Vastu Ke Upay से दशहरे पर घर में आएगी सुख-शांति और समृद्धि, जानिए कैसे?

Vastu Ke Upay Dussehra दशहरा 2025 पर मां लक्ष्मी की कृपा पाने और घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर करने के लिए अपनाएं वास्तु उपाय। जानें दशहरे पर क्या करें जिससे धन-समृद्धि और सुख-शांति घर में बनी रहे।

Suman  Mishra (Astrologer)
Published on: 25 Sept 2025 11:38 AM IST
Vastu Upay
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Dussehra 2025 Vastu Upay : नवरात्रि के नौ दिन देवी दुर्गा के नौ रूपों की आराधना में बीतते हैं। धर्मग्रंथों के अनुसार, माता दुर्गा ने असुरों के अत्याचारों से पृथ्वी को मुक्त करने के लिए कठिन संघर्ष किया और दसवें दिन विजयदशमी पर बुराई का नाश कर अच्छाई की जीत होती है। इस नौ दिन के उत्सव में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा होती है ,धार्मिक मान्यता है कि माता दुर्गा ने असुरों का नाश कर पृथ्वी को उनके अत्याचारों से मुक्त किया।

धर्मशास्त्रों में दशहरा सिर्फ विजय का प्रतीक नहीं माना गया है, बल्कि यह सुख-शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लाने का दिन भी है। घर में कुछ विशेष उपाय करने से न केवल नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं, बल्कि माता लक्ष्मी की कृपा भी स्थायी रूप से बनी रहती है।

घर से नेगेटिव एनर्जी दूर करें

धार्मिक मान्यता है कि घर में नेगेटिव ऊर्जा का प्रवेश होने पर सुख-समृद्धि प्रभावित होती है। दशहरे के दिन पानी और नमक को शुद्धता का प्रतीक माना गया है। दशहरे के दिन सेंधा नमक मिलाकर घर की सफाई करने से नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है और घर का वातावरण सकारात्मक बनता है।

सुबह स्नान के बाद पानी में सेंधा नमक डालकर पूरे घर में पोछा लगाएं।

हर कोना और कमरे तक पानी पहुंचे, ताकि पूरी जगह शुद्ध हो।

यह उपाय घर में मां लक्ष्मी के आने के लिए मार्ग प्रशस्त करता है और आर्थिक संकट दूर करता है।

दक्षिण दिशा में दीपक जलाएं

दशहरे के दिन दीपक जलाना केवल पारंपरिक क्रिया नहीं बल्कि धार्मिक महत्व रखता है। दक्षिण दिशा को वास्तु शास्त्र में शुभ माना जाता है दक्षिण दिशा घर की सुरक्षा और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है। दशहरे के दिन इस दिशा में तेल या घी का दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है।

दीपक की रोशनी बुरी शक्तियों को नष्ट करती है।

घर में सुख-शांति और वित्तीय स्थिरता आती है।

दीपक जलाते समय मां दुर्गा और लक्ष्मी का ध्यान करें और आशीर्वाद मांगें।

विशेष रूप से, दशहरे पर दीपक जलाने से पितृकृपा भी मिलती है और घर का वातावरण पवित्र रहता है।

बुरी नजर और नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा

धार्मिक ग्रंथों में शस्त्र पूजा को बुरी शक्तियों और शत्रुओं के नकारात्मक प्रभाव से सुरक्षा का माध्यम बताया गया है। दशहरे के दिनशस्त्र पूजन प्राचीन काल से चली आ रही परंपरा है। यह केवल शक्ति और साहस का प्रतीक नहीं, बल्कि नकारात्मक ऊर्जा और शत्रु शक्तियों से सुरक्षा का उपाय भी है।

यदि घर में शस्त्र उपलब्ध हैं तो उनकी पूजा करें।

शस्त्र न होने पर लोहे का छोटा औजार या प्रतीकात्मक शस्त्र खरीदा जा सकता है।

शस्त्र को शुद्ध जल से धोकर हल्दी, रोली और पुष्प अर्पित करें। दीपक और धूप के साथ आरती करें।

शस्त्र पूजन करने से घर के सदस्यों पर बुरी नजर का प्रभाव कम होता है और आत्मबल बढ़ता है।

दशहरे पर इन उपायों को अपनाने के लाभ

धार्मिक परंपराओं के अनुसार, नवरात्रि और दशहरा न केवल देवी दुर्गा और लक्ष्मी की आराधना का अवसर है बल्कि यह बुराई पर अच्छाई की जीत, नकारात्मक ऊर्जा का नाश और घर में सुख-समृद्धि लाने का समय भी है।

दशहरे के दिन किए गए ये उपाय—सेंधा नमक के साथ पोछा लगाना, दक्षिण दिशा में दीपक जलाना और शस्त्र पूजा—धार्मिक शास्त्रों में अत्यंत प्रभावशाली बताए गए हैं। इन उपायों के माध्यम से घर में सुख-शांति का वातावरण बनता है, नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और देवी लक्ष्मी की कृपा का आशीर्वाद मिलता है।

दशहरा केवल बुराई पर अच्छाई की विजय का दिन है, बल्कि यह घर और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाने का अवसर भी है। यदि दशहरे पर इन उपायों को श्रद्धा करने से आपके घर में मां लक्ष्मी का वास होगा और नकारात्मक शक्तियां दूर होंगी।


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Suman Mishra (Astrologer)

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मैं वर्तमान में न्यूजट्रैक और अपना भारत के लिए कंटेट राइटिंग कर रही हूं। इससे पहले मैने रांची, झारखंड में प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया में रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग किया है और ईटीवी में 5 वर्षों का डेस्क पर काम करने का अनुभव है। मैं पत्रकारिता और ज्योतिष विज्ञान में खास रुचि रखती हूं। मेरे नाना जी पंडित ललन त्रिपाठी एक प्रकांड विद्वान थे उनके सानिध्य में मुझे कर्मकांड और ज्योतिष हस्त रेखा का ज्ञान मिला और मैने इस क्षेत्र में विशेषज्ञता के लिए पढाई कर डिग्री भी ली है

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