19 May 2026 Aaj Ka Panchang :मंगलवार का शुभ-अशुभ समय, मुहूर्त और राहुकाल कब है, देखें आज का पंचांग

19 May 2026 Aaj Ka Panchang :मंगलवार ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि आज के पंचांग में तिथि, नक्षत्र, योग और राहुकाल,देखे आज का पंचांग आज का पञ्चाङ्ग 19मई 2026 का पंचांग क्या है? ,रविवार का दिन कैसा रहेगा

Suman  Mishra
Published on: 18 May 2026 7:29 AM IST
Panchang 25 April 2026
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Panchang 25 April 2026 (Image Credit-Social Media)

19 May 2026 Ka Panchang in Hindi: आज मंगलवार का दिन ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष तृतीया में म्रृगशीर्षा नक्षत्र धृति योग के साथ शुरु हो रहा है। ।दिन की शुरुआत अगर शांत मन और भगवान के स्मरण से हो, तो पूरे दिन में एक सहज शांति और संतुलन बना रह सकता है। धार्मिक रूप से यह दिन साधारण नहीं, बल्कि धीरे-धीरे सकारात्मक बदलाव लाने वाला माना जाता है।आज का पंचांग क्या है। ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का बहुत महत्व है । जिसमें तिथि,वार, करण,योग और नक्षत्र का जिक्र होता है। इसकी मदद से हम दिन के हर बेला के शुभ और अशुभ समय का पता लगाते हैं। उसके आधार पर अपने खास कर्मों को इंगित करते हैं।

19 मई 2026,मंगलवार को राहु 03:40 PM से 05:19 PM तक है | चन्द्रमा मिथुन राशि पर संचार करेगा

आज का पंचांग

तिथि: शुक्ल पक्ष तृतीया – दोपहर 2:19 PM तक

वार: मंगलवार

नक्षत्र: मृगशिरा – सुबह 8:43 AM तक

योग: धृति – शाम 5:48 PM तक

करण: गर – दोपहर 2:22 PM तक

मास (अमांत): ज्येष्ठ

मास (पूर्णिमांत): ज्येष्ठ

विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)

शक संवत: 1948 (प्रभाउ)

