Gold Price Alert: सोना हुआ महंगा तो बदलेगा खेल! सरकार के 'इस फैसले' से हो सकता है भारत का घाटा और बढ़ेगी महंगाई

Gold Price Alert: केंद्र सरकार की ओर से देश की वित्तीय स्थिरता को सुरक्षित रखने के लिए सोने पर आयात शुल्क (सेस सहित) 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने से चालू खाते में 23 आधार अंक तक की कमी आ सकती है।

Newstrack/IANS
Published on: 15 May 2026 2:50 PM IST
Gold Price Alert
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Gold Price Alert (PHOTO: IANS)

Gold Price Alert: केंद्र सरकार की ओर से देश की वित्तीय स्थिरता को सुरक्षित रखने के लिए सोने पर आयात शुल्क (सेस सहित) 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने से चालू खाते में 23 आधार अंक तक की कमी आ सकती है। यह जानकारी शुक्रवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।

घरेलू ब्रोकरेज फर्म एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज ने एक रिपोर्ट में कहा कि बाजार ने युद्ध के बाद ही परिस्थितियों का आकलन कर लिया है, लेकिन कच्चे तेल का 100 से 110 डॉलर के बीच रहने से दबाव बना हुआ है और इससे निफ्टी 21,000 तक फिसल सकता है।

रिपोर्ट में कहा गया कि सोने के आयात शुल्क में बढ़ोतरी से ज्वेलरी कंपनियों को नुकसान हो सकता है और खुदरा महंगाई दर में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि खुदरा ईंधन की कीमतों में प्रति लीटर 17-18 रुपए की अंडर रिकवरी (लागत और बिक्री में अंतर) बनी हुई है और 10 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि से लगभग आधी कमी पूरी हो जाएगी और जून में मुद्रास्फीति दर 4.4 प्रतिशत तक पहुंच सकती है, जिससे भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में वृद्धि की संभावना बढ़ जाएगी।

घरेलू ब्रोकरेज फर्म ने यह भी कहा कि आने वाले हफ्तों में अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होने की संभावना है, जिससे इन उपायों से बचा जा सकता है। हालांकि, रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो नीतिगत उपायों में मुद्रा बाजारों में प्रत्यक्ष हस्तक्षेप, विदेशी बॉन्ड या विशेष जमा योजनाओं में हस्तक्षेप और विदेशों में भेजे जाने वाले धन पर सीमाएं लगाना शामिल हो सकता है।

फिलीपींस, वियतनाम और थाईलैंड जैसे कई देशों ने घरेलू यात्रा को कम करने के लिए अनिवार्य रूप से घर से काम करने और अन्य उपाय लागू किए हैं। भारत में इसकी संभावना बहुत कम है, लेकिन ब्रोकरेज फर्म के अनुसार, इससे पर्यटन, आतिथ्य और विमानन क्षेत्रों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

पिछले पांच वर्षों में भारतीयों द्वारा भेजे गए विदेशी धन में 9.5 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि हुई है और अब यह चालू खाता घाटे का 174 प्रतिशत हो गया है।

Priya Singh Bisen

Priya Singh Bisen

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