एनसीएलएटी में अदाणी की जीत पर लगी न्यायिक मुहर, वेदांता की अपील खारिज

NCLAT : एनसीएलएटी ने वेदांता की अपील खारिज कर जेएएल अधिग्रहण में अदाणी की योजना को सही ठहराया, सीओसी के फैसले को वैध माना।

Newstrack Network
Published on: 5 May 2026 10:29 AM IST
एनसीएलएटी में अदाणी की जीत पर लगी न्यायिक मुहर, वेदांता की अपील खारिज
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NCLAT rejects Vedanta's Plea: NCLAT ने वेदांता की अपील खारिज कर दी है और जेपी पर अदाणी के रिजॉल्‍यूशन प्‍लान को बरकरार रखा है

NCLAT: जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल) के अधिग्रहण को लेकर चल रही लंबी कानूनी लड़ाई में अदाणी समूह को निर्णायक जीत मिल गई है। राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने वेदांता लिमिटेड की अपील खारिज करते हुए स्पष्ट कर दिया कि ऋणदाताओं की समिति (सीओसी) द्वारा अदाणी एंटरप्राइजेज की योजना को चुनना पूरी तरह वैध, उचित और व्यावसायिक समझ पर आधारित था। यह फैसला अदाणी के पक्ष में एक स्पष्ट और निर्णायक जीत के रूप में देखा जा रहा है।

क्या है पूरा मामला

जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड पर करीब 57,185 करोड़ रुपये का कर्ज है। कंपनी को जून 2024 में इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रक्रिया में शामिल किया गया था। इसके बाद अधिग्रहण के लिए रेजोल्यूशन प्लान आमंत्रित की गईं। प्रमुख दावेदारों में अदाणी एंटरप्राइजेज, वेदांता और डालमिया भारत शामिल थे।

अदाणी की पेशकश को क्यों मिली प्राथमिकता

अदाणी एंटरप्राइजेज की समाधान योजना को सीओसी ने 89% वोट के साथ समर्थन दिया। यह आंकड़ा अपने आप में बताता है कि बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने अदाणी की योजना को सबसे अधिक भरोसेमंद, व्यावहारिक और निष्पादन योग्य माना। जानकारों की मानें, अदाणी समूह की मजबूत फाइनेंशियल कैपेसिटी, बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट का अनुभव, फेजवाइज टाइमलाईन की विश्वसनीयता ऐसे कारण रहे जिनसे उसे शुरुआत से ही बढ़त मिली। एनसीएलटी की इलाहाबाद पीठ ने 17 मार्च को अदाणी एंटरप्राइजेज की 14,535 करोड़ रुपये की समाधान योजना को मंजूरी दी थी। इसके खिलाफ वेदांता ने एनसीएलएटी में चुनौती दी, लेकिन अब अपीलीय न्यायाधिकरण ने भी अदाणी के चयन को सही ठहराते हुए वेदांता की अपील खारिज कर दी।

वेदांता की दलीलें क्यों नहीं चलीं

वेदांता ने दावा किया था कि उसकी बोली सकल मूल्य के आधार पर करीब 3,400 करोड़ रुपये अधिक और शुद्ध वर्तमान मूल्य के आधार पर लगभग 500 करोड़ रुपये अधिक थी। कंपनी ने इसी आधार पर चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए। हालांकि एनसीएलएटी ने साफ किया कि रेजोल्यूशन प्लान का मूल्यांकन केवल अधिक राशि के आधार पर नहीं किया जा सकता। व्यावहारिकता, भविष्य की स्थिरता ,रिस्क और परफॉर्मेंस कैपेबिलिटी जैसे पहलू भी उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं।

एडेंडम ने कमजोर किया वेदांता का पक्ष

इस मामले में निर्णायक मोड़ वेदांता द्वारा भेजे गए एडेंडम (किसी दस्तावेज़, अनुबंध या रिपोर्ट के अंत में जोड़ी गई अतिरिक्त जानकारी या सुधार है) को लेकर आया। एनसीएलएटी ने कहा कि वेदांता ने 14 अक्टूबर 2025 को अंतिम समाधान योजना जमा करने के बाद 8 नवंबर 2025 को जो एडेंडम भेजा, वह केवल स्पष्टीकरण नहीं था बल्कि मूल योजना में बदलाव करने वाला दस्तावेज था। अदालत ने माना कि इस तरह फाइनल प्लान के बाद बदलाव स्वीकार करना प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। इसी वजह से 14 नवंबर 2025 को सीओसी की 24वीं बैठक में इसे विचार में नहीं लिया गया और एनसीएलएटी ने इस निर्णय को पूरी तरह सही ठहराया।

सीओसी का निर्णय सर्वोपरि: एनसीएलएटी

एनसीएलएटी ने कहा कि सीओसी का निर्णय व्यावसायिक विवेक के दायरे में आता है और इसे मनमाना या अनुचित नहीं कहा जा सकता। न्यायाधिकरण ने यह भी माना कि सीओसी ने सभी योजनाओं का समग्र मूल्यांकन किया और फिर फैसला लिया। वेदांता ने सोल्यूशन प्रोफेशनल की भूमिका पर भी सवाल उठाए थे, लेकिन एनसीएलएटी ने स्पष्ट किया कि प्रक्रिया में कोई महत्वपूर्ण अनियमितता नहीं हुई। इससे यह भी साबित हुआ कि समाधान प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुरूप चली।

अदाणी की बढ़त क्यों निर्णायक मानी जा रही है?

जेएएल के पास ग्रेटर नोएडा में जेपी ग्रीन्स जैसी बड़ी रियल एस्टेट परियोजनाएं, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में सीमेंट प्लांट, चूना पत्थर की खदानें और कई सब्सिडियरी कंपनियों में निवेश है। ऐसे बड़े और जटिल एसेट ग्रुप को संभालने के लिए जिस क्षमता और अनुभव की जरूरत है, वह अदाणी समूह के पास पहले से मौजूद है। इसी वजह से बैंक और ऋणदाता शुरुआत से अदाणी को सबसे मजबूत विकल्प मानते रहे। एनसीएलएटी के इस आदेश के बाद जेपी मामले में अदाणी की स्थिति और मजबूत हो गई है। अदालत के फैसले ने यह संदेश भी साफ कर दिया कि सीओसी के व्यावसायिक निर्णय को चुनौती देना आसान नहीं है, खासकर जब प्रक्रिया पारदर्शी हो और नियमों के अनुसार चली हो। कुल मिलाकर यह निर्णय अदाणी के लिए एक स्पष्ट जीत है, जिससे जेएएल अधिग्रहण की राह अब काफी हद तक साफ हो गई है।

Shalini Rai

Shalini Rai

Mail ID - raishalini910@gmail.com

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