Air India Salary Hike: पायलटों की सैलरी में 15% तक बढ़ोतरी, मिलेंगे ये नए फायदे

Air India Salary Hike: एयर इंडिया ने पायलटों की सैलरी में 8% से 15% तक बढ़ोतरी के साथ करियर ग्रोथ, फ्लीट अलाउंस और बेस ट्रांसफर जैसी सुविधाओं में भी बदलाव किया है।

Jyotsana Singh
Published on: 8 Aug 2026 10:32 AM IST
Air India Salary Hike: Pilots Salary Up by 15%, New Allowances and Benefits Announced
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Air India Salary Hike: Pilots' Salary Up by 15%, New Allowances and Benefits Announced

Air India Salary Hike : पिछले काफी समय से मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर एविएशन सेक्टर पर भी साफ दिखाई दे रहा है। संघर्ष और अस्थिरता के बीच कई एयरलाइंस को उड़ानों में बदलाव, रूट डायवर्जन और बढ़ती परिचालन लागत जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। जिसका प्रभाव उनकी कमाई और कारोबार पर भी पड़ा। ऐसे माहौल में एयरलाइन कर्मचारियों पर भी दबाव बढ़ा है। इसी बीच टाटा ग्रुप की एयरलाइन एयर इंडिया ने अपने पायलटों को बड़ा तोहफा दिया है। एयरलाइन ने पायलटों के लिए नई वेतन व्यवस्था लागू करने का ऐलान किया है, जिसके तहत अलग-अलग कैटेगरी के पायलटों की सैलरी में 8% से लेकर 15% तक बढ़ोतरी होगी। इस फैसले का सबसे ज्यादा फायदा कमांडर स्तर के पायलटों को मिलने वाला है। सैलरी बढ़ाने के साथ एयरलाइन ने पायलटों के करियर ग्रोथ, फ्लीट अलाउंस, बेस ट्रांसफर और रिलोकेशन से जुड़ी नीतियों में भी बदलाव किए हैं। एयर इंडिया का यह फैसला ऐसे समय आया है जब कंपनी अपने घरेलू और इंटरनेशनल ऑपरेशन को लगातार विस्तार दे रही है।

कमांडर से फर्स्ट ऑफिसर तक बढ़ेगी सैलरी

एयर इंडिया की नई वेतन नीति के तहत पायलटों के पद के हिसाब से अलग-अलग सैलरी बढ़ोतरी की गई है। कमांडर स्तर के पायलटों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा और उनकी सैलरी में करीब 15% तक की बढ़ोतरी होगी। वहीं सीनियर कमांडर की सैलरी में करीब 10% की वृद्धि की गई है। इसके अलावा सीनियर फर्स्ट ऑफिसर और फर्स्ट ऑफिसर के वेतन में करीब 8% तक बढ़ोतरी होगी। हालांकि किसी पायलट की कुल कमाई केवल फिक्स्ड सैलरी से तय नहीं होती। उड़ान के घंटों और अलग-अलग जिम्मेदारियों के आधार पर मिलने वाले भत्ते भी उनकी कुल आय का हिस्सा होते हैं।

एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के पायलटों को मिलेगा फायदा

नई व्यवस्था में एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के पायलटों के करियर को लेकर भी बड़ा बदलाव किया गया है। दोनों एयरलाइंस के पायलटों के लिए कॉमन सीनियरिटी सिस्टम को लागू किया जा रहा है। इसका मकसद पायलटों के लिए ग्रुप के भीतर प्रमोशन और करियर ग्रोथ का रास्ता ज्यादा आसान बनाना है। इससे पायलटों को एयर इंडिया ग्रुप के भीतर लंबे समय तक करियर बनाने का बेहतर मौका मिल सकता है। खासकर फर्स्ट ऑफिसर से कमांडर बनने की प्रक्रिया में यह व्यवस्था महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

Boeing 737 उड़ाने वाले पायलटों के लिए अलग अलाउंस

एयर इंडिया ने Boeing 737 विमान उड़ाने वाले पायलटों के लिए अलग फ्लीट अलाउंस भी शुरू किया है। कंपनी के तेजी से बढ़ते सिंगल-आइजल फ्लीट को देखते हुए इस फैसले को काफी अहम माना जा रहा है। एयर इंडिया ग्रुप के विस्तार में Boeing 737 विमानों की महत्वपूर्ण भूमिका है और आने वाले समय में इन विमानों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में नए फ्लीट अलाउंस के जरिए ज्यादा से ज्यादा पायलटों को इस विमान को उड़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है।

