Shaniwar ke Upay : शनिवार को भूलकर भी न करें ये 5 काम, धन और सुख-शांति पर पड़ सकता है असर

Shaniwar ke Upay : शनिवार को लेकर धर्म और ज्योतिष में कई मान्यताएं हैं। जानिए वे 5 काम जिन्हें इस दिन करने से बचने की सलाह दी जाती है और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

Suman  Mishra (Astrologer)
Published on: 18 Sept 2026 5:30 PM IST
Shaniwar ke Upay :  शनिवार को भूलकर भी न करें ये 5 काम, धन और सुख-शांति पर पड़ सकता है असर
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Shaniwar ke Upay : शनिवार का दिन आते ही अक्सर लोग शनिदेव की पूजा, तेल का दीपक और दान-पुण्य की बात करते हैं। शनिदेव व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। इसलिए शनिवार के दिन पूजा-पाठ के साथ-साथ कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखने की भी सलाह है। धार्मिक मान्यताओं में शनिवार को अनुशासन, मेहनत और न्याय से जोड़कर देखा जाता है। कहा जाता है कि इस दिन गलत काम करने, किसी जरूरतमंद का अपमान करने या बिना सोचे-समझे कुछ चीजें खरीदने से बचना चाहिए। ऐसी ही कई मान्यताएं घर-परिवार में वर्षों से चली आ रही हैं। अगर आप भी शनिवार को कुछ खास नियमों का पालन करते हैं तो इन पांच बातों का ध्यान रख सकते हैं।

1. शनिवार को किसी का अपमान करने से बचें

शनिवार के दिन सबसे पहली सावधानी अपने व्यवहार को लेकर रखने की बात कही जाती है। शनिदेव को न्याय का देवता माना जाता है, इसलिए इस दिन किसी गरीब, मजदूर, बुजुर्ग या जरूरतमंद व्यक्ति के साथ गलत व्यवहार करने से बचना चाहिए।

धार्मिक मान्यता है कि व्यक्ति को अपने कर्मों का फल जरूर मिलता है। ऐसे में शनिवार को किसी की मजबूरी का मजाक उड़ाना, मेहनत करने वाले व्यक्ति को अपमानित करना या किसी के साथ जानबूझकर धोखा करना शुभ नहीं माना जाता।

इस दिन जितना हो सके शांत रहें और बेवजह के विवाद से दूर रहें। घर में भी छोटी बात पर गुस्सा करने के बजाय बात को समझदारी से संभालने की कोशिश करें।

2. बिना जरूरत लोहे का सामान खरीदने से बचे

शनिवार का संबंध शनिदेव से माना जाता है और ज्योतिष में लोहे को शनि से जुड़ी धातु है। इसी वजह से शनिवार को लोहे की नई वस्तु खरीदने को लेकर अलग-अलग धार्मिक मान्यताएं मिलती हैं।

कई घरों में शनिवार के दिन लोहे की चीज खरीदने से बचने की परंपरा है। माना जाता है कि अगर किसी चीज की तत्काल जरूरत नहीं है तो उसकी खरीदारी किसी दूसरे दिन की जा सकती है।

हालांकि रोजमर्रा की जिंदगी में जरूरत का सामान खरीदना हमेशा संभव नहीं होता। इसलिए इसे धार्मिक मान्यता के रूप में ही देखना चाहिए, कोई अनिवार्य नियम नहीं।

3. घर में बेकार का कबाड़ जमा न होने दें

शनिवार को घर की सफाई और बेकार सामान हटाने को लेकर भी कई मान्यताएं हैं। लंबे समय से इस्तेमाल में न आने वाली चीजें, टूटा सामान और बेकार कबाड़ घर में पड़ा रहने से जगह भी घिरती है और सफाई भी प्रभावित होती है।

धार्मिक दृष्टि से भी घर में अनावश्यक सामान जमा करना अच्छा नहीं माना जाता। शनिवार को अगर समय मिले तो घर के किसी एक हिस्से की सफाई कर सकते हैं और ऐसी चीजें अलग कर सकते हैं जिनका लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हुआ है।

खास तौर पर टूटी हुई वस्तुओं को सिर्फ इस वजह से संभालकर न रखें कि शायद कभी काम आ जाएं। जरूरतमंद के काम आने वाली सही वस्तु हो तो उसे दान करना भी अच्छा विकल्प माना जाता है।

