LPG Cylinder Price Relief 2026: गैस सिलेंडर पर राहत की आहट... अमेरिका से रिकॉर्ड LPG खरीदने के पीछे क्या है सरकार का प्लान?

LPG Cylinder Price Relief 2026: अमेरिका से रिकॉर्ड LPG आयात के बाद गैस सिलेंडर की कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी है।

Jyotsana Singh
Published on: 25 Jun 2026 11:19 AM IST (Updated on: 25 Jun 2026 11:20 AM IST)
LPG Cylinder Price Relief 2026 Gas cylinder relief hopes rise as India boosts LPG imports from US
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LPG Cylinder Price Relief 2026

LPG Cylinder Price Relief 2026: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर पैदा हुई अनिश्चितता के बीच भारत में रसोई गैस की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बन गई है। लेकिन अब सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए लिए बड़ा कदम उठाया है। जून महीने में भारत ने अमेरिका से रिकॉर्ड स्तर पर एलपीजी आयात किया है। इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होने की उम्मीद है। क्या इस बढ़े हुए आयात को का फायदा गैस सिलेंडर की कीमतों में कमी के रूप में मिलेगा? आइए जानते हैं इस पर विस्तार से -

अमेरिका बना भारत का सबसे बड़ा LPG सप्लायर

हाल के महीनों में वैश्विक ऊर्जा बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और आपूर्ति संबंधी जोखिमों को देखते हुए भारत ने अपने एलपीजी आयात स्रोतों में बदलाव किया है।

के रिपोर्ट के अनुसार, KPLER के आंकड़े बताते हैं कि जून 2026 में अब तक भारत ने अमेरिका से करीब 6.35 लाख टन एलपीजी आयात की है। यह देश के कुल एलपीजी आयात का लगभग 65 प्रतिशत हिस्सा है। मार्च से लगातार अमेरिका भारत का सबसे बड़ा एलपीजी आपूर्तिकर्ता बना हुआ है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि किसी एक क्षेत्र पर अत्यधिक निर्भरता कम करने की रणनीति के तहत भारत ने यह कदम उठाया है, ताकि भविष्य में किसी भी भू-राजनीतिक संकट का असर घरेलू गैस आपूर्ति पर न पड़े।

यूएई से आयात में आई बड़ी गिरावट

कुछ समय पहले तक संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) भारत को एलपीजी की सबसे अधिक आपूर्ति करने वाले देशों में शामिल था। लेकिन हालात अब बदल चुके हैं। जून में यूएई से भारत का एलपीजी आयात घटकर करीब 90 हजार टन रह गया है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और सप्लाई चेन पर दबाव के कारण वहां से आपूर्ति प्रभावित हुई है। यही वजह है कि भारत ने अमेरिका सहित अन्य देशों से गैस खरीद बढ़ा दी है।

क्यों बढ़ रही है अमेरिका पर निर्भरता?

अमेरिका दुनिया के सबसे बड़े एलपीजी निर्यातकों में से एक है। वहां शेल गैस उत्पादन में वृद्धि के कारण एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता रहती है। इसके अलावा अमेरिकी आपूर्ति अपेक्षाकृत स्थिर मानी जाती है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, अमेरिका से आयात बढ़ाने के पीछे तीन प्रमुख कारण में मिडिल ईस्ट में आपूर्ति जोखिम कम करना, ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाना,

भविष्य के लिए पर्याप्त गैस भंडार तैयार करना है।

सरकार और तेल विपणन कंपनियां यह सुनिश्चित करना चाहती हैं कि किसी भी वैश्विक संकट की स्थिति में घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की कमी का सामना न करना पड़े।

क्या सस्ता होगा घरेलू गैस सिलेंडर?

यही सवाल करोड़ों उपभोक्ताओं के मन में है। फिलहाल सिर्फ आयात बढ़ने से एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में तुरंत कमी की संभावना नहीं दिख रही है।

एलपीजी की कीमतें कई कारकों पर निर्भर करती हैं, जिनमें अंतरराष्ट्रीय बाजार भाव, डॉलर-रुपया विनिमय दर, शिपिंग लागत, सरकारी सब्सिडी और तेल कंपनियों की लागत शामिल हैं।

यदि वैश्विक बाजार में एलपीजी के दाम स्थिर रहते हैं और आयात लागत नियंत्रित रहती है, तो आने वाले महीनों में उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है। हालांकि इस संबंध में अभी सरकार या तेल कंपनियों की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

भारत की LPG मांग लगातार बढ़ रही

देश में उज्ज्वला योजना और बढ़ते शहरीकरण के कारण एलपीजी की मांग लगातार बढ़ रही है। करोड़ों परिवार आज खाना पकाने के लिए रसोई गैस पर निर्भर हैं। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। इसलिए वैश्विक बाजार में होने वाले बदलावों का सीधा असर देश की ऊर्जा रणनीति पर पड़ता है।

ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि भारत अब एलपीजी आयात के लिए केवल एक या दो देशों पर निर्भर रहने के बजाय कई विकल्प तैयार कर रहा है। इससे आपूर्ति बाधित होने का खतरा कम होगा और देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत बनेगी।

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Jyotsana Singh is an Tech/Auto and Tourism Desk Content Writer at Newstrack.com.

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