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Mumbai से नवी मुंबई शिफ्ट होंगी इंटरनेशनल फ्लाइट्स? 2027 तक फैसले की उम्मीद, जानें क्या है बड़ी वजह
Mumbai News: मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 (T1) का पुनर्निर्माण अप्रैल 2027 से शुरू करने की योजना है। इस परियोजना को दिसंबर 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
Mumbai News: मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CSMIA) से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIA) पर शिफ्ट करने की योजना को लेकर अभी सहमति नहीं बन पाई है। अडानी एयरपोर्ट्स और विदेशी एयरलाइंस के बीच इस मुद्दे पर बातचीत जारी है, लेकिन उड़ानों के स्थानांतरण की समयसीमा और प्रक्रिया को लेकर मतभेद सामने आए हैं। ऐसे में सवाल है कि क्या 2027 में मुंबई से कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें नवी मुंबई एयरपोर्ट पर शिफ्ट होंगी?
क्यों शिफ्ट की जा सकती हैं अंतरराष्ट्रीय उड़ानें?
मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 (T1) का पुनर्निर्माण अप्रैल 2027 से शुरू करने की योजना है। इस परियोजना को दिसंबर 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण कार्य के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या और विमानों के संचालन को संभालना बड़ी चुनौती होगी। इसी वजह से कुछ उड़ानों को नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर स्थानांतरित करने की योजना बनाई जा रही है।
मुंबई और नवी मुंबई, दोनों एयरपोर्ट का संचालन अडानी एयरपोर्ट्स के पास है। नए एयरपोर्ट का इस्तेमाल बढ़ने से पुराने एयरपोर्ट पर परिचालन का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को शिफ्ट करने से पहले एयरलाइंस की सहमति और जरूरी परिचालन तैयारियां महत्वपूर्ण होंगी।
विदेशी एयरलाइंस ने मांगा ज्यादा समय
द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अडानी एयरपोर्ट्स और विदेशी एयरलाइंस के प्रतिनिधियों के बीच इस मुद्दे पर करीब डेढ़ घंटे तक बैठक हुई। इसमें मुंबई में परिचालन करने वाली लगभग 45 एयरलाइंस का प्रतिनिधित्व करने वाले करीब 50 अधिकारी शामिल हुए। हालांकि, बैठक में कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका।
अडानी एयरपोर्ट्स ने एयरलाइंस से 3 नवंबर तक ट्रांजिशन प्लान देने को कहा है, जबकि विदेशी एयरलाइंस ने अक्टूबर 2027 तक का समय मांगा है। एयरलाइंस का कहना है कि करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित नए एयरपोर्ट पर परिचालन शुरू करने से पहले उन्हें यात्रियों, उड़ानों, कनेक्टिविटी और व्यावसायिक संभावनाओं से जुड़ी पूरी जानकारी चाहिए।
एयरलाइंस यह भी चाहती हैं कि टर्मिनल-1 को एक साथ बंद करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से पुनर्निर्मित किया जाए। उनका तर्क है कि इससे उड़ानों और यात्रियों पर पड़ने वाले असर को कम किया जा सकता है।
फ्लाइट स्लॉट में कटौती पर भी चिंता
विदेशी एयरलाइंस ने 2027 के ग्रीष्मकालीन उड़ान शेड्यूल को लेकर भी चिंता जताई है। वे नहीं चाहतीं कि उनकी उड़ानों के स्लॉट में एकतरफा कटौती की जाए। एयरलाइंस का कहना है कि किसी भी बदलाव में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के स्लॉट आवंटन नियमों का पालन होना चाहिए।
इसलिए उड़ानों को नवी मुंबई एयरपोर्ट पर शिफ्ट करने का फैसला केवल एयरपोर्ट ऑपरेटर की योजना पर निर्भर नहीं करेगा। इसमें एयरलाइंस की तैयारी, परिचालन व्यवस्था और नियामकीय नियमों की भी अहम भूमिका होगी।
टर्मिनल-1 के पुनर्निर्माण से क्या बदलेगा?
मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 के पुनर्निर्माण के बाद इसकी सालाना यात्री क्षमता 1.5 करोड़ से बढ़कर 2 करोड़ होने का लक्ष्य है। इसके साथ ही यात्रियों को विमान तक पहुंचाने के लिए सीधे जुड़े स्टैंड की संख्या 7 से बढ़ाकर 25 की जाएगी।
वहीं, चेक-इन काउंटरों की संख्या 74 से बढ़कर 109 और सामान प्राप्त करने वाली बेल्ट की संख्या 5 से बढ़ाकर 11 करने की योजना है। दोनों एयरपोर्ट की संयुक्त यात्री क्षमता 2030 तक सालाना 8.5 करोड़ करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके अलावा टर्मिनल-2 के उत्तर-पश्चिम हिस्से का भी विस्तार किया जाएगा। मार्च 2029 तक तैयार होने वाले इस हिस्से में घरेलू यात्रियों के लिए बस से विमान तक पहुंचने के चार नए बोर्डिंग गेट बनाए जाने की योजना है। इससे टर्मिनल-1 के निर्माण के दौरान घरेलू उड़ानों के संचालन में मदद मिलने की उम्मीद है।
भारतीय एयरलाइंस ने शुरू की तैयारी
विदेशी एयरलाइंस के साथ बातचीत के बीच कुछ भारतीय कंपनियों ने नवी मुंबई एयरपोर्ट से परिचालन की योजना बनाई है। इंडिगो फरवरी से जुलाई 2027 के बीच चरणबद्ध तरीके से अपनी 12 दैनिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को नवी मुंबई स्थानांतरित करने की योजना बना रही है। इनमें जेद्दा, रियाद, कुवैत, मस्कट और ढाका जैसे शहरों की उड़ानें शामिल हैं।
एयर इंडिया एक्सप्रेस दिसंबर से नवी मुंबई एयरपोर्ट से रोजाना चार घरेलू उड़ानें शुरू करने की योजना बना रही है। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने की तैयारी है। वहीं, अकासा एयर भी दिसंबर से मुंबई-जेद्दा उड़ानों को नए एयरपोर्ट पर स्थानांतरित करने की योजना बना रही है।
क्या 2027 तक हो जाएगा फैसला?
फिलहाल विदेशी एयरलाइंस और अडानी एयरपोर्ट्स के बीच अंतिम सहमति नहीं बनी है। टर्मिनल-1 का पुनर्निर्माण, उड़ानों के स्लॉट और नए एयरपोर्ट पर परिचालन की तैयारियां इस फैसले को प्रभावित करेंगी। इसलिए 2027 तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के स्थानांतरण की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है, लेकिन सभी विदेशी उड़ानों को नवी मुंबई शिफ्ट करने का कोई अंतिम निर्णय अभी सामने नहीं आया है।
अगर योजना लागू होती है, तो मुंबई के दोनों एयरपोर्ट के बीच उड़ानों का बंटवारा बदल सकता है। यात्रियों को टिकट बुक करते समय एयरपोर्ट का नाम और उड़ान की जानकारी ध्यान से जांचनी होगी, ताकि वे सही एयरपोर्ट पर पहुंच सकें।