सूर्य राशि: वृष

चंद्र राशि: मिथुन

ऋतु: ग्रीष्म

अयन: उत्तरायण

दिशाशूल: उत्तर

चंद्र निवास: पश्चिम

त्यौहार और व्रत

मंगलवार

शुभ-अशुभ समय

आज का अभिजीत मुहूर्त - 11:56 AM – 12:49 PM

अमृत काल - 09:13 PM – 10:39 PM

ब्रह्म मुहूर्त - 04:11 AM – 04:59 AM

अमृतसिद्धि योग - May 18 11:31 AM - May 19 05:48 AM

सर्वार्थसिद्धि योग - May 18 11:31 AM - May 19 05:48 AM

इन समयों में नए और महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।

राहू - 3:40 PM – 5:19 PM

यम गण्ड - 9:05 AM – 10:44 AM

कुलिक - 12:23 PM – 2:02 PM

दुर्मुहूर्त - 08:26 AM – 09:18 AM, 11:18 PM – 12:01 AM

वर्ज्यम् - 04:13 PM – 05:39 PM

सूर्य और चंद्र समय

सूर्योदय: 5:12 AM

सूर्यास्त: 6:39 PM

चंद्रोदय: 7:14 AM

चंद्रास्त: 9:46 PM

आनन्दादि योग

राक्षस Upto - 08:41 AM
चर


सूर्या राशि

वृषभ राशि में

चंद्र राशि

10:46 PM तक मेष राशि उपरांत वृषभ राशि पर संचार करेगा

गण्डमूल नक्षत्र

नहींं

पूजा-व्रत विधि

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

भगवान हनुमान का ध्यान करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें।

दिनभर सकारात्मक कार्यों में मन लगाएं और क्रोध से बचें।

जरूरतमंदों की सहायता करें और दान-पुण्य करें।

शाम के समय दीपक जलाकर भगवान का स्मरण करें।

दिन का चौघड़िया

रोग 05:48 AM 07:26 AM

उद्बेग (वार वेला) 07:26 AM 09:05 AM

चर 09:05 AM 10:44 AM

लाभ 10:44 AM 12:23 PM

अमृत 12:23 PM 14:02 PM

काल (काल वेला) 14:02 PM 15:40 PM

शुभ 15:40 PM 17:19 PM

रोग 17:19 PM 18:58 PM

रात का चौघड़िया

काल 18:58 PM 20:19 PM

लाभ (काल रात्रि) 20:19 PM 21:40 PM

उद्बेग 21:40 PM 23:02 PM

शुभ 23:02 PM 00:23 AM

अमृत 00:23 AM 01:44 AM

चर 01:44 AM 03:05 AM

रोग 03:05 AM 04:26 AM

काल 04:26 AM 05:47 AM

पंचांग क्या होता है?

पंचांग ज्योतिष के पांच अंगों का मेल है। जिसमें तिथि,वार, करण,योग और नक्षत्र का जिक्र होता है। हर दिन की तिथि का निर्धारण सूर्य और चंद्मा में भेद के आधार पर होता है और पंचांग के आधार पर हर दिन के शुभ-अशुभ समय का निर्धारण करते हैं। इसके आधार पर अपने काम को आसान बनाते हैँ। आज का पंचांग में तिथि, पक्ष, माह, नक्षत्र भी देखना जरुरी होता है। क्योंकि हर एक शुभ कार्य के लिए अलग अलग नक्षत्र होता है। सूर्योदय से दूसरे दिन सूर्योंदय के कुछ पहर पहले तक ही एक तिथि मानी जाती। चंद्रमा का स्थान जिस दिन चंद्रमा जिस स्थान पर होता है। उस दिन वही नक्षत्र और राशि मानी जाती है। चंद्रमा एक राशि में ढ़ाई दिन तक रहते हैं।

तिथि वारं च नक्षत्रं योगं करणमेव च।

पंचांगस्य फलं श्रुत्वा गंगा स्नानं फलं लभेत् ।।

आदिकाल में ही इस श्लोक के माध्यम से पंचांग को परिभाषित किया है।

तिथि- पंचांग का पहला अंग तिथि है। जो 16 है। इनमें पूर्णिमा और अमावस्या दो प्रमुख तिथियां है। जो दो पक्षों का निर्धारण करते हैं। कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष। पूर्णिमा और अमावस्या दोनों तिथि माह में एक बार आती है।

नक्षत्र- नक्षत्र 27 होते हैं। लेकिन एक मुहूर्त अभिजीत नक्षत्र है जो शादी विवाह के समय देखा जाता है। इसे मिला कर 28 नक्षत्र भी कहे जाते है।

योग- 27 होते है। मनुष्य के जीवन में योग का बहुत महत्व है।करण- 11 होते हैं। 4 स्थिर व 7 परिवर्तनशील है।

वार- सप्ताह में 7 दिन होते हैं। जो रविवार से शुरू, सोमवार, बुधवार, बृहस्पतिवार, शुक्रवार, और शनिवार पर खत्म होते हैं।


Suman  Mishra

Suman Mishra

एस्ट्रोलॉजी एडिटर

मैं वर्तमान में न्यूजट्रैक और अपना भारत के लिए कंटेट राइटिंग कर रही हूं। इससे पहले मैने रांची, झारखंड में प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया में रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग किया है और ईटीवी में 5 वर्षों का डेस्क पर काम करने का अनुभव है। मैं पत्रकारिता और ज्योतिष विज्ञान में खास रुचि रखती हूं। मेरे नाना जी पंडित ललन त्रिपाठी एक प्रकांड विद्वान थे उनके सानिध्य में मुझे कर्मकांड और ज्योतिष हस्त रेखा का ज्ञान मिला और मैने इस क्षेत्र में विशेषज्ञता के लिए पढाई कर डिग्री भी ली है Author Experience- 2007 से अब तक( 17 साल) Author Education – 1. बनस्थली विद्यापीठ और विद्यापीठ से संस्कृत ज्योतिष विज्ञान में डिग्री 2. रांची विश्वविद्यालय से पत्राकरिता में जर्नलिज्म एंड मास कक्मयूनिकेश 3. विनोबा भावे विश्व विदयालय से राजनीतिक विज्ञान में स्नातक की डिग्री

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