राधा रानी के इन नाम और आरती से होगा कल्याण, जानें राधा अष्टमी के नियम

Radha Rani ke 108 Naam: राधा अष्टमी इन नामों और आरती के साथ करे राधा-कृष्ण का नाम जप, जानिए नियम

Suman  Mishra
Published on: 27 Aug 2025 11:16 AM IST
राधा रानी के इन नाम  और आरती से होगा कल्याण, जानें राधा अष्टमी के नियम
X

Radha rani ke 108 naamभाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि राधा रानी का जन्मदिवस है। इस बार राधा अष्टमी 31 अगस्त को मनाया जाएगा। भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर स्नान-ध्यान के बाद से राधा रानी की पूजा करते हैं। इन नियमों का पालन न करने पर व्रत का फल नहीं मिलता है। जानते है, राधा अष्टमी के व्रत नियम, जानते हैं-

राधा अष्टमी के नियम

भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को राधा अष्टमी व्रत करें।पूजा के दौरान वाणी और मन पर कंट्रोल रखें। लाल और पीले रंग के पुष्प अर्पित करें। राधा अष्टमी व्रत का पारण नवमी तिथि पर शुभ समय में करें। राधा अष्टमी के दिन गौ माता की सेवा करें। भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर अन्न और धन का दान करें।

राधा अष्टमी पर वर्जित काम

राधा अष्टमी के दिन पूजा के समय या व्रत के दौरान काले रंग के कपड़े न पहनें। राधा अष्टमी के दिन किसी का दिल न दुखाएं।भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी के दिन झूठ न बोलें । राधा अष्टमी के दिन नाखून न काटें और न ही हेयर कटिंग कराएं। तामसिक चीजों का सेवन भूलकर न करें। लहसुन और प्याज का भी परित्याग करें।

राधा जी के 108 नाम (Radha ji 108 names)

ॐ श्रीराधायै नम:

ॐ राधिकायै नम:

ॐ जीवायै नम:

ॐ जीवानन्दप्रदायिन्यै नम:

ॐ नन्दनन्दनपत्न्यै नम:

ॐ वृषभानुसुतायै नम:

ॐ शिवायै नम:

ॐ गणाध्यक्षायै नम:

ॐ गवाध्यक्षायै नम:

ॐ जगन्नाथप्रियायै नम:

ॐ किशोर्यै नम:

ॐ कमलायै नम:

ॐ कृष्णवल्लभायै नम:

ॐ कृष्णसंयुतायै नम:

ॐ वृन्दावनेश्वर्यै नम:

ॐ कृष्णप्रियायै नम:

ॐ मदनमोहिन्यै नम:

ॐ श्रीमत्यै कृष्णकान्तायै नम:

ॐ कृष्णानन्दप्रदायिन्यै नम:

ॐ यशस्विन्यै नम:

ॐ यशोगम्यायै नम:

ॐ यशोदानन्दवल्लभायै नम:

ॐ दामोदरप्रियायै नम:

ॐ गोकुलानन्दकर्त्र्यै नम:

ॐ गोकुलानन्ददायिन्यै नम:

ॐ गतिप्रदायै नम:

ॐ गीतगम्यायै नम:

ॐ गमनागमनप्रियायै नम:

ॐ विष्णुप्रियायै नम:

ॐ विष्णुकान्तायै नम:

ॐ विष्णोरंकनिवासिन्यै नम:

ॐ यशोदानन्दपत्न्यै नम:

ॐ यशोदानन्दगेहिन्यै नम:

ॐ कामारिकान्तायै नम:

ॐ कामेश्यै नम:

ॐ कामलालसविग्रहायै नम:

ॐ जयप्रदायै नम:

ॐ जयायै नम:

ॐ गोप्यै नम:

ॐ गोपानन्दकर्यै नम:

ॐ कृष्णांगवासिन्यै नम:

ॐ हृद्यायै नम:

