Jewar Airport Cargo Service 2026: अब सिर्फ सफर नहीं, कारोबार भी उड़ान भरेगा! जेवर एयरपोर्ट से शुरू हुई कार्गो सेवा

Jewar Airport Cargo Service 2026: पहली कार्गो फ्लाइट के साथ जेवर एयरपोर्ट ने उत्तर भारत के बड़े लॉजिस्टिक्स हब बनने की दिशा में कदम बढ़ाया, ई-कॉमर्स और निर्यात कारोबार को मिलेगा फायदा।

Jyotsana Singh
Published on: 17 Jun 2026 3:13 PM IST
Jewar Airport starts cargo services with first cargo flight, boosting trade and logistics in North India
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Jewar Airport Cargo Service 2026

Jewar Airport Cargo Service 2026: 15 जून को पहली व्यावसायिक उड़ान के साथ इतिहास रचने वाले नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने अब एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। जेवर स्थित इस एयरपोर्ट ने अपनी पहली कार्गो फ्लाइट का सफल संचालन कर उत्तर भारत के उभरते एविएशन और लॉजिस्टिक्स हब बनने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है। पहली घरेलू कार्गो उड़ान के संचालन के साथ ही जेवर एयरपोर्ट को उत्तर भारत के उभरते हुए विमानन और लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में देखा जाने लगा है। कार्गो सेवाओं की शुरुआत से उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे माल की ढुलाई तेज होगी, परिवहन लागत कम होगी और कारोबारियों को नए बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।

घरेलू से लेकर अंतरराष्ट्रीय कार्गो सेवाओं तक की पूरी तैयारी

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को शुरुआत से ही एक मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया गया है। यहां घरेलू, अंतरराष्ट्रीय और एक्सप्रेस कार्गो सेवाओं के संचालन की व्यवस्था की गई है। यमुना एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ाव के कारण ट्रकों के जरिए माल की आवाजाही आसान होगी, जिससे एयर और रोड ट्रांसपोर्ट के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो सकेगा।

एयरपोर्ट प्रबंधन का कहना है कि आधुनिक कार्गो इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए उद्योगों, निर्यातकों, ई-कॉमर्स कंपनियों और सप्लाई चेन नेटवर्क को तेज और भरोसेमंद सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे उत्तर भारत में व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलने की संभावना है।

आधुनिक वेयरहाउस और डिजिटल सिस्टम बनाएंगे संचालन आसान

एयरपोर्ट की कार्गो सुविधाओं का विकास एयर इंडिया सैट्स द्वारा किया गया है। शुरुआती चरण में यहां प्रतिवर्ष दो लाख मीट्रिक टन कार्गो संभालने की क्षमता विकसित की गई है। भविष्य में इसे बढ़ाकर 15 लाख मीट्रिक टन तक ले जाने की योजना है, जो इसे देश के प्रमुख कार्गो केंद्रों में शामिल कर सकती है।

कार्गो टर्मिनल में 22,000 वर्ग मीटर का अत्याधुनिक वेयरहाउस, दो समर्पित फ्रेटर बे और चौबीसों घंटे संचालन की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम, पेपरलेस डॉक्यूमेंटेशन, स्वचालित प्रक्रियाएं और उन्नत सुरक्षा तंत्र कार्गो प्रबंधन को अधिक विस्तार देने के साथ बेहतर बनाएंगे।

ई-कॉमर्स और निर्यात कारोबार को मिलेंगे पंख

बीते कुछ वर्षों में उत्तर भारत में ई-कॉमर्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि उत्पाद और विनिर्माण क्षेत्र का तेजी से विस्तार हुआ है। ऐसे में एक बड़े एयर कार्गो हब की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही थी। जेवर एयरपोर्ट की कार्गो सेवाएं शुरू होने से कंपनियों को दिल्ली स्थित मौजूदा हवाई माल ढुलाई केंद्रों पर निर्भरता कम करने का विकल्प मिलेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे निर्यातकों को तेज डिलीवरी, बेहतर सप्लाई चेन और वैश्विक बाजारों तक आसान पहुंच मिलेगी। साथ ही क्षेत्र में वेयरहाउसिंग, कोल्ड चेन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में नए निवेश और रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।

क्यों बेहद खास माने जा रही है पहली कमर्शियल फ्लाइट

इस सप्ताह की शुरुआत में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने अपनी पहली व्यावसायिक यात्री उड़ान का भी स्वागत किया था। लखनऊ से आई इंडिगो की फ्लाइट यहां उतरने वाली पहली कमर्शियल उड़ान बनी। इससे पहले 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्घाटन किया था। यात्री और कार्गो दोनों सेवाओं की शुरुआत के बाद एयरपोर्ट का रणनीतिक महत्व और बढ़ गया है। सरकार और एयरपोर्ट प्रबंधन का लक्ष्य इसे केवल एक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि उत्तर भारत के सबसे बड़े एविएशन, लॉजिस्टिक्स और आर्थिक विकास केंद्रों में बदलना है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर

गौतमबुद्ध नगर, अलीगढ़, बुलंदशहर, आगरा, मथुरा और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों के लिए यह एयरपोर्ट गेमचेंजर साबित हो सकता है। बेहतर कनेक्टिविटी और तेज माल ढुलाई व्यवस्था से निवेश आकर्षित होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में जेवर एयरपोर्ट उत्तर भारत के व्यापारिक नक्शे पर एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर सकता है। पहली कार्गो फ्लाइट का सफल संचालन इसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो भविष्य में क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा सकता है।

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Jyotsana Singh is an Tech/Auto and Tourism Desk Content Writer at Newstrack.com.

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