8th Pay Commission पर लाखों कर्मचारियों को लग सकता है झटका! फिटमेंट फैक्टर पर सामने आया बड़ा अपडेट

8th Pay Commission: केंद्र और राज्य सरकारों पर पड़ने वाले अतिरिक्त वित्तीय बोझ को देखते हुए आयोग वेतन वृद्धि के मामले में बहुत ही संतुलित और सावधानीपूर्ण रुख अपना सकता है।

Priya Singh Bisen
Published on: 26 Jun 2026 11:24 AM IST
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8th Pay Commission: आठवें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की निगाहें टिकी हुई हैं। इस बीच आयोग की कार्यवाही से संबंधित संकेत बता रहे हैं कि फिटमेंट फैक्टर को लेकर कर्मचारियों की उम्मीदों को तगड़ा झटका लग सकता है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र और राज्य सरकारों पर पड़ने वाले अतिरिक्त वित्तीय बोझ को देखते हुए आयोग वेतन वृद्धि के मामले में बहुत ही संतुलित और सावधानीपूर्ण रुख अपना सकता है।

फिटमेंट फैक्टर पर क्या है स्थिति?

फिटमेंट फैक्टर किसी भी वेतन आयोग का सबसे अहम हिस्सा माना जाता है। इसी के आधार पर मौजूदा बेसिक सैलरी और पेंशन को गुणा करके नई बेसिक सैलरी तय की जाती है। फिलहाल शुरुआती चर्चाओं के बीच या संकेत मिल रहे हैं कि आयोग सातवें वेतन आयोग की तरह लगभग 2.57 फिटमेंट फैक्टर को ही आधार बना सकता है। हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई अंतिम आखिरी फैसला फिलहाल नहीं लिया गया है और आयोग की सिफारिशें तैयार होना बाकी हैं।

दूसरी तरफ, कर्मचारी संगठनों की मांग है कि फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.83 कर दिया जाए, जिससे न्यूनतम बेसिक सैलरी लगभग 69,000 रुपये तक पहुंच सके। अगर आयोग इस मांग को स्वीकार नहीं करता है, तो कर्मचारियों की अपेक्षा से कम वेतन वृद्धि देखने को मिल सकती है।

वित्तीय बोझ पर खास नजर

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आयोग इस वक्त विभिन्न राज्यों से मिले सुझावों और वित्तीय आंकड़ों का विश्लेषण कर रहा है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के अनुसार, अंतिम सिफारिशें तैयार करने से पहले केंद्र और राज्य सरकारों पर पड़ने वाले वित्तीय प्रभाव का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। यही आकलन अब यह तय करेगा कि फिटमेंट फैक्टर में कितनी वृद्धि संभव होगी।

सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि वेतन और पेंशन में संशोधन से सरकारी वित्तीय संतुलन पर अत्यधिक दबाव न पड़े। इसलिए आयोग कर्मचारियों की मांग और सरकारी संसाधनों के बीच संतुलन बनाने का प्रायस कर रहा है।

कई राज्यों से ली गई राय

15 जून को ज्ञापन (Memorandum) जमा करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके साथ ही कर्मचारी संगठनों, पेंशनर्स और अन्य हितधारकों की औपचारिक मांगें आयोग के सामने पहुंच गई हैं। अब आयोग इन सुझावों के साथ उत्तर प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों से प्राप्त फीडबैक का अध्ययन कर रहा है।

इससे पहले दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, महाराष्ट्र, तेलंगाना और अन्य राज्यों में भी बैठकें आयोजित की गई थीं। आयोग इन सभी बैठकों से प्राप्त सुझावों को एकीकृत करने के बाद अपनी अंतिम रिपोर्ट का मसौदा तैयार करेगा।

सातवें वेतन आयोग का क्या रहा था प्रभाव ?

साल 2016 में लागू हुए सातवें वेतन आयोग ने 2.57 फिटमेंट फैक्टर लागू किया था। इसके बाद कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी तकरीबन 7,000 रुपये से बढ़कर 17,990 रुपये हो गई थी। हालांकि, इस निर्णय का प्रभाव सरकारी खजाने पर भी पड़ा और केंद्र का राजस्व व्यय 2015-16 के 4.8 प्रतिशत से बढ़कर 2016-17 में करीब 9.9 प्रतिशत तक पहुंच गया था।

कर्मचारियों की बढ़ी उत्सुकता

अब सभी की नजरें आठवें वेतन आयोग की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं। आयोग की सिफारिशों के आधार पर ही केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के नए वेतन और पेंशन ढांचे का निर्धारण होगा। अगर फिटमेंट फैक्टर में सीमित बढ़ोतरी होती है तो कर्मचारियों की अपेक्षाओं को तगड़ा झटका लग सकता है, जबकि बड़ा संशोधन होने पर लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को अहम आर्थिक राहत मिल सकती है।

Priya Singh Bisen
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Priya Singh Bisen

Priya Singh Bisen is a journalist with over five years of experience in the news and digital media industry. She covers a wide range of topics, including weather, lifestyle, health, politics, and international affairs. In addition to news writing, Priya has experience in news script writing, voice-overs, anchoring, field reporting, and social media management. She holds a Bachelor's degree in Mass Communication and a Master's degree in Advertising and Public Relations. Priya also enjoys writing, traveling, and playing sports, pursuits that reflect her curiosity and passion for exploring new perspectives.

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