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Air India: फ्लाइट में खाना नहीं चाहिए? Air India दे रही सस्ता टिकट, जानिए नया बेसिक फेयर
Air India Basic Fare 2026: Air India ने घरेलू उड़ानों के लिए नया Basic Fare लॉन्च किया, अब बिना इन-फ्लाइट मील के सस्ता टिकट बुक कर सकेंगे यात्री।
Air India Basic Fare 2026
Air India Basic Fare 2026: ईंधन की बढ़ती कीमतों का सीधा असर अब हवाई यात्रा के किराए पर भी पड़ना शुरू हो चुका है। वहीं अब हवाई यात्रा करने वालों को राहत देने के लिए एयर इंडिया ने एक बड़ा बदलाव किया है। अब यात्रियों को फ्लाइट टिकट के साथ उन सुविधाओं का पैसा नहीं चुकाना पड़ेगा, जिनकी उन्हें जरूरत नहीं है। एयरलाइन ने घरेलू उड़ानों के लिए नया 'बेसिक फेयर' लॉन्च किया है, जिसके तहत यात्री कम कीमत में टिकट बुक कर सकेंगे। इस नए किराया मॉडल में मुफ्त भोजन शामिल नहीं होगा, जिससे टिकट की लागत कम हो सकती है। एयर इंडिया का कहना है कि यह विकल्प उन लोगों के लिए है जो केवल यात्रा करना चाहते हैं और अतिरिक्त सुविधाओं पर खर्च नहीं करना चाहते।
क्या है एयर इंडिया का नया 'बेसिक फेयर'?
एयर इंडिया ने घरेलू उड़ानों में इकोनॉमी क्लास के यात्रियों के लिए एक नई और सबसे सस्ती किराया श्रेणी शुरू की है, जिसे 'बेसिक फेयर' नाम दिया गया है। इस टिकट में यात्रियों को 15 किलोग्राम तक चेक-इन बैगेज और 7 किलोग्राम केबिन बैगेज ले जाने की सुविधा मिलेगी। हालांकि, इस किराए में फ्लाइट के दौरान मिलने वाला मुफ्त खाना या स्नैक्स शामिल नहीं होंगे। एयरलाइन का मानना है कि कई यात्री केवल यात्रा पर ध्यान देते हैं और भोजन जैसी सुविधाओं का उपयोग नहीं करते, इसलिए उन्हें कम कीमत वाला विकल्प दिया जाना चाहिए।
पहले की व्यवस्था से कितना अलग है नया मॉडल?
एयर इंडिया पहले से घरेलू यात्रियों के लिए वैल्यू, क्लासिक और फ्लेक्स नाम की तीन किराया श्रेणियां उपलब्ध करा रही थी। इन सभी टिकटों में भोजन की सुविधा शामिल रहती थी। अब बेसिक फेयर को इन श्रेणियों से नीचे एक नए विकल्प के रूप में जोड़ा गया है। इसका मतलब यह है कि जो यात्री केवल सीट और सामान ले जाने की सुविधा चाहते हैं, वे कम कीमत वाला टिकट चुन सकते हैं। एयरलाइन इस मॉडल के जरिए यात्रियों को उनकी जरूरत के अनुसार सेवाएं चुनने की अधिक स्वतंत्रता देना चाहती है।
अगर यात्रा के दौरान खाना चाहिए तो क्या होगा?
बेसिक फेयर लेने वाले यात्रियों के लिए भोजन की सुविधा पूरी तरह समाप्त नहीं की गई है। यदि कोई यात्री उड़ान के दौरान खाना लेना चाहता है, तो वह अतिरिक्त शुल्क देकर पहले से भोजन बुक कर सकता है। इसके लिए उड़ान से कम से कम 24 घंटे पहले ऑर्डर देना होगा। एयर इंडिया ने यात्रियों के लिए वेज, नॉन-वेज, जैन और डायबेटिक मील जैसे कई विकल्प उपलब्ध कराए हैं। एयरलाइन के अनुसार अगर किसी कारण से फ्लाइट बदल जाती है, तो पहले से बुक किया गया भोजन नई उड़ान में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। यदि ऐसा संभव नहीं हुआ तो यात्री को पूरा रिफंड मिलेगा।
कहां-कहां उपलब्ध है यह नया किराया विकल्प?
एयर इंडिया ने अभी इस नई किराया श्रेणी को चुनिंदा घरेलू रूट्स पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया है। कंपनी यात्रियों की प्रतिक्रिया और मांग को देखते हुए आगे इसका विस्तार कर सकती है। बेसिक फेयर की बुकिंग एयर इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप, कॉन्टैक्ट सेंटर और एयरपोर्ट टिकट काउंटर के माध्यम से की जा सकती है। अभी यह सुविधा थर्ड-पार्टी ट्रैवल पोर्टल्स और ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध नहीं है।
यात्रियों को इससे क्या फायदा मिलने वाला है?
इस नए मॉडल का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को हो सकता है जो कम दूरी की उड़ान भरते हैं या फ्लाइट में भोजन लेना जरूरी नहीं समझते। ऐसे यात्रियों को अब उन सुविधाओं के लिए भुगतान नहीं करना पड़ेगा जिनका वे उपयोग नहीं करते। इससे टिकट की कुल कीमत कम हो सकती है और बजट यात्रियों को राहत मिल सकती है। खासकर छात्र, युवा यात्री, बिजनेस ट्रैवलर और नियमित रूप से हवाई सफर करने वाले लोग इस विकल्प को पसंद कर सकते हैं।
क्या लो-कॉस्ट एयरलाइंस को मिलेगी चुनौती?
भारतीय विमानन बाजार में इंडिगो और स्पाइसजेट जैसी एयरलाइंस पहले से ऐसे मॉडल पर काम कर रही हैं, जहां यात्रियों को अतिरिक्त सुविधाओं के लिए अलग से भुगतान करना पड़ता है। एयर इंडिया का नया बेसिक फेयर भी इसी दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। एयर इंडिया वाकई कम किराए में बेहतर विकल्प देने में सफल रहती है, तो घरेलू विमानन बाजार में प्रतिस्पर्धा और तेज हो सकती है।
यात्रियों को ज्यादा विकल्प देने की रणनीति
एयर इंडिया का कहना है कि बेसिक फेयर का उद्देश्य यात्रियों को अधिक विकल्प देना है। हर यात्री की जरूरत अलग होती है और अब वे अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार टिकट चुन सकेंगे। जो लोग केवल कम कीमत में उड़ान चाहते हैं, उनके लिए यह नया विकल्प फायदेमंद साबित हो सकता है। आने वाले समय में यात्रियों की प्रतिक्रिया और टिकट की वास्तविक कीमतें तय करेंगी कि एयर इंडिया का यह नया प्रयोग कितना सफल रहता है।


