Shri Krishna Janmashtami Bhajan Lyrics: कृष्ण के ये भजन तन-मन में भर देंगे श्याम का रंग, जरूर सुने झूम उठेगा मन

Shri Krishna Janmashtami Bhajan Lyrics:जन्माष्टमी पर श्री कृष्ण की भक्ति के लिए खास भजनो की सूची है, जिन्हे गाकर आप भक्ति सागर में डूब सकते है।

Suman  Mishra
Published on: 15 Aug 2025 12:41 PM IST (Updated on: 16 Aug 2025 6:58 AM IST)
Shri Krishna Janmashtami Bhajan Lyrics: कृष्ण के ये भजन तन-मन में भर देंगे श्याम का रंग, जरूर सुने  झूम उठेगा मन
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जन्माष्टमी का पर्व हर साल धूमधाम से मनाया जाता है। भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव को हर साल श्रद्धा भक्ति से मनाया जाता है। जन्माष्टमी के दिन कृष्ण जन्म की खुशी को व्रत उपवास पूजा के साथ भजन कीर्तन से किया जाता है। और अपनी भक्ति को दर्शाते है।। जानते है कुछ भजन के लिरिक्स जिन्हें आप इस दिन अपने घर गाकर भजनोत्सव का आनंद ले सकते है।

जिसे भी कृष्ण भजन याद नहीं है। तो यहां बताए भजन को आप याद कर या देखकर गा सकते है। अपने जन्माष्टमी को खास बना सकते है। इन भजनों के साथ कृष्ण की आराधना करें और उनके जन्म की खुशी को मनाएं।

भजन 1:

अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम

राम नारायणम जानकी वल्लभम

कौन कहते हैं भगवान खाते नहीं

जैसे खाते हैं शबरी के बेर

कौन कहते हैं भगवान सोते नहीं

जैसे सोते हैं यशोदा के लाल

अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम

राम नारायणम जानकी वल्लभम

भजन 2:

हरे कृष्ण हरे कृष्ण

कृष्ण कृष्ण हरे हरे

हरे राम हरे राम

राम राम हरे हरे

भजन 3:

यशोदा हरि पालने झुलावे

मधुरा मधुरा गीत गावे

कान्हा सोवे, कान्हा सोवे

नंदलाला सोवे, नंदलाला सोवे

भजन 4:

गोविंद चलो रे, चलो रे गोपाल

यमुना किनारे, धेनु चरावे

मधुर मुरलिया, जभी बजावे

हर ले सुध बुध

ये कुछ लोकप्रिय कृष्ण भजन हैं जो अक्सर गाए जाते हैं। आप अपनी पसंद के अनुसार इनमें से किसी भी भजन का चयन कर सकते हैं।

नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा -

नटवर नागर नंदा,

भजो रे मन गोविंदा,

श्याम सुंदर मुख चंदा,

भजो रे मन गोविंदा,

नटवर नागर नन्दा,

भजो रे मन गोविंदा,

श्याम सुंदर मुख चंदा ॥

तू ही नटवर तू ही नागर,

तू ही नटवर तू ही नागर,

तू ही बालमुकुन्दा,

भजो रे मन गोविंदा,

नटवर नागर नन्दा,

भजो रे मन गोविंदा,

श्याम सुंदर मुख चंदा ॥

सब देवन में कृष्ण बड़े हैं,

सब देवन में कृष्ण बड़े हैं,

ज्यूँ तारन बिच चंदा,

भजो रे मन गोविंदा,

नटवर नागर नन्दा,

भजो रे मन गोविंदा,

श्याम सुंदर मुख चंदा ॥

सब सखियन में राधाजी बड़ी हैं,

सब सखियन में राधाजी बड़ी हैं,

ज्यूँ नदियन बिच गंगा,

भजो रे मन गोविंदा,

नटवर नागर नन्दा,

भजो रे मन गोविंदा,

श्याम सुंदर मुख चंदा ॥

ध्रुव तारे प्रह्लाद उबारे,

ध्रुव तारे प्रह्लाद उबारे,

नरसिंह रूप धरंदा,

भजो रे मन गोविंदा,

नटवर नागर नन्दा,

भजो रे मन गोविंदा,

श्याम सुंदर मुख चंदा ॥

काली देह में नाग जो नाथो,

काली देह में नाग जो नाथो,

फण फण निरत करंदा,

भजो रे मन गोविंदा,

नटवर नागर नन्दा,

भजो रे मन गोविंदा,

श्याम सुंदर मुख चंदा ॥

वृन्दावन में रास रचायो,

वृन्दावन में रास रचायो,

नाचत बालमुकुन्दा,

भजो रे मन गोविंदा,

नटवर नागर नन्दा,

भजो रे मन गोविंदा,

श्याम सुंदर मुख चंदा ॥

मीरा के प्रभु गिरधर नागर,

मीरा के प्रभु गिरधर नागर,

काटो जम के फंदा,

भजो रे मन गोविंदा,

नटवर नागर नन्दा,

भजो रे मन गोविंदा,

श्याम सुंदर मुख चंदा ॥

नटवर नागर नंदा,

भजो रे मन गोविंदा,

श्याम सुंदर मुख चंदा,

भजो रे मन गोविंदा,

नटवर नागर नन्दा,

भजो रे मन गोविंदा,

श्याम सुंदर मुख चंदा। ॥

इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले

इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले

गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से निकले

इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले

गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से निकले

श्री गंगा जी का तट हो,

यमुना का वंशीवट हो

मेरा सांवरा निकट हो

जब प्राण तन से निकले

इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले

पीताम्बरी कसी हो

छवि मन में यह बसी हो

होठों पे कुछ हसी हो

जब प्राण तन से निकले

इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले

श्री वृन्दावन का स्थल हो

मेरे मुख में तुलसी दल हो

विष्णु चरण का जल हो

जब प्राण तन से निकले

इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले

जब कंठ प्राण आवे

कोई रोग ना सतावे

यम दर्शना दिखावे

जब प्राण तन से निकले

इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले

उस वक़्त जल्दी आना

नहीं श्याम भूल जाना

राधा को साथ लाना

जब प्राण तन से निकले

इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले

सुधि होवे नाही तन की

तैयारी हो गमन की

लकड़ी हो ब्रज के वन की

जब प्राण तन से निकले

इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले

एक भक्त की है अर्जी

खुदगर्ज की है गरजी

आगे तुम्हारी मर्जी

जब प्राण तन से निकले

इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले

ये नेक सी अरज है

मानो तो क्या हरज है

कुछ आप का फरज है

जब प्राण तन से निकले

इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले

गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से निकले

तेरी मुरली की धुन सुनने लिरिक्स

तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से आयी हूँ ।

मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की जाई हूँ ॥

अरे रसिया, ओ मन वासिय, मैं इतनी दूर से आयी हूँ ॥

सुना है श्याम मनमोहन, के माखन खूब चुराते हो ।

तुम्हे माखन खिलने को मैं मटकी साथ लायी हूँ ॥

तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से आयी हूँ….

सुना है श्याम मनमोहन, के गौएँ खूब चरते हो ।

तेरे गौएँ चराने को मैं ग्वाले साथ लायी हूँ ॥

तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से आयी हूँ….

सुना है श्याम मनमोहन, के कृपा खूब करते हो ।

तेरे गौएँ चराने को मैं ग्वाले साथ लायी हूँ ॥

तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से आयी हूँ….

सुना है श्याम मनमोहन, के कृपा खूब करते हो ।

तेरी किरपा मैं पाने को तेरे दरबार आई हूँ॥

तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से आयी हूँ….

राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी लिरिक्स

राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी,

राधे राधे रटो चले आएँगे बिहारी,

आएँगे बिहारी चले आएँगे बिहारी,

राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥

राधा मेरी चंदा,

चकोर है बिहारी,

राधा मेरी चंदा,

चकोर है बिहारी,

राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥

राधा रानी मिश्री,

तो स्वाद है बिहारी,

राधा रानी मिश्री,

तो स्वाद है बिहारी,

राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥

राधा रानी गंगा,

तो धार है बिहारी,

राधा रानी गंगा,

तो धार है बिहारी,

राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥

राधा रानी तन है तो,

प्राण है बिहारी,

राधा रानी तन है तो,

प्राण है बिहारी,

राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥

राधा रानी सागर,

तरंग है बिहारी,

राधा रानी सागर,

तरंग है बिहारी,

राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥

राधा रानी मोहनी,

तो मोहन बिहारी,

राधा रानी मोहनी,

तो मोहन है बिहारी,

राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥

राधा मेरी गोरी तो,

साँवरे बिहारी,

राधा मेरी गोरी तो,

साँवरे बिहारी,

राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥

राधा रानी भोली भाली ,

चंचल बिहारी,

राधा रानी भोली भाली ,

चंचल बिहारी,

राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥

राधा रानी नथनी,

तो कंगन बिहारी,

राधा रानी नथनी,

तो कंगन बिहारी,

राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥

राधा रानी मुरली,

तो तान है बिहारी,

राधा रानी मुरली,

तो तान है बिहारी,

राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥

राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी,

राधे राधे रटो चले आएँगे बिहारी,

आएँगे बिहारी चले आएँगे बिहारी,

राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥

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Suman  Mishra

Suman Mishra

एस्ट्रोलॉजी एडिटर

मैं वर्तमान में न्यूजट्रैक और अपना भारत के लिए कंटेट राइटिंग कर रही हूं। इससे पहले मैने रांची, झारखंड में प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया में रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग किया है और ईटीवी में 5 वर्षों का डेस्क पर काम करने का अनुभव है। मैं पत्रकारिता और ज्योतिष विज्ञान में खास रुचि रखती हूं। मेरे नाना जी पंडित ललन त्रिपाठी एक प्रकांड विद्वान थे उनके सानिध्य में मुझे कर्मकांड और ज्योतिष हस्त रेखा का ज्ञान मिला और मैने इस क्षेत्र में विशेषज्ञता के लिए पढाई कर डिग्री भी ली है Author Experience- 2007 से अब तक( 17 साल) Author Education – 1. बनस्थली विद्यापीठ और विद्यापीठ से संस्कृत ज्योतिष विज्ञान में डिग्री 2. रांची विश्वविद्यालय से पत्राकरिता में जर्नलिज्म एंड मास कक्मयूनिकेश 3. विनोबा भावे विश्व विदयालय से राजनीतिक विज्ञान में स्नातक की डिग्री

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