21 May 2026 Aaj Ka Panchang : गुरु-पुष्य योग में दिन हो रहा शुरु, देखिये आज का पंचांग क्या है

21 May 2026 Aaj Ka Panchang : गुरुवार ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष पंचमी,को दिन कैसा रहेगा। इस नया काम कब करे। आज के पंचांग में तिथि, नक्षत्र, योग और राहुकाल,देखे आज का पंचांग आज का पञ्चाङ्ग 21मई 2026 का पंचांग क्या है? ,रविवार का दिन कैसा रहेगा

Suman  Mishra
Published on: 20 May 2026 9:05 AM IST
21 May 2026 Aaj Ka Panchang : गुरु-पुष्य योग में दिन हो रहा शुरु, देखिये आज का पंचांग क्या है
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21 May 2026 Ka Panchang in Hindi: आजगुरुवार ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि 08:26 AM तक उपरांत षष्ठी , नक्षत्र पुष्य 02:49 AM तक उपरांत आश्लेषा , गण्ड योग 10:58 AM तक, उसके बाद वृद्धि योग , करण बालव 08:27 AM तक, बाद कौलव 07:21 PM तक, बाद तैतिल। 21 मई 2026 भी ऐसा ही दिन है। इस दिन ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी और गुरुवार का संयोग इस दिन को पूजा, दान और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल बनाता है।जो पूरे दिन के अनुभव को बेहतर बना सकता है।आज का पंचांग क्या है। ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का बहुत महत्व है । जिसमें तिथि,वार, करण,योग और नक्षत्र का जिक्र होता है। इसकी मदद से हम दिन के हर बेला के शुभ और अशुभ समय का पता लगाते हैं। उसके आधार पर अपने खास कर्मों को इंगित करते हैं।

21मई 2026गुरुवार को राहु 02:02 PM से 03:41 PM तक है, चन्द्रमा कर्क राशि पर संचार करेगा

आज का पंचांग

तिथि: शुक्ल पक्ष पंचमी – सुबह 8:27 AM तक

वार: गुरुवार

नक्षत्र: पुष्य – रात 2:51 AM तक

योग: गंड – सुबह 10:58 AM तक

करण: बालव – सुबह 8:29 AM तक

मास (अमांत): ज्येष्ठ

मास (पूर्णिमांत): ज्येष्ठ

विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)

शक संवत: 1948 (प्रभाउ)