4. तेल से जुड़ी खरीदारी में जल्दबाजी न करें

शनिवार को सरसों या तिल के तेल का विशेष महत्व माना जाता है। शनिदेव की पूजा में तेल अर्पित करने और जरूरतमंद व्यक्ति को तेल का दान करने की परंपरा कई जगह देखने को मिलती है।

इसी वजह से कुछ धार्मिक मान्यताओं में शनिवार को तेल खरीदने से बचने की बात कही जाती है। हालांकि ऐसा कोई सामान्य नियम नहीं है कि शनिवार को तेल खरीदना हर स्थिति में गलत ही हो। अगर घर में खाना बनाने के लिए तेल की जरूरत है तो उसे खरीदना रोजमर्रा की जरूरत है।

धार्मिक मान्यता मानने वाले लोग इस दिन तेल का दान करना या शनिदेव को तेल अर्पित करना पसंद करते हैं। पूजा करते समय अपनी श्रद्धा और परंपरा के अनुसार ही नियम अपनाना बेहतर माना जाता है।

5. शनिवार को नशे और गलत संगत से दूर रहें

शनिवार के दिन सिर्फ खरीदारी से जुड़े नियम ही नहीं बताए जाते, बल्कि खान-पान और व्यवहार को लेकर भी सावधानी रखने की सलाह है।धार्मिक मान्यताओं में इस दिन मांसाहार, शराब और दूसरे नशीले पदार्थों से दूरी बनाने की बात कही जाती है। इसका एक कारण यह भी माना जाता है कि शनिवार को व्यक्ति को अपने व्यवहार और कर्मों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।

अगर कोई व्यक्ति नशे की वजह से गुस्सा करता है, परिवार से झगड़ता है या गलत फैसले लेता है तो इससे परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए शनिवार को ही नहीं, बल्कि सामान्य रूप से भी नशे और विवाद से दूर रहना बेहतर माना जाता है।

शनिवार को क्या करना है शुभ?

शनिवार को शनिदेव की पूजा करने के साथ जरूरतमंद लोगों की मदद करने की परंपरा है। किसी गरीब को भोजन कराना, काले तिल, उड़द, कंबल या जरूरत की वस्तु का दान करना शुभ माना जाता है।

कई लोग शनिवार को पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का दीपक भी जलाते हैं। कुछ लोग हनुमानजी की पूजा भी करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि हनुमानजी की आराधना करने से शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है।

शनिवार को सबसे जरूरी बात अपने कर्मों और व्यवहार पर ध्यान देना मानी जाती है। किसी का हक न छीनना, मेहनत करने वाले व्यक्ति का सम्मान करना, जरूरतमंद की मदद करना और बेवजह किसी से विवाद न करना ऐसे काम हैं जिन्हें किसी भी दिन अच्छा माना है।

शनिवार को लेकर बताए जाने वाले इन नियमों का आधार धार्मिक मान्यताएं हैं। अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में इनके पालन का तरीका अलग हो सकता है। इन्हें डर की वजह से नहीं, बल्कि अपनी श्रद्धा और परंपरा के अनुसार अपनाया है।

शनिदेव को कर्मफलदाता कहा जाता है। इसलिए शनिवार के दिन केवल यह सोचने के बजाय कि कौन-सी चीज खरीदनी है या नहीं खरीदनी है, अपने व्यवहार और कर्मों पर भी ध्यान देना जरूरी है। अच्छे कर्म, जरूरतमंद की मदद और संयमित व्यवहार को ही इस दिन की सबसे बड़ी सीख है।

नोट : ये जानकारियां धार्मिक आस्था और मान्यताओं पर आधारित हैं। Newstrack.com इसकी पुष्टि नहीं करता है।इसे सामान्य रुचि को ध्यान में रखकर लिखा गया है

Suman  Mishra (Astrologer)
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Suman Mishra (Astrologer)

Astrologer Mail ID - suman1711@gmail.comsuman1711@gmail.com

मैं वर्तमान में न्यूजट्रैक और अपना भारत के लिए कंटेट राइटिंग कर रही हूं। इससे पहले मैने रांची, झारखंड में प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया में रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग किया है और ईटीवी में 5 वर्षों का डेस्क पर काम करने का अनुभव है। मैं पत्रकारिता और ज्योतिष विज्ञान में खास रुचि रखती हूं। मेरे नाना जी पंडित ललन त्रिपाठी एक प्रकांड विद्वान थे उनके सानिध्य में मुझे कर्मकांड और ज्योतिष हस्त रेखा का ज्ञान मिला और मैने इस क्षेत्र में विशेषज्ञता के लिए पढाई कर डिग्री भी ली है

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