ॐ चित्रमालिन्यै नम:

ॐ विमलायै नम:

ॐ दु:खहन्त्र्यै नम:

ॐ मत्यै नम:

ॐ धृत्यै नम:

ॐ लज्जायै नम:

ॐ कान्त्यै नम:

ॐ पुष्टयै नम:

ॐ गोकुलत्वप्रदायिन्यै नम:

ॐ केशवायै नम:

ॐ केशवप्रीतायै नम:

ॐ रासक्रीडाकर्यै नम:

ॐ रासवासिन्यै नम:

ॐ राससुन्दर्यै नम:

ॐ हरिकान्तायै नम:

ॐ हरिप्रियायै नम:

ॐ प्रधानगोपिकायै नम:

ॐ गोपकन्यायै नम:

ॐ त्रैलोक्यसुन्दर्यै नम:

ॐ वृन्दावनविहारिण्यै नम:

ॐ विकसितमुखाम्बुजायै नम:

ॐ पद्मायै नम:

ॐ पद्महस्तायै नम:

ॐ पवित्रायै नम:

ॐ सर्वमंगलायै नम:

ॐ कृष्णकान्तायै नम:

ॐ विचित्रवासिन्यै नम:

ॐ वेणुवाद्यायै नम:

ॐ वेणुरत्यै नम:

ॐ सौम्यरूपायै नम:

ॐ ललितायै नम:

ॐ विशोकायै नम:

ॐ विशाखायै नम:

ॐ लवंगनाम्न्यै नम:

ॐ कृष्णभोग्यायै नम:

ॐ चन्द्रवल्लभायै नम:

ॐ अर्द्धचन्द्रधरायै नम:

ॐ रोहिण्यै नम:

ॐ कामकलायै नम:

ॐ बिल्ववृक्षनिवासिन्यै नम:

ॐ बिल्ववृक्षप्रियायै नम:

ॐ बिल्वोपमस्तन्यै नम:

ॐ तुलसीतोषिकायै नम:

ॐ गजमुक्तायै नम:

ॐ महामुक्तायै नम:

ॐ महामुक्तिफलप्रदायै नम:

ॐ प्रेमप्रियायै नम:

ॐ प्रेमरुपायै नम:

ॐ प्रेमभक्तिप्रदायै नम:

ॐ प्रेमक्रीडापरीतांग्यै नम:

ॐ दयारुपायै नम:

ॐ गौरचन्द्राननायै नम:

ॐ कलायै नम:

ॐ शुकदेवगुणातीतायै नम:

ॐ शुकदेवप्रियायै सख्यै नम:

ॐ रतिप्रदायै नम:

ॐ चैतन्यप्रियायै नम:

ॐ सखीमध्यनिवासिन्यै नम:

ॐ मथुरायै नम:

ॐ श्रीकृष्णभावनायै नम:

ॐ पतिप्राणायै नम:

ॐ पतिव्रतायै नम:

ॐ सकलेप्सितदात्र्यै नम:

ॐ कृष्णभार्यायै नम:

ॐ श्यामसख्यै नम:

ॐ कल्पवासिन्यै नम:


राधा आरती

आरती श्री वृषभानुसुता की, मंजुल मूर्ति मोहन ममता की।

त्रिविध तापयुत संसृति नाशिनि, विमल विवेकविराग विकासिनि।

पावन प्रभु पद प्रीति प्रकाशिनि, सुन्दरतम छवि सुन्दरता की॥

आरती श्री वृषभानुसुता की...

मुनि मन मोहन मोहन मोहनि, मधुर मनोहर मूरति सोहनि।

अविरलप्रेम अमिय रस दोहनि, प्रिय अति सदा सखी ललिता की॥

आरती श्री वृषभानुसुता की...

संतत सेव्य सत मुनि जनकी, आकर अमित दिव्यगुन गनकी।

आकर्षिणी कृष्ण तन मन की, अति अमूल्य सम्पति समता की॥

आरती श्री वृषभानुसुता की...

