11 May 2026 Aaj Ka Panchang : सोमवार का दिन कैसा रहेगा, दैखे आज के पंचांग

11 May 2026 Aaj Ka Panchang : आज के पंचांग में तिथि, नक्षत्र, योग और राहुकाल,देखे आज का पंचांग आज का पञ्चाङ्ग 11 मई 2026: , सोमवार का दिन कैसा रहेगा,

Suman  Mishra
Published on: 11 May 2026 6:15 AM IST
Aaj Ka Panchang 3 May 2026
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Aaj Ka Panchang 3 May 2026 (Image Credit-Social Media)

11 May 2026 Ka Panchang in Hindi: आज सोमवार का दिन नवमी तिथि में शतभिषा नक्षत्र इंद्र योग के साथ शुरु हो रहा है। इस दिन नए काम की शुरुआत के लिए कौन सा समय सही रहेगा आज का पंचांग क्या है। ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का बहुत महत्व है । जिसमें तिथि,वार, करण,योग और नक्षत्र का जिक्र होता है। इसकी मदद से हम दिन के हर बेला के शुभ और अशुभ समय का पता लगाते हैं। उसके आधार पर अपने खास कर्मों को इंगित करते हैं।

11 मई 2026, सोमवार के दिन शाख मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है (रात 12:38 AM तक)। यह दिन साधना, संयम और आत्मचिंतन के लिए उपयुक्त माना जाता है। आज राहु 07:29 AM से 09:07 AM तक है | चन्द्रमा कुंभ राशि पर संचार करेगा

आज का पंचांग

तिथि: कृष्ण पक्ष नवमी – रात 12:38 AM तक

वार: सोमवार

नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा – दोपहर 1:40 PM तक

योग: सिद्ध – शाम 6:39 PM तक

करण: तैतिल – सुबह 11:58 AM तक

मास (अमांत): चैत्र

मास (पूर्णिमांत): वैशाख

विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)

शक संवत: 1948 (प्रभाउ)

सूर्य राशि: मीन

चंद्र राशि: मकर

ऋतु: वसंत

अयन: उत्तरायण

दिशाशूल: पूर्व

चंद्र निवास: दक्षिण

त्यौहार और व्रत

सोमवार

शुभ-अशुभ समय

अभिजीत मुहूर्त - 11:57 AM – 12:49 PM

अमृत काल - 06:04 PM – 07:42 PM

ब्रह्म मुहूर्त - 04:15 AM – 05:03 AMराहू - 7:29 AM – 9:07 AM

यम गण्ड - 10:45 AM – 12:23 PM

कुलिक - 2:01 PM – 3:39 PM

दुर्मुहूर्त - 12:49 PM – 01:41 PM, 03:25 PM – 04:18 PM

वर्ज्यम् - 08:13 AM – 09:52 AM

सूर्य और चंद्र समय

सूर्योदय - 5:51 AM

सूर्यास्त - 6:54 PM

चन्द्रोदय - May 11 1:46 AM

चन्द्रास्त - May 11 1:32 PM

आनन्दादि योग

अमृत Upto - 01:28 AM
मुसल


सूर्या राशि

सूर्य मेष राशि पर है

चंद्र राशि

कुंभ राशि पर संचार करेगा

गण्डमूल नक्षत्र

नहीं

पूजा-व्रत विधि

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और सूर्य देव को अर्घ्य दें।

अपने इष्ट देव का ध्यान करें और दिन की शुरुआत सकारात्मक भाव से करें।

ध्यान, योग और जप करना इस दिन लाभकारी होता है।

जरूरतमंदों को दान करें और अच्छे कर्मों पर ध्यान दें।

दिनभर संयम और शांत मन बनाए रखें।

दिन का चौघड़िया

मृत 05:51 AM 07:29 AM

काल (काल वेला) 07:29 AM 09:07 AM

शुभ 09:07 AM 10:45 AM

रोग 10:45 AM 12:23 PM

उद्बेग 12:23 PM 14:01 PM

चर 14:01 PM 15:39 PM

लाभ (वार वेला) 15:39 PM 17:16 PM

अमृत 17:16 PM 18:54 PM

रात का चौघड़िया

चर 18:54 PM 20:16 PM

रोग 20:16 PM 21:38 PM

काल 21:38 PM 23:00 PM

लाभ (काल रात्रि) 23:00 PM 00:23 AM

उद्बेग 00:23 AM 01:45 AM

शुभ 01:45 AM 03:07 AM

अमृत 03:07 AM 04:29 AM

चर 04:29 AM 05:51 AM

पंचांग क्या होता है?

