढ़ना चाहिए, चंद्रमा को अर्घ्य देते समय किन मंत्रों का जाप कर सकते हैं और चांद निकलने पर पूजा कैसे करें।
करवा चौथ 2026: चांद कब निकलेगा?
करवा चौथ पर महिलाएं पूरे दिन चंद्रमा के उदय होने का इंतजार करती हैं। चांद निकलने के बाद उसकी पूजा की जाती है और जल अर्पित करके व्रत खोला जाता है। 29 अक्टूबर को चंद्रोदय का समय शहर के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। इसलिए अपने शहर में चांद निकलने का सही समय स्थानीय पंचांग या विश्वसनीय मौसम संबंधी जानकारी से जरूर जांच लें। बादल होने या मौसम खराब रहने पर चंद्रमा के दर्शन में देर भी हो सकती है। वैसे करवा चौथ पर चांद देखने का संभावित समय रात 8:17 बजे है। ये समय हर जगह के हिसाब से अलग अलग है।
करवा चौथ पर पढ़ें माता पार्वती का यह मंत्र
करवा चौथ की पूजा में माता पार्वती की आराधना का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि माता पार्वती को अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना से पूजा जाता है। शाम की पूजा के दौरान आप इस मंत्र का जाप कर सकती हैं।
मंत्र:
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणि नमोऽस्तु ते॥
मंत्र का अर्थ: हे माता गौरी, आप सभी मंगल कार्यों का आधार हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करने वाली हैं। मैं आपको नमन करती हूं। आप अपने भक्तों की रक्षा करें और उन्हें अपना आशीर्वाद दें।
पूजा करते समय इस मंत्र का 11 बार जाप कर सकती हैं। इसके बाद माता पार्वती और भगवान शिव से अपने परिवार की सुख-समृद्धि और पति के अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना करें।
चंद्रमा को अर्घ्य देते समय पढ़ें ये मंत्र
करवा चौथ पर चंद्रमा के दर्शन के बाद जल अर्पित करने की परंपरा है। इस समय महिलाएं चंद्रदेव को नमन करती हैं और पति की लंबी आयु की कामना करती हैं। अर्घ्य देते समय आप इन सरल मंत्रों का जाप कर सकती हैं।
चंद्र अर्घ्य मंत्र 1: ॐ सोम सोमाय नमः।
अर्थ: चंद्रदेव को मेरा नमन है।
चंद्र अर्घ्य मंत्र 2: ॐ चंद्राय नमः।
अर्थ: चंद्रमा को मेरा प्रणाम है।
इनमें से किसी मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करते हुए चंद्रमा को जल अर्पित करें। मंत्रों की संख्या को लेकर अलग-अलग परंपराएं हो सकती हैं। आप चाहें तो 11 बार जाप कर सकती हैं। इसके बाद हाथ जोड़कर अपने पति की दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार में सुख-शांति की कामना करें।
करवा चौथ पर चंद्रमा की पूजा कैसे करें?
चांद निकलने पर पूजा की थाली लेकर उचित स्थान पर जाएं। चंद्रमा के दर्शन करें और परंपरा के अनुसार जल से अर्घ्य दें। इसके बाद चंद्रदेव को प्रणाम करें। कई परिवारों में छलनी से चांद और फिर पति का चेहरा देखने की परंपरा भी निभाई जाती है। इसके बाद पति के हाथ से पानी पीकर व्रत खोला जाता है। परिवार की रीति के अनुसार पूजा की विधि में थोड़ा अंतर हो सकता है।
करवा चौथ के दिन पूजा के लिए थाली पहले से तैयार रखें। इसमें दीपक, रोली, अक्षत, मिठाई और अर्घ्य देने के लिए जल रखें। व्रत कथा सुनना या पढ़ना भी कई परिवारों की परंपरा का हिस्सा है।
ध्यान रखें कि पूजा में सबसे महत्वपूर्ण श्रद्धा और अपनी परंपरा का पालन करना है। चंद्रमा दिखाई देने में देर हो तो घबराएं नहीं। स्थानीय पंचांग और परिवार में चली आ रही पूजा-विधि के अनुसार आगे बढ़ें।


