Petrol pump new system: बदलने वाला है पेट्रोल भरवाने का तरीका! सरकार की इस नई योजना से बदलेगा पूरा सिस्टम

Petrol pump new system: जल्द ही ग्राहकों को अपनी गाड़ी की आवश्यकता के हिसाब से E20, E22, E25 और E30 जैसे कई विकल्प चुनने का अवसर मिल सकता है।

Priya Singh Bisen
Published on: 28 May 2026 4:23 PM IST (Updated on: 28 May 2026 4:23 PM IST)
Petrol pump new system
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Petrol pump new system: भारत में आगामी कुछ वक़्त में पेट्रोल भरवाने का तरीका पूरी तरह बदल सकता है। केंद्र सरकार पूरे देश के पेट्रोल पंपों पर अलग-अलग एथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल उपलब्ध कराने की तैयारियों में लग गई है। जल्द ही ग्राहकों को अपनी गाड़ी की आवश्यकता के हिसाब से E20, E22, E25 और E30 जैसे कई विकल्प चुनने का अवसर मिल सकता है। सरकार का उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना और साफ़ ईंधन को बढ़ावा देना है।

गुणवत्ता जांच की व्यवस्था विकसित

जानकारी के अनुसार, सरकार ने सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के साथ-साथ निजी कंपनियों JIO-BP मोबिलिटी, नायरा एनर्जी और शेल को भी अवश्य इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के आदेश दिए हैं। इसके अंतर्गत पेट्रोल पंपों पर अलग-अलग एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन के लिए अलग स्टोरेज टैंक, ब्लेंडिंग सिस्टम और गुणवत्ता गंभीरता से जांच की व्यवस्था विकसित की जाएगी।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद पेट्रोल पंपों पर हर ईंधन की अलग लेबलिंग होगी। डिस्पेंसर पर स्पष्ट तरीके से लिखा जाएगा कि पेट्रोल में कितना प्रतिशत एथेनॉल मिला हुआ है। इससे वाहन मालिक अपनी गाड़ी के इंजन और कंपनी की सिफारिश के मुताबिक सही ईंधन का चयन कर सकेंगे।

इस पर भी दें ध्यान

फिलहाल देश के ज्यादातर पेट्रोल पंपों पर E20 पेट्रोल उपलब्ध कराया जा रहा है। हालांकि, एथेनॉल उद्योग लंबे वक़्त से 20% से अधिक ब्लेंडिंग की मांग कर रहा था। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में अब एथेनॉल उत्पादन क्षमता बहुत बढ़ चुकी है और आने वाले वक़्त की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ज्यादा ब्लेंड वाले ईंधन बाजार में उतारना बेहद आवश्यक हो गया है।

भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता देश है, जो कि अपनी आवश्यकताओं का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में सरकार एथेनॉल को एक बड़े विकल्प के रूप में देख रही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर 2014 से फरवरी 2026 के बीच एथेनॉल ब्लेंडिंग के कारण देश को तकरीबन 1.7 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बचत हुई है। इसके अलावा कार्बन उत्सर्जन में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।

अधिक एथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल को लेकर बहस जारी

हालांकि, अधिक एथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल को लेकर माइलेज और इंजन की परफॉर्मेंस पर बहस चल रही है। कई वाहन मालिकों को ये चिंता सता रही है कि इससे गाड़ी की क्षमता गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है। वहीं, सरकार का दावा है कि E20 जैसे ईंधन से वाहन की पिकअप बेहतर होती है और माइलेज पर बहुत अधिक प्रभाव नहीं पड़ता। विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी सालों में भारत में भी ब्राजील की तरह लोग अपनी आवश्यकता और बजट के अनुसार अलग-अलग एथेनॉल मिश्रण वाला पेट्रोल चुन सकेंगे।

Priya Singh Bisen

Priya Singh Bisen

Content Writer Mail ID - Priyasinghbisen96@gmail.com

Priya Singh Bisen is a Content Writer at Newstrack.com.

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