पंचांग ज्योतिष के पांच अंगों का मेल है। जिसमें तिथि,वार, करण,योग और नक्षत्र का जिक्र होता है। हर दिन की तिथि का निर्धारण सूर्य और चंद्मा में भेद के आधार पर होता है और पंचांग के आधार पर हर दिन के शुभ-अशुभ समय का निर्धारण करते हैं। इसके आधार पर अपने काम को आसान बनाते हैँ। आज का पंचांग में तिथि, पक्ष, माह, नक्षत्र भी देखना जरुरी होता है। क्योंकि हर एक शुभ कार्य के लिए अलग अलग नक्षत्र होता है। सूर्योदय से दूसरे दिन सूर्योंदय के कुछ पहर पहले तक ही एक तिथि मानी जाती। चंद्रमा का स्थान जिस दिन चंद्रमा जिस स्थान पर होता है। उस दिन वही नक्षत्र और राशि मानी जाती है। चंद्रमा एक राशि में ढ़ाई दिन तक रहते हैं।

तिथि वारं च नक्षत्रं योगं करणमेव च।

पंचांगस्य फलं श्रुत्वा गंगा स्नानं फलं लभेत् ।।

आदिकाल में ही इस श्लोक के माध्यम से पंचांग को परिभाषित किया है।

तिथि- पंचांग का पहला अंग तिथि है। जो 16 है। इनमें पूर्णिमा और अमावस्या दो प्रमुख तिथियां है। जो दो पक्षों का निर्धारण करते हैं। कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष। पूर्णिमा और अमावस्या दोनों तिथि माह में एक बार आती है।

नक्षत्र- नक्षत्र 27 होते हैं। लेकिन एक मुहूर्त अभिजीत नक्षत्र है जो शादी विवाह के समय देखा जाता है। इसे मिला कर 28 नक्षत्र भी कहे जाते है।

योग- 27 होते है। मनुष्य के जीवन में योग का बहुत महत्व है।करण- 11 होते हैं। 4 स्थिर व 7 परिवर्तनशील है।

वार- सप्ताह में 7 दिन होते हैं। जो रविवार से शुरू, सोमवार, बुधवार, बृहस्पतिवार, शुक्रवार, और शनिवार पर खत्म होते हैं।


Suman  Mishra

Suman Mishra

एस्ट्रोलॉजी एडिटर

मैं वर्तमान में न्यूजट्रैक और अपना भारत के लिए कंटेट राइटिंग कर रही हूं। इससे पहले मैने रांची, झारखंड में प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया में रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग किया है और ईटीवी में 5 वर्षों का डेस्क पर काम करने का अनुभव है। मैं पत्रकारिता और ज्योतिष विज्ञान में खास रुचि रखती हूं। मेरे नाना जी पंडित ललन त्रिपाठी एक प्रकांड विद्वान थे उनके सानिध्य में मुझे कर्मकांड और ज्योतिष हस्त रेखा का ज्ञान मिला और मैने इस क्षेत्र में विशेषज्ञता के लिए पढाई कर डिग्री भी ली है Author Experience- 2007 से अब तक( 17 साल) Author Education – 1. बनस्थली विद्यापीठ और विद्यापीठ से संस्कृत ज्योतिष विज्ञान में डिग्री 2. रांची विश्वविद्यालय से पत्राकरिता में जर्नलिज्म एंड मास कक्मयूनिकेश 3. विनोबा भावे विश्व विदयालय से राजनीतिक विज्ञान में स्नातक की डिग्री

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