Gurugram Real Estate: 271 करोड़ का एक घर: गुरुग्राम में पेंटहाउस की कीमत ने बनाया नया रिकॉर्ड

Gurugram Real Estate: गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड स्थित डीएलएफ डहलियाज में 17 हजार वर्गफुट सुपर एरिया का पेंटहाउस ₹271 करोड़ में बिका, कारपेट एरिया के हिसाब से कीमत ₹2.58 लाख प्रति वर्गफुट।

Newstrack Network
Published on: 11 Aug 2026 6:13 PM IST
A house of Rs 271 crore: Penthouse prices set new record in Gurugram
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271 करोड़ का एक घर: गुरुग्राम में पेंटहाउस की कीमत ने बनाया नया रिकॉर्ड (Photo- Social Media)

Gurugram Real Estate: गुरुग्राम। एक घर की कीमत ₹271 करोड़। यानी इतनी रकम, जिसमें ₹1 करोड़ कीमत के 271 मकान खरीदे जा सकते हैं। गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड पर हुआ एक नया रियल एस्टेट सौदा इसी वजह से चर्चा में है। सेक्टर-54 की निर्माणाधीन डीएलएफ डहलियाज परियोजना में करीब 17 हजार वर्गफुट सुपर एरिया वाला पेंटहाउस उद्यमी मानव सरदाना ने ₹271 करोड़ में खरीदा है। रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े लोगों के मुताबिक यह दिल्ली-एनसीआर के सबसे महंगे एकल आवासीय सौदों में शामिल है और इसे एनसीआर का रिकॉर्ड पेंटहाउस सौदा बताया जा रहा है।

इस सौदे की कीमत जितनी चौंकाती है, उससे कहीं दिलचस्प इसका गणित है। पेंटहाउस का सुपर एरिया करीब 17,000 वर्गफुट बताया गया है। इस आधार पर कीमत लगभग ₹1.59 लाख प्रति वर्गफुट पड़ती है। लेकिन वास्तविक उपयोग योग्य यानी कारपेट एरिया करीब 10,500 वर्गफुट है। कारपेट एरिया के हिसाब से खरीदार ने करीब ₹2.58 लाख प्रति वर्गफुट चुकाए हैं। यानी इस एक सौदे में गुरुग्राम का प्रीमियम आवासीय बाजार उस मूल्य स्तर तक पहुंचता दिखाई दे रहा है, जिसे कुछ वर्ष पहले तक मुख्यतः मुंबई के चुनिंदा इलाकों से जोड़कर देखा जाता था।

₹271 करोड़ में आखिर मिल क्या रहा है?

डीएलएफ डहलियाज साधारण आवासीय परियोजना नहीं है। गोल्फ कोर्स रोड पर विकसित हो रही इस परियोजना को अत्यंत संपन्न खरीदारों के लिए तैयार अल्ट्रा-लक्जरी आवासीय परिसर के रूप में पेश किया गया है। परियोजना में करीब 420 अपार्टमेंट और पेंटहाउस बताए जाते हैं और लगभग पांच एकड़ में लेक पार्क विकसित किए जाने की योजना है। यहां सामान्य अपार्टमेंट की कीमत भी आम लग्जरी हाउसिंग से कई गुना अधिक है। परियोजना में विभिन्न आवासों की कीमत लगभग ₹100 करोड़ से ₹170 करोड़ तक बताई जा रही है। पेंटहाउस और विशेष इकाइयां इससे कहीं अधिक कीमत तक पहुंच सकती हैं।

इसलिए ₹271 करोड़ का यह सौदा केवल घर के क्षेत्रफल का मूल्य नहीं है। खरीदार उस स्थान, परियोजना, सुविधाओं, सुरक्षा, निजता और ब्रांड प्रीमियम के लिए भी कीमत चुका रहा है।

(Photo- Social Media)

17 हजार वर्गफुट खरीदा, इस्तेमाल की जगह 10,500 वर्गफुट

इस सौदे से रियल एस्टेट का एक महत्वपूर्ण गणित भी सामने आता है। किसी परियोजना में सुपर एरिया और कारपेट एरिया एक नहीं होते। कारपेट एरिया मोटे तौर पर वह वास्तविक आंतरिक क्षेत्र होता है जिसका खरीदार अपने आवास में इस्तेमाल करता है। सुपर एरिया में इसके साथ साझा सुविधाओं और कॉमन एरिया का अनुपात भी जोड़ा जा सकता है।

इस पेंटहाउस में करीब 17 हजार वर्गफुट सुपर एरिया के मुकाबले कारपेट एरिया 10,500 वर्गफुट बताया गया है। यानी करीब 6,500 वर्गफुट का अंतर है। इसीलिए केवल ₹1.59 लाख प्रति वर्गफुट का आंकड़ा देखने से संपत्ति की वास्तविक कीमत का पूरा अंदाजा नहीं मिलता। रहने के वास्तविक क्षेत्र यानी कारपेट एरिया के आधार पर इसकी कीमत करीब ₹2.58 लाख प्रति वर्गफुट तक पहुंच जाती है।

