अमेरिका सुन ले... सस्ती गैस दोगे तो...! भारत-US LNG डील पर पेट्रोनेट के CEO की दो टूक, ट्रंप बौखलाए

India US LNG deal: भारत ने अमेरिका को साफ संदेश दिया है कि LNG तभी खरीदी जाएगी जब कीमत किफायती होगी। ऊर्जा सुरक्षा, गैस मांग और भारत-अमेरिका व्यापार बातचीत की पूरी तस्वीर।

Gausiya Bano
Published on: 13 Feb 2026 8:49 AM IST
अमेरिका सुन ले... सस्ती गैस दोगे तो...! भारत-US LNG डील पर पेट्रोनेट के CEO की दो टूक, ट्रंप बौखलाए
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India US LNG deal: ऊर्जा के मोर्चे पर भारत अब भावनाओं से नहीं, हिसाब से फैसला कर रहा है। दुनिया के बदलते हालात और बढ़ती जरुरतों के बीच भारत ने साफ कर दिया है कि उसे गैस चाहिए, लेकिन किफायती दाम पर। महंगी ऊर्जा का बोझ आम लोगों पर नहीं डाला जा सकता। इसी सोच के साथ भारत ने अमेरिका को दो टूक संदेश दिया है कि अगर LNG सस्ती होगी, तभी खरीदी जाएगी।

कीमत पर समझौता नहीं

पेट्रोनेट एलएनजी के प्रमुख अक्षय कुमार सिंह ने साफ कहा है कि भारत अपने नागरिकों के लिए सस्ती और फायदेमंद ऊर्जा चाहता है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि गैस की कीमत अगर सही रही, तो लोग दूसरे ईंधनों की जगह गैस का ज्यादा इस्तेमाल करेंगे। लेकिन अगर दाम ज्यादा होंगे, तो खरीदारी का सवाल ही नहीं उठता। यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर बातचीत तेज हो चुकी है।

व्यापार समझौते की पृष्ठभूमि

हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय सामानों पर आयात शुल्क 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने का ऐलान किया। इसके बदले अमेरिका चाहता है कि भारत उससे ज्यादा सामान खरीदे। साल 2024-25 में भारत-अमेरिका व्यापार 132 अरब डॉलर तक पहुंचा, जिसमें भारत को 41 अरब डॉलर का फायदा हुआ। भारत ने अगले पांच साल में अमेरिका से 500 अरब डॉलर का सामान खरीदने की इच्छा जताई है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि इसमें संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा।

गैस खपत बढ़ाने की चुनौती

भारत इस समय दुनिया का चौथा सबसे बड़ा LNG आयातक है। सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक ऊर्जा मिश्रण में गैस की हिस्सेदारी 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत की जाए। खाद, सिटी गैस, रिफाइनरी और बिजली क्षेत्र में गैस की मांग तेजी से बढ़ रही है। देश में करीब 27,000 मेगावॉट की गैस आधारित बिजली क्षमता है, लेकिन महंगी गैस के कारण प्लांट अपनी पूरी ताकत से नहीं चल पा रहे हैं। सस्ती LNG मिलने से यह तस्वीर बदल सकती है।

लॉन्ग टर्म सौदों पर नजर

पेट्रोनेट पहले से ही कतर और ऑस्ट्रेलिया से गैस आयात करता है। अब कंपनी लंबे समय के समझौतों पर काम कर रही है। मौजूदा टर्मिनलों की क्षमता बढ़ाई जा रही है और पूर्वी तट पर नया आयात टर्मिनल भी तैयार किया जा रहा है। साफ है, भारत को गैस चाहिए, लेकिन सिर्फ वही जो जेब पर भारी न पड़े और देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करे।

Gausiya Bano

Gausiya Bano

Mail ID - gausiyaseikh1999@gmail.com

Gausiya Bano is a Multimedia Journalist based in Lucknow, the capital city of Uttar Pradesh, currently serving as Desk In-Charge at Newstrack. She holds a postgraduate degree in Journalism from Makhanlal Chaturvedi National University, Bhopal, Madhya Pradesh. With over 2.5 years of experience, she has worked with leading organizations including Rajasthan Patrika and NewsBytes. She has expertise in news desk operations, reporting and digital journalism. At Newstrack She oversees content management, ensures editorial accuracy and coordinates with reporters to maintain high newsroom standards. Passionate about ethical reporting and adapting to the evolving media landscape, Gausiya Bano continues to grow as a dedicated and responsible journalist.

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