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फॉरेक्स रिजर्व को लगा झटका! भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट, RBI ने जारी किए आंकड़े
India Forex Reserves: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट दर्ज की गई है। 30 अक्टूबर 2026 को समाप्त सप्ताह में भारत का फॉरेक्स रिजर्व 2.691 अरब डॉलर घटकर 717.056 अरब डॉलर रह गया।
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India Forex Reserves: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट लगातार जारी है। देश का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार दूसरे हफ्ते भी घटा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार 30 अक्टूबर 2026 को समाप्त सप्ताह में भारत का फॉरेक्स रिजर्व 2.691 अरब डॉलर घटकर 717.056 अरब डॉलर रह गया। इससे पहले वाले सप्ताह में भी विदेशी मुद्रा भंडार में 1.269 अरब डॉलर की गिरावट आई थी।
भारत के फॉरेक्स रिजर्व में एक सप्ताह के दौरान करीब 2.69 अरब डॉलर की कमी आई है। अगर हम इसके कारणों पर नजर डालें तो विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों और सोने के भंडार में गिरावट इसके प्रमुख कारण रहे। विदेशी मुद्रा भंडार में यह गिरावट लगातार दूसरे सप्ताह भी दर्ज की गई है। इससे पहले 24 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में देश का फॉरेक्स रिजर्व 1.269 अरब डॉलर घटा था।
सितंबर में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था विदेशी मुद्रा भंडार
इससे पहले भारत के फॉरेक्स रिजर्व में इजाफा हुआ था। सितंबर 2026 की शुरुआत में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। 4 सितंबर को खत्म हुए सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार अब तक के सबसे ऊंचे स्तर 785.7 अरब डॉलर पर पहुंच गया था। उस समय विदेशों में रहने वाले भारतीयों की जमा राशि से जुड़े एक खास स्वैप योजना के कारण देश में बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा आई थी। इस योजना के तहत बैंकों ने करीब 133 अरब डॉलर जुटाए थे। हालांकि, इसके बाद से विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार कमी देखी जा रही है।
हालांकि अगर हम तुलना करें तो ताजा गिरावट के बावजूद देश का विदेशी मुद्रा भंडार मार्च 2026 के अंत के स्तर से 25.949 अरब डॉलर अधिक है। सालाना आधार पर भी इसमें 27.324 अरब डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऐसे में यह एक पॉजिटिव चीज कही जा सकती है।
सोने के भंडार में भी आई कमी
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार के अलावा स्वर्ण भंडार यानी गोल्ड रिजर्व में भी गिरावट दर्ज की गई है। RBI के मुताबिक, संबंधित सप्ताह में सोने के भंडार का मूल्य 559 मिलियन डॉलर घटकर 102.591 अरब डॉलर रह गया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से जुड़े स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (SDRs) में 47 मिलियन डॉलर की कमी आई और यह 18.558 अरब डॉलर रह गया। दूसरी ओर, IMF में भारत की रिजर्व पोजिशन में 3 मिलियन डॉलर की मामूली बढ़ोतरी हुई। यह बढ़कर 4.790 अरब डॉलर हो गई है।
विदेशी मुद्रा भंडार क्यों है महत्वपूर्ण?
किसी भी देश के लिए विदेशी मुद्रा भंडार आर्थिक सुरक्षा के लिहाज से अहम होता है। इसका इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर आयात भुगतान, विदेशी कर्ज की अदायगी और मुद्रा बाजार में अस्थिरता से निपटने के लिए किया जा सकता है।
भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए कच्चे तेल, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य जरूरी वस्तुओं के आयात का भुगतान करने में विदेशी मुद्रा भंडार की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
कुल मिलाकर, भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट जरूर आई है, लेकिन इसका आकलन व्यापक आर्थिक परिस्थितियों के साथ किया जाना चाहिए। आने वाले सप्ताहों में RBI के आंकड़ों और रुपये की चाल पर बाजार की नजर बनी रहेगी।


