9 May 2026 Aaj Ka Panchang : आज राहुकाल और दिशाशूल जानिए आज का पंचांग

9 May 2026 Aaj Ka Panchang : आज के पंचांग में तिथि, नक्षत्र, योग और राहुकाल,देखे आज का पंचांग आज का पञ्चाङ्ग 9 मई 2026: , आज के पंचांग में तिथि, नक्षत्र, योग और राहुकाल के साथ दिन के खास मुहूर्त की जानकारी पढ़ें।

Suman  Mishra
Published on: 8 May 2026 9:58 AM IST (Updated on: 9 May 2026 8:44 AM IST)
9 May 2026 Aaj Ka Panchang :  आज राहुकाल और दिशाशूल जानिए आज का पंचांग
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9 May 2026 Ka Panchang in Hindi: ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का बहुत महत्व है । जिसमें तिथि,वार, करण,योग और नक्षत्र का जिक्र होता है। इसकी मदद से हम दिन के हर बेला के शुभ और अशुभ समय का पता लगाते हैं। उसके आधार पर अपने खास कर्मों को इंगित करते हैं।

9 मई 20269 मई 2026, शनिवार के दिन ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है (दोपहर 2:04 PM तक)। इस दिन कालाष्टमी और टैगोर जयंती जैसे महत्वपूर्ण पर्व मनाए जाते हैं। यह दिन विशेष रूप से भगवान भैरव की पूजा और ज्ञान-साहित्य के सम्मान के लिए जाना जाता है। आज राहुकाल 09:08 AM से 10:45 AM तक है , चन्द्रमा मकर राशि पर संचार करेगा

आज का पंचांग

तिथि: कृष्ण पक्ष सप्तमी – दोपहर 2:04 PM तक

वार: शनिवार

नक्षत्र: श्रावण – रात 11:25 PM तक

योग: शुक्ल – रात्रि 2:36 AM तक

करण: बव – दोपहर 1:59 PM तक

मास (अमांत): वैशाख

मास (पूर्णिमांत): ज्येष्ठ

विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)

शक संवत: 1948 (प्रभाउ)

सूर्य राशि: मेष

चंद्र राशि: मकर

ऋतु: वसंत

अयन: उत्तरायण

दिशाशूल: पूर्व

चंद्र निवास: दक्षिण

त्यौहार और व्रत

कालाष्टमी

शुभ-अशुभ समय

सर्वार्थसिद्धि योग - May 08 09:19 PM - May 09 11:24 PM
शुभ मुहूर्त: 11:29 AM से 12:21 PM

अभिजीत मुहूर्त - 11:57 AM – 12:49 PM
अमृत काल - 12:23 PM – 02:08 PM
ब्रह्म मुहूर्त - 04:15 AM – 05:03 AM
राहुकाल: 8:36 AM से 10:16 AM
गुलिक काल: 5:17 AM से 6:57 AM
यमघण्ट काल: 1:35 PM से 3:14 PM

सूर्य और चंद्र समय

सूर्योदय - 5:52 AM
सूर्यास्त - 6:53 PM
चन्द्रोदय - May 09 12:34 AM
चन्द्रास्त - May 10 12:37 PM

आनन्दादि योग

सुस्थिर Upto - 11:24 PM
वर्धमान

सूर्या राशि

सूर्य मेष राशि पर है

चंद्र राशि

मकर राशि पर संचार करेगा

गण्डमूल नक्षत्र

नहीं

पूजा-व्रत विधि

सुबह उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

भगवान भैरव का ध्यान करें और उनके मंदिर में जाकर पूजा करें।

कालाष्टमी के दिन व्रत रखकर रात्रि में विशेष पूजा करना शुभ माना जाता है।

साहित्य और ज्ञान के प्रति सम्मान व्यक्त करें।

जरूरतमंदों की सहायता और दान करना पुण्यदायी होता है।

दिन का चौघड़िया

काल (काल वेला) 05:52 AM 07:30 AM
शुभ 07:30 AM 09:08 AM
रोग 09:08 AM 10:45 AM
उद्बेग 10:45 AM 12:23 PM
चर 12:23 PM 14:01 PM
लाभ (वार वेला) 14:01 PM 15:38 PM
अमृत 15:38 PM 17:16 PM
काल (काल वेला) 17:16 PM 18:53 PM