गुरुग्राम में घर नहीं, ‘एड्रेस’ भी बिक रहा है

गुरुग्राम के लग्जरी रियल एस्टेट बाजार में पिछले कुछ वर्षों में बड़ा बदलाव आया है। कभी दिल्ली-एनसीआर का आवासीय बाजार मुख्य रूप से दिल्ली के लुटियंस क्षेत्र और दक्षिण दिल्ली की महंगी कोठियों से पहचाना जाता था। अब गुरुग्राम का गोल्फ कोर्स रोड और आसपास का क्षेत्र ऊंची कीमत वाली आवासीय संपत्तियों का नया केंद्र बन चुका है।

इसके पीछे खरीदारों की प्राथमिकताओं में आया बदलाव भी है। अत्यधिक संपन्न वर्ग के लिए मकान अब केवल रहने की जगह नहीं है। परियोजना का नाम, उसका पता, निजी क्लब, सुरक्षा, लैंडस्केप, कम घनत्व, पड़ोस में रहने वाला सामाजिक वर्ग और बिल्डर का ब्रांड भी कीमत निर्धारित करते हैं। इसीलिए अल्ट्रा-लक्जरी बाजार में कई बार मकान के आकार से ज्यादा ‘कहां का पता है’ महत्वपूर्ण हो जाता है।

डहलियाज में पहले भी हुए करोड़ों के बड़े सौदे

डीएलएफ डहलियाज पहले भी अत्यधिक महंगे आवासीय सौदों को लेकर चर्चा में रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक जाने-माने निवेशक मुरलीधर केला ने अप्रैल 2026 में यहां करीब ₹120.71 करोड़ में एक अपार्टमेंट खरीदा। पूर्व भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन द्वारा फरवरी 2025 में करीब ₹69 करोड़ में अल्ट्रा-लक्जरी अपार्टमेंट खरीदे जाने की जानकारी सामने आई थी।

अक्टूबर 2025 में दिल्ली-एनसीआर के एक उद्योगपति द्वारा इसी परियोजना में करीब ₹380 करोड़ में चार अपार्टमेंट खरीदने की भी खबर आई थी।

इन सौदों से एक बात स्पष्ट होती है—₹271 करोड़ का पेंटहाउस अचानक पैदा हुई कोई अकेली घटना नहीं है। गुरुग्राम में ₹50 करोड़, ₹100 करोड़ और उससे अधिक कीमत वाले आवासों का एक अलग बाजार विकसित हो रहा है।

कौन हैं ₹271 करोड़ का पेंटहाउस खरीदने वाले मानव सरदाना

मानव सरदाना उद्योग जगत से जुड़े कारोबारी हैं। उनका संबंध इंपीरियल ऑटो से रहा है। उनके पिता एसबी सरदाना ने 1969 में जगजीत सिंह के साथ इंपीरियल ऑटो इंडस्ट्रीज की शुरुआत की थी। कंपनी ऑटोमोबाइल क्षेत्र से जुड़े उत्पादों के कारोबार में विकसित हुई और बाद में वैश्विक निजी इक्विटी क्षेत्र से भी इसका संबंध बना। इस पृष्ठभूमि में मानव सरदाना की ₹271 करोड़ की संपत्ति खरीद ने उन्हें देश के अल्ट्रा-प्रीमियम रियल एस्टेट खरीदारों की चर्चा में ला दिया है।

(Photo- Social Media)

लेकिन मुंबई अभी भी देश का सबसे महंगा बाजार

गुरुग्राम की तेजी के बावजूद देश के सबसे महंगे आवासीय रियल एस्टेट बाजार में मुंबई का दबदबा अभी कायम है। वर्ली, मालाबार हिल, अल्टामाउंट रोड और दक्षिण मुंबई के कुछ हिस्सों में सैकड़ों करोड़ रुपये के आवासीय सौदे पहले भी होते रहे हैं।

उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार केवल वर्ली जैसे इलाके में पिछले लगभग दो वर्षों में ₹40 करोड़ से अधिक कीमत वाले दर्जनों मकानों के सौदे हुए हैं और उनकी संयुक्त कीमत हजारों करोड़ रुपये तक पहुंची है।

अंतर यह है कि मुंबई में महंगी जमीन की कमी और समुद्र के सामने सीमित प्रीमियम संपत्तियां लंबे समय से ऊंची कीमतों का आधार रही हैं। गुरुग्राम में नया अल्ट्रा-लक्जरी बाजार बड़े आकार के अपार्टमेंट, आधुनिक सुविधाओं, नई निर्माण तकनीक और कॉर्पोरेट संपन्नता के सहारे विकसित हो रहा है।

क्या गुरुग्राम अब न्यूयॉर्क और लंदन जितना महंगा हो गया?

