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जंग की तपिश में जला ‘जनमानस’...₹1300 तक फ्लाइट टिकट महंगी, अकासा एयर वसूलेगी फ्यूल सरचार्ज
Akasa Air Fuel Surcharge: भारतीय विमानन क्षेत्र में बढ़ती ईंधन लागत का असर अब यात्रियों की जेब पर भी पड़ने लगा है। देश की प्रमुख लो-कॉस्ट एयरलाइन अकासा एयर ने फ्लाइट टिकटों पर फ्यूल सरचार्ज लगाने की घोषणा की है।
Akasa Air
Akasa Air Fuel Surcharge: भारतीय विमानन क्षेत्र में बढ़ती ईंधन लागत का असर अब यात्रियों की जेब पर भी पड़ने लगा है। देश की प्रमुख लो-कॉस्ट एयरलाइन अकासा एयर ने फ्लाइट टिकटों पर फ्यूल सरचार्ज लगाने की घोषणा की है। एयरलाइन कंपनी के अनुसार घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानों के लिए प्रत्येक सीट पर 199 रुपये से लेकर 1300 रुपये तक अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा। यह नया फ्यूल सरचार्ज 15 मार्च को रात 12 बजकर 1 मिनट के बाद बुक की जाने वाली सभी फ्लाइट टिकटों पर लागू होगा।
कंपनी का कहना है कि मध्य पूर्व में जारी तनाव और वैश्विक बाजार में बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों के कारण एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) महंगा हो गया है। इसी वजह से एयरलाइन कंपनियों की परिचालन लागत में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। इस बढ़ते खर्च की भरपाई के लिए अकासा एयर को टिकटों पर फ्यूल सरचार्ज जोड़ने का फैसला लेना पड़ा। दरअसल किसी भी एयरलाइन कंपनी के कुल संचालन खर्च में ईंधन की हिस्सेदारी काफी बड़ी होती है। विमान उड़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाला एविएशन टर्बाइन फ्यूल एयरलाइन के खर्च का बड़ा हिस्सा बनाता है। जब एटीएफ की कीमतें तेजी से बढ़ती हैं तो एयरलाइनों के लिए बिना किराया बढ़ाए संचालन करना मुश्किल हो जाता है। इसी कारण कंपनियां अक्सर फ्यूल सरचार्ज के रूप में अतिरिक्त शुल्क वसूलती हैं।
अकासा एयर से पहले देश की दो बड़ी एयरलाइन कंपनियां एयर इंडिया और इंडिगो भी टिकटों पर फ्यूल सरचार्ज लगाने का फैसला कर चुकी हैं। एयर इंडिया ने सबसे पहले इस अतिरिक्त शुल्क की घोषणा की थी और 12 मार्च से अपने टिकटों पर फ्यूल सरचार्ज लागू कर दिया है। एयर इंडिया यात्रियों से 399 रुपये से लेकर 90 डॉलर यानी लगभग 8,300 रुपये तक का अतिरिक्त शुल्क वसूल रही है। वहीं इंडिगो ने भी 14 मार्च से अपने यात्रियों के लिए फ्यूल सरचार्ज लागू किया है। इंडिगो की ओर से 425 रुपये से लेकर 2,300 रुपये तक का अतिरिक्त शुल्क टिकट की दूरी और श्रेणी के आधार पर लिया जा रहा है। इन फैसलों के बाद अब लगभग सभी प्रमुख भारतीय एयरलाइन कंपनियां बढ़ती ईंधन लागत का असर किराए में शामिल करने लगी हैं।
एविएशन टर्बाइन फ्यूल कच्चे तेल को रिफाइन करके तैयार किया जाता है। हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई हैं। अंतरराष्ट्रीय एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के जेट फ्यूल मॉनिटर के अनुसार इस क्षेत्र में ईंधन की कीमतों में 85 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की कीमतों में इस तेज बढ़ोतरी का असर न केवल एयरलाइन कंपनियों के खर्च पर पड़ेगा बल्कि आने वाले समय में हवाई यात्रा भी यात्रियों के लिए महंगी हो सकती है। यदि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती है, तो एयरलाइनों के किराए में आगे भी बदलाव देखने को मिल सकता है।


