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EPFO Alert: PF निकालने वालों के लिए बड़ा अलर्ट! हर कोई नहीं निकाल सकता 100% पैसा, जानें नया नियम
EPFO Alert: नौकरी के दौरान 100 प्रतिशत राशि निकालने की अनुमति नहीं होती और सिर्फ कुछ ख़ास परिस्थितियों में ही पूरा PF निकाला जा सकता है।
EPFO Alert
EPFO Alert: कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) नौकरीपेशा लोगों के लिए भविष्य की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण बचत योजनाओं में से एक है। इसमें कर्मचारी और नियोक्ता दोनों हर माह योगदान करते हैं, जिस पर सरकार की तरफ से तय किया ब्याज भी मिलता है। हाल के दिनों में EPFO 3.0 और डिजिटल सेवाओं को लेकर हो रही बड़ी चर्चाओं के बीच कई कर्मचारियों के मन में यह सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या वे अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी अपने PF खाते से पूरी राशि निकाल सकते हैं। लेकिन EPFO के नियम इसके लिए स्पष्ट हैं। नौकरी के दौरान 100 प्रतिशत राशि निकालने की अनुमति नहीं होती और सिर्फ कुछ ख़ास परिस्थितियों में ही पूरा PF निकाला जा सकता है।
कब निकाल सकते हैं पूरा PF?
EPFO के मौजूदा नियमों के मुताबिक, कोई भी कर्मचारी 58 साल की आयु पूरी करने के बाद अपने EPF खाते में जमा पूरी राशि निकाल सकता है। इसके अलावा अगर कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ने के बाद लगातार बेरोजगार हो जाता है, तब भी उसे निर्धारित शर्तों के अंतर्गत पूरी राशि निकालने की अनुमति मिलती है।
नियमों के अनुसार, नौकरी छूटने के एक महीने बाद कर्मचारी अपने PF खाते से अधिकतम 75 प्रतिशत राशि निकाल सकता है। अगर दो महीने या उससे ज्यादा वक़्त तक नई नौकरी नहीं मिलती है, तो शेष 25 प्रतिशत राशि भी निकाली जा सकती है। यह सुविधा कर्मचारियों को बेरोजगारी के दौरान आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से दी गई है।
नौकरी बदलने पर PF निकालना क्यों नहीं है सही?
हमेशा कर्मचारी नई नौकरी मिलने पर पुराना PF निकाल लेते हैं, लेकिन EPFO ऐसा करने की सलाह नहीं देता। संगठन का कहना है कि नौकरी बदलने की स्थिति में PF राशि को यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) के माध्यम से नए नियोक्ता के PF खाते में ट्रांसफर कर देना चाहिए।
ऐसा करने से खाते पर लगातार ब्याज मिलता रहता है, सेवा अवधि बनी रहती है और रिटायरमेंट तक एक बड़ा फंड तैयार होता है। बार-बार PF निकालने से भविष्य की बचत प्रभावित हो सकती है और कुछ मामलों में टैक्स का भुगतान भी करना पड़ सकता है।
किन आवश्यकताओं के लिए निकाल सकते हैं आंशिक PF?
हालांकि, नौकरी के दौरान पूरी राशि निकालने की अनुमति नहीं है, लेकिन EPFO अपने सदस्यों को कुछ खास परिस्थितियों में ही आंशिक निकासी की सुविधा देता है। कर्मचारी उच्च शिक्षा, शादी, घर खरीदने, मकान निर्माण, होम लोन चुकाने, गंभीर बीमारी के इलाज या अन्य निर्धारित जरूरतों के लिए PF से तय सीमा तक रकम निकाल सकते हैं। हर एक उद्देश्य के लिए पात्रता और निकासी की अधिकतम सीमा अलग-अलग निर्धारित की गई है।
क्या है विशेषज्ञों की सलाह
वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि EPF सिर्फ एक बचत खाता नहीं, बल्कि रिटायरमेंट के लिए मजबूत आर्थिक रूप से सुरक्षा का आधार है। इसमें कर्मचारी के योगदान के साथ नियोक्ता का हिस्सा और हर वर्ष मिलने वाला ब्याज भी जुड़ता रहता है। ऐसे में अगर पैसों की तत्काल आवश्यकता न हो, तो PF की पूरी राशि निकालने के बजाय उसे खाते में ही रहने देना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। इससे भविष्य में बड़ा रिटायरमेंट फंड तैयार होता है और आर्थिक सुरक्षा भी मजबूत बनी रहती है।