₹271 करोड़ की कीमत स्वाभाविक रूप से न्यूयॉर्क और लंदन जैसे दुनिया के सबसे महंगे शहरों से तुलना को जन्म देती है। मैनहट्टन की 57वीं स्ट्रीट यानी तथाकथित ‘बिलियनेयर्स रो’, सेंट्रल पार्क के आसपास और लंदन के मेफेयर, नाइट्सब्रिज तथा केंसिंग्टन जैसे इलाकों में अत्यंत महंगे अपार्टमेंट और पेंटहाउस बिकते हैं।

लेकिन केवल किसी एक संपत्ति की कुल कीमत देखकर यह कहना उचित नहीं होगा कि गुरुग्राम का पूरा बाजार मैनहट्टन या लंदन के बराबर पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय तुलना में कारपेट अथवा आंतरिक क्षेत्र की प्रति वर्गफुट कीमत, स्थान, कर, भवन की श्रेणी और सुविधाओं को भी देखना पड़ता है।

फिर भी ₹2.58 लाख प्रति वर्गफुट कारपेट एरिया वाला सौदा यह जरूर दिखाता है कि भारत के चुनिंदा अल्ट्रा-लक्जरी आवासों की कीमत अब वैश्विक स्तर पर ध्यान खींचने वाली श्रेणी में पहुंच रही है।

(Photo- Social Media)

इतने महंगे घर कौन खरीद रहा है?

इस बाजार के खरीदार सामान्य वेतनभोगी उच्च-मध्यवर्ग नहीं, बल्कि उद्योगपति, कंपनी प्रवर्तक, स्टार्टअप संस्थापक, निवेशक, बड़े कारोबारी, पेशेवर खिलाड़ी और अत्यधिक संपन्न परिवार होते हैं। इनके लिए ₹50-100 करोड़ से अधिक का घर केवल निवास नहीं बल्कि संपत्ति पोर्टफोलियो और सामाजिक प्रतिष्ठा का हिस्सा भी हो सकता है।

कोविड महामारी के बाद बड़े और अधिक सुविधायुक्त घरों की मांग बढ़ने, भारतीय शेयर बाजार और उद्यमिता से नई संपत्ति बनने तथा देश में अत्यधिक संपन्न लोगों की संख्या बढ़ने से अल्ट्रा-लक्जरी हाउसिंग को नया ग्राहक वर्ग मिला है।

₹271 करोड़ के सौदे में सरकार की भी बड़ी कमाई

इतनी महंगी संपत्ति का सौदा केवल खरीदार और बिल्डर के बीच की रकम तक सीमित नहीं रहता। संपत्ति पंजीकरण पर लागू स्टांप शुल्क और अन्य वैधानिक शुल्क के कारण सरकार को भी बड़ी राशि मिलती है। अंतिम रकम संपत्ति की श्रेणी, स्वामित्व संरचना और लागू दरों पर निर्भर करती है। यही वजह है कि गुरुग्राम में लगातार बढ़ते ₹50 करोड़, ₹100 करोड़ और उससे ऊपर के रियल एस्टेट सौदे हरियाणा सरकार के संपत्ति पंजीकरण राजस्व के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हैं।

भारत के रियल एस्टेट में बन रहा एक नया बाजार

एक तरफ देश में करोड़ों परिवारों के लिए किफायती आवास बड़ी चुनौती है, दूसरी तरफ ₹100 करोड़ से ऊपर के अपार्टमेंट का अलग बाजार तेजी से उभर रहा है। दोनों एक ही भारतीय रियल एस्टेट बाजार की दो बिल्कुल अलग तस्वीरें हैं।

₹271 करोड़ का गुरुग्राम पेंटहाउस इसी बदलाव का प्रतीक है। यहां कीमत केवल 10,500 वर्गफुट रहने की जगह की नहीं है। इसमें ब्रांड, लोकेशन, सुविधाएं, निजता, सामाजिक प्रतिष्ठा और दुर्लभता का प्रीमियम भी शामिल है। इस सौदे की सबसे दिलचस्प बात शायद ₹271 करोड़ की कुल कीमत भी नहीं है। असली आंकड़ा ₹2.58 लाख प्रति वर्गफुट का कारपेट मूल्य है। यह बताता है कि गुरुग्राम के चुनिंदा हिस्सों में अल्ट्रा-लक्जरी रियल एस्टेट अब उस स्तर पर पहुंच रहा है, जहां घर की कीमत करोड़ों से नहीं, सैकड़ों करोड़ रुपये से गिनी जाने लगी है।

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