GST स्लैब बदलाव से पहले FMCG कंपनियों ने शुरू किया स्टॉक दौड़

नई GST दरों के लागू होने से पहले FMCG सेक्टर में बिक्री की होड़ शुरू हो गई है। आइसक्रीम, साबुन और शैम्पू जैसे रोज़मर्रा के प्रोडक्ट्स अब दुकानों में सस्ते दाम में उपलब्ध हैं।

Sonal Girhepunje
Published on: 20 Sept 2025 4:01 PM IST
GST स्लैब बदलाव से पहले FMCG कंपनियों ने शुरू किया स्टॉक दौड़
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GST Reform: जीएसटी (GST) की नई दरें लागू होने वाली हैं और इससे पहले FMCG (तेज बिकने वाले उपभोक्ता उत्पाद) सेक्टर में काफी हलचल देखी जा रही है। आइसक्रीम, साबुन, शैम्पू, बिस्किट्स, टूथपेस्ट, बटर, पनीर और स्नैक्स जैसी रोजमर्रा की जरूरी चीज़ें अब दुकानों पर कम कीमत पर उपलब्ध होने लगी हैं। कंपनियां और रिटेलर्स इस बदलाव का फायदा उठाने के लिए तेजी से स्टॉक बढ़ा रहे हैं और ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए तैयारी कर रहे हैं। नई GST दरें लागू होने से पहले यह कोशिश की जा रही है कि ग्राहक पहले ही कम कीमत वाले प्रोडक्ट्स खरीद सकें। इसके साथ ही कंपनियां नए टैक्स रेट के अनुसार बिलिंग कर रही हैं, ताकि कीमतों में अंतर ग्राहक तक पहुंचे बिना ही तय किया जा सके। इस बदलाव से FMCG सेक्टर में बिक्री बढ़ने की उम्मीद है और उपभोक्ताओं को दैनिक जरूरत की चीज़ें सस्ती मिलेंगी।

स्टोर पर जल्दी उपलब्ध प्रोडक्ट का लाभ

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि 12% स्लैब वाले अधिकांश उत्पाद अब 5% स्लैब में आएंगे। इसमें बटर, पनीर, मिठाइयां, नमकीन स्नैक्स, बिस्किट्स, आइसक्रीम, साबुन और टूथपेस्ट शामिल हैं।

कंपनियां पहले से ही नई जीएसटी दर पर बिलिंग कर रही हैं और कम कीमत वाले पैक वितरकों और रिटेल दुकानों को भेज रही हैं। बास्किन रॉबिन्स के सीईओ मोहित खट्टर ने बताया कि उनके सभी बिल अब 5% जीएसटी पर शिफ्ट हो गए हैं। इसका मतलब है कि ग्राहक जल्दी ही सस्ते उत्पाद खरीद सकेंगे।

बड़ी कंपनियों की तैयारी

प्रॉक्टर एंड गैंबल (P&G), हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL), लॉरियल, आईटीसी और ब्रिटानिया जैसी बड़ी FMCG कंपनियों ने नई GST दरों के हिसाब से अपने उत्पादों की कीमतों में बदलाव की घोषणा कर दी है। P&G ने हेड एंड शोल्डर्स, पैंटीन, पैम्पर्स डायपर, जिलेट शेविंग क्रीम और विक्स डिकंजेस्टेंट जैसे लोकप्रिय प्रोडक्ट्स की कीमतें कम कर दी हैं। इसी तरह, HUL ने डव और क्लिनिक शैम्पू, ब्रू कॉफी, किसान जैम, लक्स और लाइफबॉय साबुन की कीमतें घटा दी हैं। इस कदम का उद्देश्य ग्राहकों को नई GST दर के तहत सस्ते उत्पाद उपलब्ध कराना और FMCG बिक्री को बढ़ावा देना है।

बिक्री बढ़ाने की रणनीति

क्विक-कॉमर्स और ई-कॉमर्स कंपनियां भी नई GST दरों के लागू होने से पहले ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कम कीमत वाले उत्पादों पर प्रचार और छूट दे रही हैं। स्विगी इंस्टामार्ट ने कई दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर विशेष छूट शुरू कर दी है, ताकि ग्राहक सस्ते में जरूरी सामान खरीद सकें। इसी तरह, अमेज़न नाउ अपने ऐप पर दैनिक आवश्यक उत्पादों पर ‘सालाना 25,000 रुपये तक की बचत’ और 200 रुपये तक कैशबैक ऑफर कर रहा है। इस रणनीति का उद्देश्य ग्राहकों को जल्दी आकर्षित करना और FMCG बिक्री को बढ़ावा देना है।

जीएसटी की नई दरें

सरकार ने जीएसटी को तीन मुख्य स्लैब में सरल बना दिया है, ताकि टैक्स सिस्टम और अधिक स्पष्ट और आसान हो जाए। अब दैनिक आवश्यक वस्तुएं और घरेलू सामान पर 5% GST, अधिकांश अन्य उपभोक्ता उत्पाद और सेवाओं पर 18% GST, और लक्जरी या विशेष उत्पादों जैसे गैसयुक्त पेय और तंबाकू पर 40% GST लागू होगा। इस नए नियम के तहत कंपनियां नई कीमतों का फायदा उठाकर बिक्री बढ़ा रही हैं और ग्राहकों को कम कीमत पर उत्पाद उपलब्ध करा रही हैं। इससे FMCG सेक्टर में व्यापार और खपत दोनों को प्रोत्साहन मिलेगा।

खपत में वृद्धि की उम्मीद

गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के प्रबंध निदेशक सुधीर सीतापति के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में उपभोग में थोड़ी गिरावट आई थी। लेकिन नए जीएसटी रेट और अन्य उपायों से सभी क्षेत्रों में विकास बढ़ेगा। कंपनियां नए मूल्य टैग के साथ उत्पाद दुकानों में भेज रही हैं। सरकार ने पुराने स्टॉक पर री-लेबलिंग वैकल्पिक कर दी है और पैकेजिंग सामग्री का उपयोग 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दिया है। ग्रांट थॉर्नटन के कर विशेषज्ञ मनोज मिश्रा का कहना है कि नई जीएसटी संरचना से कंपनियों की लागत कम होगी और रिटेल स्तर पर उपभोक्ताओं के लिए पारदर्शिता बढ़ेगी।

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Sonal Girhepunje is a Former Senior Writer at Newstrack.com.

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