रात का चौघड़िया

लाभ (काल रात्रि) 18:53 PM 20:16 PM
उद्बेग 20:16 PM 21:38 PM
शुभ 21:38 PM 23:00 PM
अमृत 23:00 PM 00:23 AM
चर 00:23 AM 01:45 AM
रोग 01:45 AM 03:07 AM
काल 03:07 AM 04:29 AM
लाभ (काल रात्रि) 04:29 AM 05:52 AM

पंचांग क्या होता है?

पंचांग ज्योतिष के पांच अंगों का मेल है। जिसमें तिथि,वार, करण,योग और नक्षत्र का जिक्र होता है। हर दिन की तिथि का निर्धारण सूर्य और चंद्मा में भेद के आधार पर होता है और पंचांग के आधार पर हर दिन के शुभ-अशुभ समय का निर्धारण करते हैं। इसके आधार पर अपने काम को आसान बनाते हैँ। आज का पंचांग में तिथि, पक्ष, माह, नक्षत्र भी देखना जरुरी होता है। क्योंकि हर एक शुभ कार्य के लिए अलग अलग नक्षत्र होता है। सूर्योदय से दूसरे दिन सूर्योंदय के कुछ पहर पहले तक ही एक तिथि मानी जाती। चंद्रमा का स्थान जिस दिन चंद्रमा जिस स्थान पर होता है। उस दिन वही नक्षत्र और राशि मानी जाती है। चंद्रमा एक राशि में ढ़ाई दिन तक रहते हैं।

तिथि वारं च नक्षत्रं योगं करणमेव च।

पंचांगस्य फलं श्रुत्वा गंगा स्नानं फलं लभेत् ।।

आदिकाल में ही इस श्लोक के माध्यम से पंचांग को परिभाषित किया है।

तिथि- पंचांग का पहला अंग तिथि है। जो 16 है। इनमें पूर्णिमा और अमावस्या दो प्रमुख तिथियां है। जो दो पक्षों का निर्धारण करते हैं। कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष। पूर्णिमा और अमावस्या दोनों तिथि माह में एक बार आती है।

नक्षत्र- नक्षत्र 27 होते हैं। लेकिन एक मुहूर्त अभिजीत नक्षत्र है जो शादी विवाह के समय देखा जाता है। इसे मिला कर 28 नक्षत्र भी कहे जाते है।

योग- 27 होते है। मनुष्य के जीवन में योग का बहुत महत्व है।करण- 11 होते हैं। 4 स्थिर व 7 परिवर्तनशील है।

वार- सप्ताह में 7 दिन होते हैं। जो रविवार से शुरू, सोमवार, बुधवार, बृहस्पतिवार, शुक्रवार, और शनिवार पर खत्म होते हैं।


Suman  Mishra

Suman Mishra

एस्ट्रोलॉजी एडिटर

मैं वर्तमान में न्यूजट्रैक और अपना भारत के लिए कंटेट राइटिंग कर रही हूं। इससे पहले मैने रांची, झारखंड में प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया में रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग किया है और ईटीवी में 5 वर्षों का डेस्क पर काम करने का अनुभव है। मैं पत्रकारिता और ज्योतिष विज्ञान में खास रुचि रखती हूं। मेरे नाना जी पंडित ललन त्रिपाठी एक प्रकांड विद्वान थे उनके सानिध्य में मुझे कर्मकांड और ज्योतिष हस्त रेखा का ज्ञान मिला और मैने इस क्षेत्र में विशेषज्ञता के लिए पढाई कर डिग्री भी ली है Author Experience- 2007 से अब तक( 17 साल) Author Education – 1. बनस्थली विद्यापीठ और विद्यापीठ से संस्कृत ज्योतिष विज्ञान में डिग्री 2. रांची विश्वविद्यालय से पत्राकरिता में जर्नलिज्म एंड मास कक्मयूनिकेश 3. विनोबा भावे विश्व विदयालय से राजनीतिक विज्ञान में स्नातक की डिग्री

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