कृष्णात्मिका कृष्ण सहचारिणि, चिन्मयवृन्दा विपिन विहारिणि।

जगज्जननि जग दुःखनिवारिणि, आदि अनादि शक्ति विभुता की॥

आरती श्री वृषभानुसुता की...

देवी राधिका आरती

आरति श्रीवृषभानुलली की। सत-चित-आनन्द कन्द-कली की॥

भयभन्जिनि भव-सागर-तारिणि,पाप-ताप-कलि-कल्मष-हारिणि,

दिव्यधाम गोलोक-विहारिणि,जनपालिनि जगजननि भली की॥

आरति श्रीवृषभानुलली की...

अखिल विश्व-आनन्द-विधायिनि,मंगलमयी सुमंगलदायिनि,

नन्दनन्दन-पदप्रेम प्रदायिनि,अमिय-राग-रस रंग-रली की॥

आरति श्रीवृषभानुलली की...

नित्यानन्दमयी आह्लादिनि,आनन्दघन-आनन्द-प्रसाधिनि,

रसमयि, रसमय-मन-उन्मादिनि,सरस कमलिनी कृष्ण-अली की॥

आरति श्रीवृषभानुलली की...

नित्य निकुन्जेश्वरि राजेश्वरि,परम प्रेमरूपा परमेश्वरि,

गोपिगणाश्रयि गोपिजनेश्वरि,विमल विचित्र भाव-अवली की॥

आरति श्रीवृषभानुलली की...

राधाष्टमी पूजा विधि

इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।पूजा स्थल को साफ करके वहां जल से भरा हुआ कलश स्थापित करें।जा स्थल पर चौकी पर पीला या लाल कपड़ा बिछाकर भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की मूर्ति या तस्वीर रखें।राधा रानी को पंचामृत और गंगाजल से स्नान कराएं। इसके बाद सुंदर वस्त्र और आभूषणों से उनका श्रृंगार करें।राधा रानी और श्रीकृष्ण को चंदन, अक्षत, फूल, मौसमी फल, सफेद मिठाई, और दूध से बनी खीर का भोग लगाएं।राधा रानी के समक्ष धूप-दीप जलाएं और उनकी आरती करें। आरती के बाद राधा-कृष्ण के मंत्रों का जाप करें।

नोट : ये जानकारी ज्योतिष और धर्म पर आधारित है जो सामान्य सूचना के लिए दी गई है। Newstrack.com इसकी पुष्टि नहीं करता है। सही जानकारी के लिए आस पास के विद्वानों से भी संपर्क कर लें।

1 / 8
Your Score0/ 8
Suman  Mishra

Suman Mishra

एस्ट्रोलॉजी एडिटर

मैं वर्तमान में न्यूजट्रैक और अपना भारत के लिए कंटेट राइटिंग कर रही हूं। इससे पहले मैने रांची, झारखंड में प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया में रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग किया है और ईटीवी में 5 वर्षों का डेस्क पर काम करने का अनुभव है। मैं पत्रकारिता और ज्योतिष विज्ञान में खास रुचि रखती हूं। मेरे नाना जी पंडित ललन त्रिपाठी एक प्रकांड विद्वान थे उनके सानिध्य में मुझे कर्मकांड और ज्योतिष हस्त रेखा का ज्ञान मिला और मैने इस क्षेत्र में विशेषज्ञता के लिए पढाई कर डिग्री भी ली है Author Experience- 2007 से अब तक( 17 साल) Author Education – 1. बनस्थली विद्यापीठ और विद्यापीठ से संस्कृत ज्योतिष विज्ञान में डिग्री 2. रांची विश्वविद्यालय से पत्राकरिता में जर्नलिज्म एंड मास कक्मयूनिकेश 3. विनोबा भावे विश्व विदयालय से राजनीतिक विज्ञान में स्नातक की डिग्री

Next Story