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Yam Panchak 2026: कब से शुरू होगा यम पंचक? जानें धनतेरस से भाई दूज तक की 5 तारीखें
Yam Panchak 2026: धनतेरस से भाई दूज तक मनाए जाने वाले यम पंचक की शुरुआत कब होगी और इसका समापन किस दिन होगा? इस दौरान पांच प्रमुख त्योहारों का क्या महत्व है और किस दिन कौन-सा पर्व मनाया जाएगा? जानें पूरी तारीख और धार्मिक मान्यताएं।
Yam Panchak 2026 दीपावली का त्योहार केवल एक दिन का नहीं, बल्कि पांच दिनों तक चलने वाला उत्सव है। धनतेरस से लेकर भाई दूज तक हर दिन का अपना अलग धार्मिक महत्व है। इन पांच दिनों को यम पंचक के नाम से भी जानते है। इस दौरान धनतेरस, नरक चतुर्दशी, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज जैसे प्रमुख पर्व मनाए जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यम पंचक के पांचों दिन यमराज की पूजा और दीपदान का विशेष महत्व है।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि साल 2026 में यम पंचक कब से शुरू होगा और इसका समापन किस दिन होगा? इस बार यम पंचक के दौरान कौन-कौन से त्योहार पड़ेंगे और किस दिन किस देवी-देवता की पूजा की जाएगी? जानते हैं यम पंचक 2026 की शुरुआत, समाप्ति और पांचों दिनों का धार्मिक महत्व।
यम पंचक 2026 कब से शुरू होगा? (Yam Panchak 2026 Start Date)
हिंदू पंचांग के अनुसार, यम पंचक की शुरुआत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि यानी धनतेरस से होती है।
इस अवधि में लगातार पांच प्रमुख पर्व मनाए जाते हैं।
साल 2026 में धनतेरस 6 नवंबर, शुक्रवार को मनाई जाएगी। इसी दिन से यम पंचक की शुरुआत मानी जाएगी।
धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा की जाती है।
इसके अलावा शाम के समय यमराज के नाम से दीपदान करने की परंपरा भी है।
मान्यता है कि इससे परिवार पर यमराज की कृपा बनी रहती है और अकाल मृत्यु का भय दूर होता है।
यम पंचक 2026 कब समाप्त होगा? (Yam Panchak 2026 End Date)
यम पंचक का समापन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि यानी भाई दूज के दिन होता है।
साल 2026 में भाई दूज 11 नवंबर, बुधवार को मनाई जाएगी। इसी दिन यम पंचक का समापन होगा।
भाई दूज को यम द्वितीया भी कहा जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी आयु और सुखी जीवन की कामना करती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन यमराज और उनकी बहन यमुना से जुड़ी कथा का विशेष महत्व है।
यम पंचक 2026 में कौन-कौन से त्योहार पड़ेंगे?
साल 2026 में यम पंचक के दौरान पांच प्रमुख त्योहार मनाए जाएंगे। इन सभी पर्वों का अपना अलग धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है।
त्योहार तारीख वार
धनतेरस 6 नवंबर 2026 शुक्रवार
नरक चतुर्दशी 7 नवंबर 2026 शनिवार
दीपावली 8 नवंबर 2026 रविवार
गोवर्धन पूजा 10 नवंबर 2026 मंगलवार
भाई दूज 11 नवंबर 2026 बुधवार
यम पंचक के पांच पर्व और उनका धार्मिक महत्व
1. धनतेरस 2026 (Dhanteras 2026)
यम पंचक का पहला दिन धनतेरस के रूप में मनाया जाता है।
कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर आने वाले इस पर्व को धन त्रयोदशी भी कहते हैं।
इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा की जाती है।
लोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार सोना, चांदी, बर्तन और अन्य शुभ वस्तुओं की खरीदारी करते हैं।
शाम को घर के बाहर यमराज के नाम का दीपक जलाने की परंपरा है।
2. नरक चतुर्दशी 2026 (Narak Chaturdashi 2026)
यम पंचक का दूसरा दिन नरक चतुर्दशी या छोटी दिवाली कहलाता है।
यह पर्व कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध करके लोगों को उसके अत्याचारों से मुक्ति दिलाई थी।
इस दिन सुबह अभ्यंग स्नान और शाम को दीपदान करने का विशेष महत्व है। साल 2026 में यह पर्व 7 नवंबर, शनिवार को मनाया जाएगा।
3. दीपावली 2026 (Diwali 2026)
दीपावली यम पंचक का तीसरा और सबसे प्रमुख पर्व है।
कार्तिक अमावस्या की रात माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है।
मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है।
लोग अपने घरों को दीपों और रोशनी से सजाते हैं। साल 2026 में दीपावली 8 नवंबर, रविवार को मनाई जाएगी।
4. गोवर्धन पूजा 2026 (Govardhan Puja 2026)
गोवर्धन पूजा कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाई जाती है।
इस दिन भगवान श्रीकृष्ण और गोवर्धन पर्वत की पूजा का विधान है।
पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र देव के प्रकोप से ब्रजवासियों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठा लिया था।
इस दिन अन्नकूट का भोग लगाने की भी परंपरा है। साल 2026 में गोवर्धन पूजा 10 नवंबर, मंगलवार को होगी।
5. भाई दूज 2026 (Bhai Dooj 2026)
यम पंचक का पांचवां और अंतिम पर्व भाई दूज है। इसे यम द्वितीया भी कहा जाता है।
इस दिन बहनें अपने भाइयों को तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी जीवन की कामना करती हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन यमुना ने अपने भाई यमराज का आदर-सत्कार किया था।
प्रसन्न होकर यमराज ने उन्हें वरदान दिया था। इसी कारण भाई दूज पर यमुना स्नान और भाई को तिलक लगाने का विशेष महत्व माना जाता है। साल 2026 में भाई दूज 11 नवंबर, बुधवार को मनाई जाएगी।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यम पंचक के दौरान दीपदान करने का विशेष महत्व है। खासकर धनतेरस और नरक चतुर्दशी पर यमराज के नाम से दीपक जलाने की परंपरा है। माना जाता है कि इससे परिवार के सदस्यों को लंबी आयु और सुखी जीवन का आशीर्वाद मिलता है। दीपावली के पांचों पर्व हमें परिवार, रिश्तों, स्वास्थ्य, धन और धर्म के महत्व का संदेश देते हैं। यही वजह है कि यम पंचक को दीपावली उत्सव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।