बेस ट्रांसफर की पॉलिसी में भी बदलाव

पायलटों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एयरलाइन ने बेस ट्रांसफर पॉलिसी में भी बदलाव किया है। अब पायलटों को एक ऑपरेशनल बेस से दूसरे बेस में ट्रांसफर होने में पहले की तुलना में ज्यादा सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही रिलोकेशन से जुड़े लाभों में भी बदलाव किया गया है। एयरलाइन के बढ़ते नेटवर्क को देखते हुए यह व्यवस्था पायलटों और कंपनी दोनों के लिए उपयोगी हो सकती है।

पायलटों की सैलरी बढ़ाने के पीछे क्या है वजह?

एयर इंडिया की ओर से पायलटों की सैलरी बढ़ाने का फैसला केवल कर्मचारियों को अतिरिक्त पैसा देने तक सीमित नहीं है। इसके पीछे अनुभवी पायलटों को लंबे समय तक कंपनी के साथ बनाए रखना और बढ़ते ऑपरेशन के लिए पर्याप्त कॉकपिट क्रू तैयार करना भी एक बड़ा कारण है। किसी एयरलाइन के लिए अनुभवी कमांडर और प्रशिक्षित पायलट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। एक अनुभवी पायलट को तैयार करने में लंबा समय और काफी संसाधन लगते हैं। ऐसे में बेहतर वेतन और करियर ग्रोथ के अवसर देकर एयरलाइन अपने अनुभवी कर्मचारियों को बनाए रखना चाहती है।

एयर इंडिया पहले भी बदल चुकी है पायलटों की सैलरी

यह पहली बार नहीं है जब एयर इंडिया ने पायलटों के वेतन ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। एयरलाइन ने इससे पहले भी पायलटों और केबिन क्रू के लिए नई वेतन व्यवस्था लागू की थी। कंपनी ने समय-समय पर पायलटों के फिक्स्ड वेतन, फ्लाइंग अलाउंस और प्रदर्शन आधारित भुगतान में बदलाव किए हैं। इसका मकसद कर्मचारियों के पारिश्रमिक को कंपनी के बढ़ते ऑपरेशन और जिम्मेदारियों के अनुरूप बनाना है।

एयर इंडिया के लिए क्यों अहम है यह फैसला?

एयर इंडिया इस समय अपने बेड़े और उड़ानों का विस्तार कर रही है। नए विमानों के शामिल होने के साथ एयरलाइन को बड़ी संख्या में प्रशिक्षित पायलटों की जरूरत होगी। ऐसे में नई सैलरी पॉलिसी और बेहतर करियर प्रोग्रेशन सिस्टम कंपनी को पायलटों की भर्ती और उन्हें लंबे समय तक बनाए रखने में मदद कर सकता है। खासकर Boeing 737 जैसे विमानों के लिए अलग अलाउंस शुरू करना बताता है कि एयरलाइन अपने भविष्य के फ्लीट प्लान के हिसाब से पायलटों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी ध्यान दे रही है।

नए CEO के आने के बाद बड़ा फैसला

एयर इंडिया का यह ऐलान कंपनी में नेतृत्व परिवर्तन के बीच आया है। एयरलाइन ने हाल ही में टेवोल्डे गेब्रेमरियम को अपना नया एमडी और सीईओ नियुक्त किया है। ऐसे में पायलटों के लिए नई वेतन और करियर पॉलिसी को एयरलाइन के अगले चरण की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। वेतन बढ़ोतरी का ऐलान पायलटों के लिए किया गया है। ग्राउंड स्टाफ और दूसरे कर्मचारियों की सैलरी को लेकर इस तरह की कोई अलग घोषणा नहीं हुई है। केवल पायलटों के लिए किए गए इस फैसले से एयर इंडिया के दूसरे कर्मचारियों में भी भविष्य में बेहतर वेतन और सुविधाओं की उम्मीद भी बढ़ गई है। एयर इंडिया की नई पायलट पॉलिसी में सैलरी बढ़ोतरी के साथ करियर ग्रोथ, फ्लीट अलाउंस और ट्रांसफर जैसी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया गया है। ऐसे समय में जब एयरलाइन अपने ऑपरेशन और फ्लीट को तेजी से बढ़ा रही है, यह फैसला कंपनी के लिए अनुभवी पायलटों को बनाए रखने और भविष्य की जरूरत के मुताबिक नए कॉकपिट क्रू तैयार करने में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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Jyotsana Singh is an Tech/Auto and Tourism Desk Content Writer at Newstrack.com.

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