सूर्य राशि: वृष

चंद्र राशि: कर्क

ऋतु: ग्रीष्म

अयन: उत्तरायण

दिशाशूल: दक्षिण

त्यौहार और व्रत

गुरुवार

शुभ-अशुभ समय

आज का अभिजीत मुहूर्त - 11:57 AM – 12:49 PM

अमृत काल - 08:47 PM – 10:17 PM

ब्रह्म मुहूर्त - 04:10 AM – 04:58 AM

अमृतसिद्धि योग - May 21 05:47 AM - May 22 02:49 AM

गुरू पुष्य योग - May 21 05:47 AM - May 22 02:49 AM

सर्वार्थसिद्धि योग - May 21 05:47 AM - May 22 02:49 AM

इन समयों में नए और महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।

राहू - 2:02 PM – 3:41 PM

यम गण्ड - 5:47 AM – 7:26 AM

कुलिक - 9:05 AM – 10:44 AM

दुर्मुहूर्त - 10:11 AM – 11:04 AM, 03:28 PM – 04:21 PM

वर्ज्यम् - 11:44 AM – 01:14 PM

सूर्य और चंद्र समय

सूर्योदय - 5:47 AM

सूर्यास्त - 6:59 PM

चन्द्रोदय - May 21 10:06 AM

चन्द्रास्त - May 21 11:53 PM

आनन्दादि योग

शुभ Upto - 02:49 AM

अमृत


सूर्या राशि

वृषभ राशि में

चंद्र राशि

10:46 PM तक मेष राशि उपरांत वृषभ राशि पर संचार करेगा

गण्डमूल नक्षत्र

May 22 02:49 AM – May 23 02:08 AM

पूजा-व्रत विधि

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

भगवान विष्णु और बृहस्पति देव का ध्यान करें।

पीले वस्त्र, चने की दाल और हल्दी का दान करना शुभ माना जाता है।

मंदिर जाकर दीपक जलाएं और पूजा करें।

दिनभर सकारात्मक विचार रखें और जरूरतमंदों की सहायता करें।

दिन का चौघड़िया

शुभ (वार वेला) 05:47 AM 07:26 AM

रोग 07:26 AM 09:05 AM

उद्बेग 09:05 AM 10:44 AM

चर 10:44 AM 12:23 PM

लाभ 12:23 PM 14:02 PM

अमृत 14:02 PM 15:41 PM

काल (काल वेला) 15:41 PM 17:20 PM

शुभ (वार वेला) 17:20 PM 18:59 PM

रात का चौघड़िया

अमृत 18:59 PM 20:20 PM

चर 20:20 PM 21:41 PM

रोग 21:41 PM 23:02 PM

काल 23:02 PM 00:23 AM

लाभ (काल रात्रि) 00:23 AM 01:44 AM

उद्बेग 01:44 AM 03:05 AM

शुभ 03:05 AM 04:26 AM

अमृत 04:26 AM 05:47 AM

पंचांग क्या होता है?

पंचांग ज्योतिष के पांच अंगों का मेल है। जिसमें तिथि,वार, करण,योग और नक्षत्र का जिक्र होता है। हर दिन की तिथि का निर्धारण सूर्य और चंद्मा में भेद के आधार पर होता है और पंचांग के आधार पर हर दिन के शुभ-अशुभ समय का निर्धारण करते हैं। इसके आधार पर अपने काम को आसान बनाते हैँ। आज का पंचांग में तिथि, पक्ष, माह, नक्षत्र भी देखना जरुरी होता है। क्योंकि हर एक शुभ कार्य के लिए अलग अलग नक्षत्र होता है। सूर्योदय से दूसरे दिन सूर्योंदय के कुछ पहर पहले तक ही एक तिथि मानी जाती। चंद्रमा का स्थान जिस दिन चंद्रमा जिस स्थान पर होता है। उस दिन वही नक्षत्र और राशि मानी जाती है। चंद्रमा एक राशि में ढ़ाई दिन तक रहते हैं।

तिथि वारं च नक्षत्रं योगं करणमेव च।

पंचांगस्य फलं श्रुत्वा गंगा स्नानं फलं लभेत् ।।

आदिकाल में ही इस श्लोक के माध्यम से पंचांग को परिभाषित किया है।

तिथि- पंचांग का पहला अंग तिथि है। जो 16 है। इनमें पूर्णिमा और अमावस्या दो प्रमुख तिथियां है। जो दो पक्षों का निर्धारण करते हैं। कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष। पूर्णिमा और अमावस्या दोनों तिथि माह में एक बार आती है।

नक्षत्र- नक्षत्र 27 होते हैं। लेकिन एक मुहूर्त अभिजीत नक्षत्र है जो शादी विवाह के समय देखा जाता है। इसे मिला कर 28 नक्षत्र भी कहे जाते है।

योग- 27 होते है। मनुष्य के जीवन में योग का बहुत महत्व है।करण- 11 होते हैं। 4 स्थिर व 7 परिवर्तनशील है।

वार- सप्ताह में 7 दिन होते हैं। जो रविवार से शुरू, सोमवार, बुधवार, बृहस्पतिवार, शुक्रवार, और शनिवार पर खत्म होते हैं।


Suman  Mishra

Suman Mishra

एस्ट्रोलॉजी एडिटर

मैं वर्तमान में न्यूजट्रैक और अपना भारत के लिए कंटेट राइटिंग कर रही हूं। इससे पहले मैने रांची, झारखंड में प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया में रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग किया है और ईटीवी में 5 वर्षों का डेस्क पर काम करने का अनुभव है। मैं पत्रकारिता और ज्योतिष विज्ञान में खास रुचि रखती हूं। मेरे नाना जी पंडित ललन त्रिपाठी एक प्रकांड विद्वान थे उनके सानिध्य में मुझे कर्मकांड और ज्योतिष हस्त रेखा का ज्ञान मिला और मैने इस क्षेत्र में विशेषज्ञता के लिए पढाई कर डिग्री भी ली है Author Experience- 2007 से अब तक( 17 साल) Author Education – 1. बनस्थली विद्यापीठ और विद्यापीठ से संस्कृत ज्योतिष विज्ञान में डिग्री 2. रांची विश्वविद्यालय से पत्राकरिता में जर्नलिज्म एंड मास कक्मयूनिकेश 3. विनोबा भावे विश्व विदयालय से राजनीतिक विज्ञान में स्नातक की डिग्री

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