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दुनिया के सबसे महंगे आम पर किसान की दरियादिली भारी, मां के लिए दिया 1.39 लाख का डिस्काउंट
Miyazaki Mango Saharanpur: सहारनपुर के किसान ने 3.50 लाख के मियाजाकी आम का सौदा मां के सम्मान में 2.11 लाख रुपये में किया
Miyazaki Mango: Farmer Gives ₹1.39 Lakh Discount on World's Costliest Mango for a Mother
Miyazaki Mango Saharanpur: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसमें दुनिया के सबसे महंगे आम मियाजाकी की कीमत जितनी चर्चा में है, उससे कहीं ज्यादा एक किसान की दरियादिली लोगों का दिल जीत रही है। किसान संदीप चौधरी ने पहले चार मियाजाकी आमों की कीमत 3.50 लाख रुपये तय की थी। लेकिन जब खरीदार ने बताया कि वह ये आम अपनी मां को समर्पित करना चाहता है, तो उन्होंने 1.39 लाख रुपये की छूट देकर सौदा 2.11लाख रुपये में पूरा कर दिया।
3.50 लाख का सौदा कैसे 2.11 लाख रुपये में हुआ
सहारनपुर के थरोली गांव निवासी किसान संदीप चौधरी पिछले तीन वर्षों से ऑर्गेनिक तरीके से मियाजाकी आम की खेती कर रहे हैं। गुजरात के सूरत के व्यापारी प्रवीण गुप्ता ने उनके बगीचे से चार मियाजाकी आम खरीदने की इच्छा जताई। इन चार आमों का कुल वजन करीब एक किलोग्राम था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस किस्म की ऊंची कीमत को देखते हुए पहले दोनों के बीच 3.50 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। लेकिन बातचीत के दौरान जब व्यापारी ने बताया कि वह ये आम अपनी मां के सम्मान में खरीद रहे हैं, तो किसान ने इसे सिर्फ कारोबार नहीं बल्कि एक भावनात्मक अवसर माना और 1.39 लाख रुपये की छूट देकर अंतिम कीमत 2.11 लाख रुपये कर दी।
एडवांस भुगतान हो चुका, अब गुजरात में होगी डिलीवरी
इस अनोखे सौदे के तहत खरीदार ने 1.11 लाख रुपये ऑनलाइन एडवांस के रूप में चुका दिए हैं। बाकी 1 लाख रुपये आम की डिलीवरी के समय दिए जाएंगे। किसान संदीप चौधरी स्वयं 1 अगस्त को गुजरात जाकर ये मियाजाकी आम खरीदार को सौंपेंगे। उन्होंने यह भी घोषणा की है कि इस बिक्री से मिलने वाली कुल राशि का 10 प्रतिशत हिस्सा गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए खर्च किया जाएगा।
तीन साल पहले लोग उड़ाते थे मजाक, आज वही खेती बनी पहचान
संदीप चौधरी बताते हैं कि जब उन्होंने तीन साल पहले मियाजाकी आम के पौधे लगाए थे। तब गांव और आसपास के कई लोग उनका मजाक उड़ाते थे। लोगों को यकीन नहीं था कि कोई आम लाखों रुपये में बिक सकता है। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और पूरी मेहनत के साथ ऑर्गेनिक खेती जारी रखी। आज उनके बगीचे में करीब 40 मियाजाकी के पेड़ हैं और उनकी पहचान देश के सफल हाई-वैल्यू फल उत्पादकों में होने लगी है। उनका मानना है कि यदि किसान पारंपरिक खेती के साथ बाजार की मांग के अनुसार नई और महंगी फसलों की खेती करें तो उनकी आमदनी में बड़ा बदलाव आ सकता है।
क्या है मियाजाकी आम और क्यों है इसकी इतनी कीमत
मियाजाकी आम जापान के मियाजाकी प्रांत की एक प्रसिद्ध किस्म है। जिसे दुनिया के सबसे महंगे आमों में गिना जाता है। पकने पर इसका रंग गहरा लाल या बैंगनी-लाल हो जाता है। इसका गूदा बेहद मुलायम, रेशारहित और काफी मीठा होता है। इसकी खेती में विशेष देखभाल, नियंत्रित वातावरण और सीमित उत्पादन की जरूरत होती है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत सामान्य आमों की तुलना में कई गुना अधिक होती है।
स्वाद के साथ सेहत के लिए भी माना जाता है फायदेमंद
मियाजाकी आम में विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन ई, फोलेट और कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। ये शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, त्वचा को स्वस्थ रखने और कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। विशेषज्ञ संतुलित मात्रा में ही इसका सेवन करने की सलाह देते हैं। क्योंकि यह भी अन्य फलों की तरह प्राकृतिक शर्करा से भरपूर होता है।
हाई-वैल्यू खेती से बढ़ सकती है किसानों की आय
देश में अब कई किसान पारंपरिक फसलों के साथ ड्रैगन फ्रूट, एवोकाडो, ब्लूबेरी और मियाजाकी जैसे प्रीमियम फलों की खेती की ओर बढ़ रहे हैं। इन फसलों में शुरुआती निवेश और देखभाल अधिक होती है। लेकिन सही तकनीक और बेहतर बाजार मिलने पर इनसे अच्छी कमाई की जा सकती है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी खेती शुरू करने से पहले जलवायु, मिट्टी और बाजार की मांग का पूरा अध्ययन करना जरूरी है।
दरियादिली ने बना दिया इस सौदे को खास
सहारनपुर के किसान संदीप चौधरी की यह कहानी सिर्फ लाखों रुपये में बिके आमों की नहीं है। बल्कि यह इस बात का उदाहरण भी है कि इंसानियत और संवेदनशीलता की कीमत सबसे बड़ी होती है। मां के सम्मान में खरीदार को 1.39 लाख रुपये की छूट देना और कमाई का एक हिस्सा जरूरतमंदों की मदद के लिए दान करने का फैसला इस पूरे मामले को खास बनाता है। यही वजह है कि यह अनोखा सौदा सोशल मीडिया से लेकर लोगों की बातचीत तक चर्चा का विषय बना हुआ है।


